गाजियाबाद। ग्राम अटौर, नंगला फिरोज मोहनपुर, शमशेर, मथुरापुर, चंपतनगर, भोवापुर और भनैड़ा खुर्द के गांव वालों ने प्रस्तावित सर्किल रेट पर आपत्ति जताते हुए शुक्रवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। उनका आरोप है कि कृषि भूमि की अनदेखी की गई है, जिससे नाराजगी है। रणवीर सिंह प्रधान ने कहा कि आवासीय, व्यावसायिक और कृषि भूमि के रेट 10 से 40 प्रतिशत तक बढ़ाए गए हैं। लेकिन कृषि भूमि को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया है। उनका कहना है कि समानता के सिद्धांत के अनुसार गांवों की कृषि भूमि के सर्किल रेट में कम से कम 40 प्रतिशत की वृद्धि की जाए। अन्यथा, यह किसानों के मूल अधिकारों का हनन होगा और आंदोलन की चेतावनी दी गई है। मंतराम नागर, अमित कुमार प्रधान, दक्ष नागर ने कहा कि मथुरापुर, शमशेर, चंपतनगर, भोवापुर और नंगला फिरोज मोहनपुर जैसे गांवों में हरनंदीपुरम हाउसिंग टाउनशिप परियोजना के तहत पहले ही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है जहां सर्किल रेट से चार गुना अधिक मुआवजा निर्धारित किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि सर्किल रेट न बढ़ने से अधिग्रहण के समय भी उचित मूल्यांकन प्रभावित होगा। इस मामले में जिलाधिकारी ने कहा कि सभी आपत्तियों पर विचार किया जाएगा और आपत्तियों के आधार पर बदलाव किए जाएंगे। इस दौरान इंद्रपाल, अजय कुमार, महिपाल सिंह, विजय भाटी, सचिन कुमार मौजूद रहे।