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Ghaziabad News: मखाने के कारोबार की आड़ में चल रहा था फर्जी कॉल सेंटर, 17 युवतियों समेत 20 गिरफ्तार
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गाजियाबाद। स्वॉट टीम ने साहिबाबाद के राजेंद्रनगर में संचालित फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ करते हुए 17 युवतियों समेत 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरोह मखाने के कारोबार की आड़ में फर्जी कॉल सेंटर चलाकर बेरोजगार युवाओं को नौकरी दिलाने का झांसा देता था। गिरफ्तार युवतियों में कई बीबीए, बीसीए और एमबीए पास हैं।
पीड़ितों से रजिस्ट्रेशन, प्रोसेसिंग, इंटरव्यू और अन्य शुल्क के नाम पर रुपये वसूलकर फर्जी नियुक्ति पत्र जारी किए जाते थे। अब तक गिरोह के खिलाफ एनसीआरबी पोर्टल पर 24 शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं और करोड़ों रुपये की ठगी की आशंका जताई जा रही है।
डीसीपी धवल जायसवाल ने बताया कि मुख्य आरोपी अभिषेक जैन (25) ने राजेंद्रनगर में जैनसन इंटरनेशनल नाम से फर्म पंजीकृत करा रखी थी। पुलिस के अनुसार, वह अपनी पत्नी हिना, मामा सुनील जैन, पीयूष जैन और सलीम के साथ मिलकर फर्जी कॉल सेंटर संचालित करता था। यहां नियुक्त युवतियों और युवकों को नौकरी तलाश रहे अभ्यर्थियों से संपर्क करने का काम सौंपा जाता था।
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जांच में सामने आया कि गिरोह ने रोजगार उपलब्ध कराने वाली फाउंट इट और नौकरी डॉटकॉम जैसी वेबसाइटों का डेटा हासिल कर बेरोजगार युवाओं से संपर्क किया। फर्जी आईडी पर जारी सिम के जरिये कॉल कर अभ्यर्थियों को उनकी शैक्षिक योग्यता के अनुरूप नौकरी का झांसा दिया जाता था। इसके बाद उनसे रकम वसूल ली जाती थी।
बीसीए-बीबीए पास युवतियां करती थीं कॉलिंग
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार 17 युवतियों में कई बीसीए और बीबीए, जबकि कुछ 12वीं पास हैं। उन्हें 15 हजार से 30 हजार रुपये तक मासिक वेतन दिया जाता था। वेतन नकद दिया जाता था। पूछताछ में पता चला कि कॉल सेंटर में काम करने वाली कई युवतियां अपने परिवार और परिचितों को खुद को सॉफ्टवेयर इंजीनियर बताती थीं। जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह ने दिल्ली के युवाओं को सऊदी अरब और दुबई भेजने का झांसा देकर भी 50 हजार से एक लाख रुपये तक की ठगी की।
ये हुए गिरफ्तार
एसीपी अमित सक्सेना ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में अभिषेक जैन (25), हिना पंवार (24) निवासी राजेंद्रनगर शालीमार गार्डन, पीयूष जैन (30) निवासी शालीमार गार्डन, चिंटू कुमार (27) निवासी लोनी, आकांक्षा (31) निवासी शाहदरा दिल्ली, ज्योति (30) निवासी दिल्ली, वर्षा (23) निवासी शास्त्रीनगर गाजियाबाद, सीमा (19) निवासी लाजपतनगर, मुस्कान (24) निवासी टीला मोड़, आंचल जैन (29) निवासी शालीमार गार्डन, कविता (26) निवासी मीना एन्क्लेव लोनी, विनिता (22) निवासी टिहरी गढ़वाल उत्तराखंड, शालिनी (19) निवासी साहिबाबाद, निशा (23) निवासी शालीमार गार्डन, गीतांजलि (23) निवासी सीमापुरी दिल्ली, पूजा (28) निवासी टीला मोड़, कंचन (28) निवासी नंदग्राम, रोहिणी (36) निवासी सिद्धार्थ विहार विजयनगर, प्रिया सिंह (21) निवासी साहिबाबाद, तन्नू सिंह (19) निवासी सीमापुरी दिल्ली हैं।
ये सामान बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 12 लैपटॉप, 23 स्मार्टफोन, 12 कीपैड मोबाइल, 47 सिम कार्ड, 16 डेबिट कार्ड, 10 मुहरें, आठ चेकबुक, बड़ी संख्या में फर्जी वोटर कार्ड, दो प्रिंटर, 12 पावर एडॉप्टर, सात पेन ड्राइव और एक ऑडी कार बरामद की है। पुलिस का कहना है कि गिरोह के खिलाफ मिली शिकायतों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है और पीड़ितों की संख्या बढ़ सकती है।
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पीड़ितों से रजिस्ट्रेशन, प्रोसेसिंग, इंटरव्यू और अन्य शुल्क के नाम पर रुपये वसूलकर फर्जी नियुक्ति पत्र जारी किए जाते थे। अब तक गिरोह के खिलाफ एनसीआरबी पोर्टल पर 24 शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं और करोड़ों रुपये की ठगी की आशंका जताई जा रही है।
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डीसीपी धवल जायसवाल ने बताया कि मुख्य आरोपी अभिषेक जैन (25) ने राजेंद्रनगर में जैनसन इंटरनेशनल नाम से फर्म पंजीकृत करा रखी थी। पुलिस के अनुसार, वह अपनी पत्नी हिना, मामा सुनील जैन, पीयूष जैन और सलीम के साथ मिलकर फर्जी कॉल सेंटर संचालित करता था। यहां नियुक्त युवतियों और युवकों को नौकरी तलाश रहे अभ्यर्थियों से संपर्क करने का काम सौंपा जाता था।
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जांच में सामने आया कि गिरोह ने रोजगार उपलब्ध कराने वाली फाउंट इट और नौकरी डॉटकॉम जैसी वेबसाइटों का डेटा हासिल कर बेरोजगार युवाओं से संपर्क किया। फर्जी आईडी पर जारी सिम के जरिये कॉल कर अभ्यर्थियों को उनकी शैक्षिक योग्यता के अनुरूप नौकरी का झांसा दिया जाता था। इसके बाद उनसे रकम वसूल ली जाती थी।
बीसीए-बीबीए पास युवतियां करती थीं कॉलिंग
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार 17 युवतियों में कई बीसीए और बीबीए, जबकि कुछ 12वीं पास हैं। उन्हें 15 हजार से 30 हजार रुपये तक मासिक वेतन दिया जाता था। वेतन नकद दिया जाता था। पूछताछ में पता चला कि कॉल सेंटर में काम करने वाली कई युवतियां अपने परिवार और परिचितों को खुद को सॉफ्टवेयर इंजीनियर बताती थीं। जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह ने दिल्ली के युवाओं को सऊदी अरब और दुबई भेजने का झांसा देकर भी 50 हजार से एक लाख रुपये तक की ठगी की।
ये हुए गिरफ्तार
एसीपी अमित सक्सेना ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में अभिषेक जैन (25), हिना पंवार (24) निवासी राजेंद्रनगर शालीमार गार्डन, पीयूष जैन (30) निवासी शालीमार गार्डन, चिंटू कुमार (27) निवासी लोनी, आकांक्षा (31) निवासी शाहदरा दिल्ली, ज्योति (30) निवासी दिल्ली, वर्षा (23) निवासी शास्त्रीनगर गाजियाबाद, सीमा (19) निवासी लाजपतनगर, मुस्कान (24) निवासी टीला मोड़, आंचल जैन (29) निवासी शालीमार गार्डन, कविता (26) निवासी मीना एन्क्लेव लोनी, विनिता (22) निवासी टिहरी गढ़वाल उत्तराखंड, शालिनी (19) निवासी साहिबाबाद, निशा (23) निवासी शालीमार गार्डन, गीतांजलि (23) निवासी सीमापुरी दिल्ली, पूजा (28) निवासी टीला मोड़, कंचन (28) निवासी नंदग्राम, रोहिणी (36) निवासी सिद्धार्थ विहार विजयनगर, प्रिया सिंह (21) निवासी साहिबाबाद, तन्नू सिंह (19) निवासी सीमापुरी दिल्ली हैं।
ये सामान बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 12 लैपटॉप, 23 स्मार्टफोन, 12 कीपैड मोबाइल, 47 सिम कार्ड, 16 डेबिट कार्ड, 10 मुहरें, आठ चेकबुक, बड़ी संख्या में फर्जी वोटर कार्ड, दो प्रिंटर, 12 पावर एडॉप्टर, सात पेन ड्राइव और एक ऑडी कार बरामद की है। पुलिस का कहना है कि गिरोह के खिलाफ मिली शिकायतों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है और पीड़ितों की संख्या बढ़ सकती है।