{"_id":"64b6e8cb7d0442103a0fcda7","slug":"factory-flood-destroyed-everything-by-taking-loan-of-50-lakhs-ghaziabad-news-c-134-1-sbd1004-739-2023-07-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghaziabad News: 50 लाख लोन लेकर लगाई फैक्टरी बाढ़ ने सब कुछ खत्म किया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghaziabad News: 50 लाख लोन लेकर लगाई फैक्टरी बाढ़ ने सब कुछ खत्म किया
विज्ञापन
लोनी। ट्रॉनिका सिटी औद्योगिक क्षेत्र स्थित दिल्ली के एक कारोबारी ने बैंक से 50 लाख का लोन लेकर फैक्टरी में मशीन लगाई थी। बाढ़ के पानी ने फैक्टरी में रखी उन मशीनों को खराब कर दिया। पानी भरने से फैक्टरी में करीब 45 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। फैक्टरी मालिक पर लोन की किस्त भरने के लिए अब पैसे नहीं हैं। नुकसान होने के बाद पांच दिनों से फैक्टरी मालिक सोया नहीं है।
दिल्ली के मौजपुर में नजाकत अली की ट्रॉनिका सिटी सेक्टर बी-3 में कपड़े के लेबल (टैग) बनाने की फैक्टरी है। फैक्टरी में 12 मजदूर काम करते हैं। उन्होंने 2011 में ट्रॉनिका सिटी में फैक्टरी लगाई थी। उन्होंने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे बाढ़ का पानी फैक्टरी में आना शुरू हो गया था। फैक्टरी के अंदर कमरे में मशीन रूम है। यहां चार मशीन रखी है। उन्होंने मशीन रूम के बाहर पिन्नी लगाकर रेत के कट्टे रख दिए लेकिन अगले दिन फैक्टरी पहुंचे तो फैक्टरी में करीब दो फुट तक पानी भर चुका था। इससे चार मशीन, कीमती धागा समेत अन्य सामान खराब हो गया। मंगलवार को उनकी फैक्टरी से पानी निकल चुका है। फैक्टरी के बाहर अभी भी पानी भरा हुआ है।
उन्होंने बताया कि फैक्टरी शुरू करने के लिए उन्होंने सेकंड हैंड तीन मशीन खरीदी थीं। 2021 में उन्होंने एक और मशीन की जरूरत थी। नई मशीन करीब डेढ़ करोड़ रुपये की है। उन्होंने मशीन खरीदने के लिए बैंक से करीब 50 लाख रुपये का लोन लिया था। करीब 85 हजार रुपये महीना की किस्त वह हर महीने जमा कर रहे थे। सात साल उन्हें किस्त भरनी थी। वह दो साल ही किस्त भर सके हैं।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि फैक्टरी के नुकसान को लेकर वह पांच दिनों से सोए नहीं है। उनके पिता नजमुलहसन की फैक्टरी के नुकसान को देखते हुए तबीयत खराब हो गई। अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। उन्होंने बताया कि पूरा परिवार फैक्टरी में काम करता है।
विज्ञापन
दिल्ली के मौजपुर में नजाकत अली की ट्रॉनिका सिटी सेक्टर बी-3 में कपड़े के लेबल (टैग) बनाने की फैक्टरी है। फैक्टरी में 12 मजदूर काम करते हैं। उन्होंने 2011 में ट्रॉनिका सिटी में फैक्टरी लगाई थी। उन्होंने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे बाढ़ का पानी फैक्टरी में आना शुरू हो गया था। फैक्टरी के अंदर कमरे में मशीन रूम है। यहां चार मशीन रखी है। उन्होंने मशीन रूम के बाहर पिन्नी लगाकर रेत के कट्टे रख दिए लेकिन अगले दिन फैक्टरी पहुंचे तो फैक्टरी में करीब दो फुट तक पानी भर चुका था। इससे चार मशीन, कीमती धागा समेत अन्य सामान खराब हो गया। मंगलवार को उनकी फैक्टरी से पानी निकल चुका है। फैक्टरी के बाहर अभी भी पानी भरा हुआ है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि फैक्टरी शुरू करने के लिए उन्होंने सेकंड हैंड तीन मशीन खरीदी थीं। 2021 में उन्होंने एक और मशीन की जरूरत थी। नई मशीन करीब डेढ़ करोड़ रुपये की है। उन्होंने मशीन खरीदने के लिए बैंक से करीब 50 लाख रुपये का लोन लिया था। करीब 85 हजार रुपये महीना की किस्त वह हर महीने जमा कर रहे थे। सात साल उन्हें किस्त भरनी थी। वह दो साल ही किस्त भर सके हैं।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि फैक्टरी के नुकसान को लेकर वह पांच दिनों से सोए नहीं है। उनके पिता नजमुलहसन की फैक्टरी के नुकसान को देखते हुए तबीयत खराब हो गई। अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। उन्होंने बताया कि पूरा परिवार फैक्टरी में काम करता है।