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अतिक्रमण ने फिर बिगाड़ी शहर की सूरत
अमर उजाला ब्यूरो/ गाजियाबाद
Updated Mon, 10 Apr 2017 12:23 AM IST
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अतिक्रमण
- फोटो : अमर उजाला
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जिला प्रशासन और नगर निगम का अतिक्रमण के खिलाफ अभियान शुरू तो हुआ, लेकिन असर नहीं दिख रहा। एक बार बाजारों से अतिक्रमण हटाकर अफसर दोबारा वहां नहीं पहुंचे। यही वजह है कि अब रमतेराम रोड, बजरिया, घंटाघर, पुरानी सब्जी मंडी समेत उन सभी जगहों पर फिर से अतिक्रमण हो गया है, जहां से 15 दिन पहले हटाया गया था।
अतिक्रमण से जूझ रहे शहर की बदहाली के लिए सरकारी अधिकारी भी जिम्मेदार हैं। बाजारों-कालोनियों के बीच लग रहे ठेले, खोखे, अवैध दुकानों से वसूली की जाती है। यह रकम सरकारी विभागों के खातों में नहीं बल्कि निगम और कुछ पुलिसकर्मियों की जेब में जाता है।
ठेले-खोखे वाले लोग इनकी मुठ्ठी जितनी गर्म करते हैं, उन्हें उतना ही ज्यादा अतिक्रमण करने की इजाजत मिल जाती है। निगम और पुलिस के सीनियर अफसर कभी इन बाजारों की हालत देखने की जहमत नहीं उठाते।
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पुराना बस अड्डे के आसपास जो ठेले और खोखे बीते दिनों हटा दिए गए थे, वह अब फिर लग गए हैं। यहां फुटपाथ चाय, खाद्य पदार्थ, फल और जूस के ठेले वालों ने कब्जा लिए हैं। पुरानी सब्जी मंडी में बीच सड़क पर ठेले-खोखे लग गए हैं।
घंटाघर पर जवाहर गेट के दोनों ओर ठेले वालों का कब्जा है। यही नहीं कविनगर सी-ब्लाक मार्केट, रेलवे स्टेशन, संजय नगर समेत अधिकांश बाजारों में अवैध ठेले, खोले फिर से लगा लिए गए हैं।
दुकानों के बाहर किराए पर दिए ठिए
अतिक्रमण के लिए पुलिस और नगर निगम के कर्मचारी ही नहीं कुछ दुकानदार भी शामिल हैं। कई बाजारों में दुकानदारों ने अपनी दुकानों के बाहर ठेले लगाने के लिए ठिए किराए पर दे रखे हैं। इनसे रोजाना या मासिक किराया लिया जाता है।
दुकानदारों ने अतिक्रमण हटा लिया है। अब नाली से आगे सामान नहीं निकाला जा रहा। ठेले-खोखे और सड़कों पर गाड़ी पार्क कर दिए जाने से जाम लग रहा है। अगर पुलिस फिर अभियान चलाती है तो हम उनका समर्थन करेंगे। - राकेश स्वामी, अध्यक्ष, रमते राम रोड व्यापार मंडल
यातायात में अतिक्रमण को बाधक नहीं बनने देंगे। अगर दोबारा अतिक्रमण किया गया है तो न सिर्फ अतिक्रमण ध्वस्त किया जाएगा, बल्कि जुर्माना भी वसूला जाएगा। - अब्दुल समद, नगरायुक्त
फिर से सर्वे कराया जाएगा अगर किसी दुकानदार, ठेले, खोखे वाले ने फिर से अतिक्रमण किया है तो इस बार एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। दुकानदार स्वयं अतिक्रमण हटा लें। - निधि केसरवानी, डीएम
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अतिक्रमण से जूझ रहे शहर की बदहाली के लिए सरकारी अधिकारी भी जिम्मेदार हैं। बाजारों-कालोनियों के बीच लग रहे ठेले, खोखे, अवैध दुकानों से वसूली की जाती है। यह रकम सरकारी विभागों के खातों में नहीं बल्कि निगम और कुछ पुलिसकर्मियों की जेब में जाता है।
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ठेले-खोखे वाले लोग इनकी मुठ्ठी जितनी गर्म करते हैं, उन्हें उतना ही ज्यादा अतिक्रमण करने की इजाजत मिल जाती है। निगम और पुलिस के सीनियर अफसर कभी इन बाजारों की हालत देखने की जहमत नहीं उठाते।
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पुराना बस अड्डे के आसपास जो ठेले और खोखे बीते दिनों हटा दिए गए थे, वह अब फिर लग गए हैं। यहां फुटपाथ चाय, खाद्य पदार्थ, फल और जूस के ठेले वालों ने कब्जा लिए हैं। पुरानी सब्जी मंडी में बीच सड़क पर ठेले-खोखे लग गए हैं।
घंटाघर पर जवाहर गेट के दोनों ओर ठेले वालों का कब्जा है। यही नहीं कविनगर सी-ब्लाक मार्केट, रेलवे स्टेशन, संजय नगर समेत अधिकांश बाजारों में अवैध ठेले, खोले फिर से लगा लिए गए हैं।
दुकानों के बाहर किराए पर दिए ठिए
अतिक्रमण के लिए पुलिस और नगर निगम के कर्मचारी ही नहीं कुछ दुकानदार भी शामिल हैं। कई बाजारों में दुकानदारों ने अपनी दुकानों के बाहर ठेले लगाने के लिए ठिए किराए पर दे रखे हैं। इनसे रोजाना या मासिक किराया लिया जाता है।
दुकानदारों ने अतिक्रमण हटा लिया है। अब नाली से आगे सामान नहीं निकाला जा रहा। ठेले-खोखे और सड़कों पर गाड़ी पार्क कर दिए जाने से जाम लग रहा है। अगर पुलिस फिर अभियान चलाती है तो हम उनका समर्थन करेंगे। - राकेश स्वामी, अध्यक्ष, रमते राम रोड व्यापार मंडल
यातायात में अतिक्रमण को बाधक नहीं बनने देंगे। अगर दोबारा अतिक्रमण किया गया है तो न सिर्फ अतिक्रमण ध्वस्त किया जाएगा, बल्कि जुर्माना भी वसूला जाएगा। - अब्दुल समद, नगरायुक्त
फिर से सर्वे कराया जाएगा अगर किसी दुकानदार, ठेले, खोखे वाले ने फिर से अतिक्रमण किया है तो इस बार एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। दुकानदार स्वयं अतिक्रमण हटा लें। - निधि केसरवानी, डीएम