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एटलस कंपनी के बाहर फिर फूटा कर्मचारियों का गुस्सा, प्रदर्शन

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Wed, 24 Jun 2020 04:30 PM IST
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एटलस कंपनी के बाहर फिर फूटा यूनियन-कर्मचारियों का गुस्सा,चैन बनाकर प्रदर्शन
एटलस कंपनी के बाहर फिर फूटा यूनियन-कर्मचारियों का गुस्सा,चैन बनाकर प्रदर्शन - 3 जुलाई को क्लेक्ट्रेट, तहसील, श्रम विभाग और विधानसभा के बाहर प्रदर्शन का ऐलनान - पुलिस ने कर्मचारियों को समझा-बुझाकर कराया शांत - यूनियन ने लंबी लड़ाई के लिए कर्मचारियों को तैयार रहने के लिए कहा
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माई सिटी रिपोर्टर  साहिबाबाद। आर्थिक संकट में बंद साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र साइट-4 की एटलस कंपनी के यूनियन कर्मचारियों का प्रबंधन के खिलाफ बुधवार को फिर गुस्सा फूट पड़ा। गुस्साए कर्मचारियों ने कंपनी के गेट पर ही सीटू के बैनर तले एक दूूसरे का हाथ पकड़ चेन बनाने के बाद नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। सूचना पर पहुंची लिंक रोड पुलिस ने कर्मचारियों को समझा-बुझाकर शांत कर घर भेज दिया। इस बीच यूनियन ने कर्मचारियों को लंबी लड़ाई लड़ने के संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया।  सीटू जिला कमेटी के महासचिव जेपी शुक्ला ने बताया कि साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र साइट-4 स्थित एटलस साइकिल (हरियाणा) लिमिटेड में परमानेंट और कॉन्ट्रेक्ट बेस पर करीब एक हजार कर्मचारी काम करते हैं। इन सभी को कंपनी प्रबंधन ने बीती 3 जून को ले-ऑफ लागू करते हुए अनिश्चितकाल के लिए काम से विरत कर दिया। ऐसे में रोजगार को लेकर चिंतित कर्मचारियों में परेशानी बढ़ी हुई है। मामले में यूनियन ने श्रम विभाग के प्रमुख सचिव और अन्य अधिकारियों को पत्र लिखकर शिकायत की थी। जिसमें अभी तक कोई निष्कर्ष ना निकलने से कर्मचारियों के होश उड़े हुए हैं। आने वाले दिनों में उन्हें अपने परिवार का गुजर-बसर करने की चिंता सता रही है। इसको लेकर यूनियन ने मंगलवार को तमाम कर्मचारियों को प्रदर्शन में शामिल होने का ऐलान किया था। लिहाजा बुधवार को सीटू के बैनर तले कंपनी के करीब डेढ़ सौ कर्मचारी हाजिरी लगाने के बाद प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने कंपनी के बाहर नाराजगी व्यक्त करते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया। सूचना पर पहुंची लिंक रोड थाने की पुलिस ने कर्मचारियों को समझा कर वहां से सभी को हटा दिया। कर्मचारियों का कहना है कि लॉकडाउन में काम-कारोबार ना चलने से परिवार का गुजर-बसर करने में पहले ही दिक्कत आ रही थी। अब कंपनी की तरफ से बैठकी (ले-ऑफ ) लागू करने से हालात और बिगड़ रही है। इसको लेकर तमाम कर्मचारी परेशान हैं।  जेपी शुक्ला के मुताबिक, कोरोना महामारी की आड़ में उद्योगपतियों के हित में व्यापक रूप से श्रम कानून में बदलाव किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुराने श्रमिकों के काम से हटाकर आउट सोर्सिंग, ठेका प्रथा में रखकर काम लेने की नियत से नई परम्परा डालकर श्रम कानूनों को रौंदने का प्रयास किया जा रहा है। इस पर उन्होंने कर्मचारी यूनियन से संगठन को मजबूत करने के लिए अखिल भारतीय स्तर पर 3 जुलाई को जिला मुख्यालय, तहसील (ब्लॉक), श्रम विभाग और विधानसभा के समक्ष प्रदर्शन व धरना देने का आह्वान किया है। ------------------------------- सुमित कुमार
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