वायरल फीवर का हमला तेज: यूपी के इस जिले में रोज आ रहे 400 से अधिक मरीज, ठीक होने में लग रहे 15 से 20 दिन
मौसम में बदलाव के साथ ही लोगों को खांसी, वायरल बैक्टीरियल संक्रमण हो रहा है। ब्रोंकाइटिस के मामलों में भी बढ़ोतरी हुई है। सामान्य वायरल संक्रमण के अलावा मरीजों को पोस्ट-वायरल ब्रोंकाइटिस का भी सामना करना पड़ रहा है।
विस्तार
मौसम में बदलाव होने से वायरल के मरीज बढ़ गए हैं। स्थिति यह है कि हर तीसरे घर में लोग बुखार से पीड़ित हैं। कई स्कूल अभिभावकों को सूचना भेज रहे हैं कि अगर घर में कोई बुखार से बीमार है तो बच्चे को स्कूल न भेजें। एमएमजी अस्पताल में रोजाना 400 से 450 मरीज बुखार का इलाज कराने आ रहे हैं।
अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. संतराम वर्मा ने बताया कि मौसम में बदलाव के साथ ही लोगों को खांसी, वायरल बैक्टीरियल संक्रमण हो रहा है। ब्रोंकाइटिस के मामलों में भी बढ़ोतरी हुई है। सामान्य वायरल संक्रमण के अलावा मरीजों को पोस्ट-वायरल ब्रोंकाइटिस का भी सामना करना पड़ रहा है। इसमें बुखार उतरने के दो से तीन सप्ताह बाद भी फेफड़ों की एलर्जी हो रही है। बुखार, गले में खराश और सामान्य वायरल के मरीज तीन में 30 फीसदी बढ़े हैं।
स्वस्थ होने में लग रहे 15 से 20 दिन
आईएमए के प्रदेश सचिव व फिजिशियन डॉ.वीबी जिंदल ने बताया कि तापमान में अधिक अंतर के कारण वायरल बुखार, सर्दी, खांसी, जुकाम, जोड़ों के दर्द के मरीज बढ़े हैं, लेकिन इस बार वायरल मरीजों को अधिक परेशान कर रहा है। सामान्य तौर पर करीब 4-5 दिन में ठीक होने वाले वायरल से ठीक होने में अब मरीज को 15 से 20 दिन का समय लग रहा है। इसके बाद भी मरीज काफी दिन तक सूखी खांसी रहने से परेशान हैं। वायरल के कारण जोड़ो के दर्द की शिकायत दो से तीन महीने तक हो रही है।
ये है लक्षण
दिन गर्म और रात ठंडी होने से तापमान के बीच अंतर बढ़ गया है। इसमें रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी, खान-पान में बदलाव से कमजोर प्रतिराेधक क्षमता वाले लोगों को अधिक परेशानी हो रही है। एक- दो दिन तेज बुखार, लगातार खांसी, पसलियों में दर्द, थकावट खासकर शाम को, गले में दर्द और बेचैनी, नाक बंद होना, कान में दर्द की शिकायत।
इस तरह करें बचाव
घर से बाहर निकलने पर सर्द हवा से बचाव करें।
सुबह और शाम को सर्दी में गर्म कपड़े पहने।
बासी या खट्टी चीजें खाने से बचें।
मौसमी फलों का सेवन करें।
दिन में ढाई से तीन लीटर पानी पीएं।