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सरकारी अस्पतालों में दवाएं खत्म, मरीज बेहाल

Sat, 15 Apr 2017 12:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ गाजियाबाद
अमर उजाला ब्यूरो/ गाजियाबाद Updated Sat, 15 Apr 2017 12:03 AM IST
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Drugs in public hospitals, patient patient
Now Affordable treatment in BHU Hospital, 90 per cent of cheap medicines available - फोटो : demo
गर्मियों में एक ओर जहां मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, वहीं अस्पतालों में दवाएं खत्म हो रही हैं। सरकारी अस्पतालों में जहां एंटीबायोटिक दवाओं का स्टॉक पूरी तरह खत्म हो गया है। वहीं, सबसे ज्यादा मांग वाले आरएल फ्लूड, बच्चों के सीरप और दर्द के इंजेक्शन भी खत्म हो चुके हैं।
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शहर के सरकारी अस्पतालों का हाल बेहाल है। अस्पतालों में दवाओं की किल्लत के चलते सैकड़ों मरीजों की जान पर बन आई है। शासन से पिछले पांच महीने से बजट न मिलने से अस्पतालों को पर्याप्त दवा नहीं मिल रही है।
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वहीं, शासन का आदेश है कि चिकित्सक किसी हाल में बाहर की दवा न लिखें। ऐसे में मरीजों को खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। पिछले कई महीनों से अस्पताल उधार पर चल रहे थे, लेकिन अब कंपनियों ने उधार देना भी बंद कर दिया है।  
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एमएमजी में सभी एंटीबॉयोटिक दवाएं खत्म हो गई हैं। आई ड्रॉप क्लोरोफेनेकॉल, नॉरफ्लॉक्स, सिफ्लॉक्स के अलावा सभी एंटीबॉयोटिक और एंटी इन्फ्लेमेटरी दवाएं खत्म हैं। शुगर और हाई बीपी के मरीजों के लिए इस्तेमाल होने वाली फ्लूड आरएल भी खत्म है।

संयुक्त जिला अस्पताल में हालात और खराब हैं। मरीजों को डॉक्टर देख ले यही बहुत है, दवाएं यहां  भी खत्म के बराबर हैं। डॉक्टर किसी तरह उपलब्ध दवाओं को राशनिंग कर केवल अति गरीब मरीजों को देकर काम चला रहे हैं।  

रैबीज इंजेक्शन का फिर टोटा
गर्मियों में जहां कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, वहीं अस्पतालों में रैबीज के इंजेक्शन खत्म होने की कगार पर हैं। बीच में कुछ स्टाक आया था लेकिन अब फिर से दोनों अस्पतालों में एंटी रैबीज इंजेक्शन खत्म हैं। एमएमजी अस्पताल में ही एक दिन में कुत्ता काटे जाने के 150-200 तक मरीज आ जाते हैं।


रिजेंट खत्म, नहीं हो रही जांच
पिछले पंद्रह दिनों से एमएमजी लैब में रिजेंट खत्म होने के कारण कई पैथोलॉजी जांच नहीं हो पा रही है। खासकर किडनी प्रोफाइल के लिए केएफटी, एलएफटी आदि। इस मामले में सीएमएस का कहना है कि कंपनी ने भेज दिया है शनिवार तक आ जाने की संभावना है।

दवाओं के बजट के लिए लखनऊ तक का दौरा
दवाओं के बजट के लिए एमएमजी के सीएमएस डॉ. जेके त्यागी लखनऊ तक गए थे। उन्होंने बताया कि शासन से दो चार दिनों दवाओं का बजट मिलने का आश्वासन दिया गया है।
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