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Ghaziabad News: डीआरडीओ का चीफ साइंटिस्ट बन ठग लिए 6.70 करोड़ रुपये
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साहिबाबाद। खुद को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) का चीफ साइंटिस्ट बताकर जालसाजों ने विक्रम एंक्लेव निवासी प्रॉपर्टी डीलर दिलावर सिंह चौहान से 6.70 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। शातिरों ने राइस पुलर मशीन (चावल खींचने वाला यंत्र) की खरीदारी में निवेश के नाम पर वारदात काे अंजाम दिया। पुलिस कमिश्नर से शिकायत के बाद मामले में शालीमार गार्डन थाना पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
दिलावर सिंह चौहान ने बताया कि प्रॉपर्टी डीलिंग के कारोबार में उनकी मुलाकात वर्ष 2016 में नरेंद्र मिश्रा और अजीत उपाध्याय से हुई थी। नरेंद्र मिश्रा ने खुद को डीआरडीओ का प्रमुख वैज्ञानिक बताते हुए प्रॉपर्टी डीलिंग का साइड बिजनेस करने की बात कही। कुछ दिन बाद नरेंद्र ने अपने साथी रिंकू, टिंकू, चिराग खुराना और अमित त्यागी से उन्हें मिलवाया और साथियों को भी डीआरडीओ का वैज्ञानिक बताया। इसके बाद नरेंद्र मिश्रा ने उन्हें राइस पुलर के कारोबार में निवेश करने की सलाह दी।
झांसे में लेने के लिए आरोपी ने उन्हें यह भी बताया कि राइस पुलर का इस्तेमाल नासा और इसरो करती हैं। यह संस्थान इसे महंगी कीमत में खरीदती हैं। उनकी अमेरिका और ब्रिटेन की कंपनियों से इस कारोबार में साझेदारी की बात चल रही है। निवेश करने पर करीब 30-40 हजार करोड़ रुपये का मुनाफा होगा। यकीन दिलाने के लिए आरोपी उन्हें कलकत्ता स्थित कथित डीआरडीओ कार्यालय भी ले गए। पूरी तरह झांसे में फंसाने के बाद आरोपियों ने 6.70 करोड़ रुपये ऐंठ लिए। तकादा करने पर आरोपी 50-60 लाख वापस भी कर चुके हैं।
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दिलावर सिंह चौहान ने बताया कि प्रॉपर्टी डीलिंग के कारोबार में उनकी मुलाकात वर्ष 2016 में नरेंद्र मिश्रा और अजीत उपाध्याय से हुई थी। नरेंद्र मिश्रा ने खुद को डीआरडीओ का प्रमुख वैज्ञानिक बताते हुए प्रॉपर्टी डीलिंग का साइड बिजनेस करने की बात कही। कुछ दिन बाद नरेंद्र ने अपने साथी रिंकू, टिंकू, चिराग खुराना और अमित त्यागी से उन्हें मिलवाया और साथियों को भी डीआरडीओ का वैज्ञानिक बताया। इसके बाद नरेंद्र मिश्रा ने उन्हें राइस पुलर के कारोबार में निवेश करने की सलाह दी।
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झांसे में लेने के लिए आरोपी ने उन्हें यह भी बताया कि राइस पुलर का इस्तेमाल नासा और इसरो करती हैं। यह संस्थान इसे महंगी कीमत में खरीदती हैं। उनकी अमेरिका और ब्रिटेन की कंपनियों से इस कारोबार में साझेदारी की बात चल रही है। निवेश करने पर करीब 30-40 हजार करोड़ रुपये का मुनाफा होगा। यकीन दिलाने के लिए आरोपी उन्हें कलकत्ता स्थित कथित डीआरडीओ कार्यालय भी ले गए। पूरी तरह झांसे में फंसाने के बाद आरोपियों ने 6.70 करोड़ रुपये ऐंठ लिए। तकादा करने पर आरोपी 50-60 लाख वापस भी कर चुके हैं।
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