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घरेलू हिंसा : छह साल में इस बार आए सबसे ज्यादा मामले
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घरेलू हिंसा : छह साल में इस बार आए सबसे ज्यादा मामले
गाजियाबाद। देश की राजधानी दिल्ली से सटे गाजियाबाद में महिलाओं के साथ घरेलू हिंसा के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। छह साल पहले 2017 में वन स्टॉप सेंटर खुलने के बाद इस बार सबसे ज्यादा 714 शिकायतें दर्ज की गई हैं। छह साल में मामले चार गुना से ज्यादा बढ़ गए हैं। औसतन रोज दो शिकायतें हैं। सेंटर पर आ रही कुल शिकायतों में से 70 फीसदी घरेलू हिंसा की ही हैं। दुष्कर्म, छेड़छाड़ और अपहरण जैसे 30 फीसदी केस ऐसे हैं जिनमें महिलाओं के साथ हिंसा घर के बाहर की गई है। कुल मामलों में 10 फीसदी हाईप्रोफाइल माने जाने वाले परिवारों से आ रहे हैं।
आंकड़ों से पता चलता है कि घरेलू हिंसा रोकने के लिए चलाए जा रहे अभियानों के दावों में कितना दम है? हालांकि, पुलिस परामर्श केंद्र की तरह वन स्टाॅप सेंटर पर भी महिला हिंसा के आधे से ज्यादा मामलों में काउंसिलिंग के जरिए पति-पत्नी में समझौता करा दिया जाता है लेकिन कई मामले ऐसे आए हैं जिनमें केस दर्ज कराना पड़ा है। छोटी-छोटी बातों पर पति के पिटाई करने की शिकायतें भी हैं। पांच फीसदी से ज्यादा केस में शादी को 10 साल से ज्यादा हो चुके हैं। दो मामलों में शादी के 15 साल बाद शिकायत दर्ज कराई गई है। महिलाओं के साथ घर के अंदर और घर के बाहर हिंसा दोनों तरह के मामले बढ़े हैं। दोनों तरह के मामले मिलाकर भी इस बार रिकॉर्ड टूटा है। इससे पहले कोरोना की पहली लहर के दौरान लॉकडाउन के समय सबसे ज्यादा केस आए थे। इस बार उससे भी ज्यादा 1336 हैं।
12 गुना तक बढ़ी घर के बाहर हिंसा
2017 में कुल 49 केस दर्ज किए गए थे। इस बार 12 गुना से ज्यादा 622 मामले हैं। वन स्टॉप सेंटर पर ऐसे मामले अन्य में दर्ज किए जाते हैं। ऐसे केस पुलिस के पास भेज दिए जाते हैं। इनमें छेड़छाड़, अपहरण, दुष्कर्म और पिटाई करने के केस हैं । ऐसे ज्यादातर मामले सीधे थाने में जाते हैं।
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दो साल पहले नंबर वन पर था गाजियाबाद
वर्ष 2021-22 में महिला एवं बाल कल्याण विभाग द्वारा संचालित वन स्टॉप सेंटर में घरेलू हिंसा के मामलों में गाजियाबाद प्रदेश में नंबर एक पर था। वन स्टॉप सेंटर में आए महिला उत्पीड़न के कुल 1011 मामलों में 507 केस घरेलू हिंसा के दर्ज किए गए थे। घरेलू हिंसा में दूसरे स्थान पर लखनऊ और तीसरे नंबर पर मेरठ जनपद शामिल था।
केस-1
पति नकली किन्नर, करता है पिटाई
विजयनगर के कैला भट्टा की रहने वाली महिला ने वन स्टॉप सेंटर में शिकायत करके बताया है कि शादी को दो वर्ष हो गए हैं। उनका एक बेटा है। पति रोजाना शाम को किन्नर के वेश में कमाई करने के लिए निकल जाता है। इसका विरोध करने पर धमकी देता और हाथ भी उठाता है। महिला ने पति की हरकतों के खिलाफ कई साक्ष्य दिए हैं। आरोप है कि पति उसकी बातों को बिल्कुल ध्यान नहीं देता है। कहता है कहीं भी शिकायत कर ले, कुछ नहीं बिगड़ेगा। महिला का कहना है कि उसे तलाक चाहिए।
केस-2
बंधक बनाकर पीटा
कैला भट्टा से इसी महीने यह मामला आया था। महिला को ससुराल में बंधक बनाकर पीटा गया। वह सीढ़ी लगाकर घर के पास से स्कूल में पहुंची और शरण ली। इसके बाद मामला थाने और वन स्टॉप सेंटर पहुंचा। महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसके शरीर पर चोटों के निशान थे। महिला के सीढ़ी से स्कूल में जाने का वीडियो वायरल हुआ था। इसके बाद पुलिस उसकी ससुराल पहुंची तो आरोपी ताला लगाकर जा चुके थे।
दलील : जागरुकता से बढ़े केस
जिला कार्यक्रम अधिकारी विकास चंद्र का कहना है कि वन स्टॉप सेंटर पर केस इसलिए ज्यादा आ रहे हैं क्योंकि महिलाओं में जागरुकता बढ़ी है। वे पहले चुप रह जाती थीं, लेकिन अब घरेलू हिंसा होने पर आवाज उठा रही हैं। उन्हें जानकारी है कि शिकायत वन स्टॉप सेंटर पर करनी है। यहां क्विक रिस्पांस टीम भी है, जो जरुरत पड़ने पर तुरंत मदद करती है।
वर्ष घरेलू हिंसा अन्य कुल
2016-17 163 49 212
2017-18 388 203 591
2018-19 654 254 908
2019-20 612 318 930
2020-21 701 470 1171
2021-22 372 102 1011
2022 -23 714 622 1336
(वर्ष 2020-23 के 24 मार्च तक के मामले हैं। )
यहां करें शिकायत
7235004609 ( वन स्टॉप सेंटर )
या
112 ( पुलिस )
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गाजियाबाद। देश की राजधानी दिल्ली से सटे गाजियाबाद में महिलाओं के साथ घरेलू हिंसा के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। छह साल पहले 2017 में वन स्टॉप सेंटर खुलने के बाद इस बार सबसे ज्यादा 714 शिकायतें दर्ज की गई हैं। छह साल में मामले चार गुना से ज्यादा बढ़ गए हैं। औसतन रोज दो शिकायतें हैं। सेंटर पर आ रही कुल शिकायतों में से 70 फीसदी घरेलू हिंसा की ही हैं। दुष्कर्म, छेड़छाड़ और अपहरण जैसे 30 फीसदी केस ऐसे हैं जिनमें महिलाओं के साथ हिंसा घर के बाहर की गई है। कुल मामलों में 10 फीसदी हाईप्रोफाइल माने जाने वाले परिवारों से आ रहे हैं।
आंकड़ों से पता चलता है कि घरेलू हिंसा रोकने के लिए चलाए जा रहे अभियानों के दावों में कितना दम है? हालांकि, पुलिस परामर्श केंद्र की तरह वन स्टाॅप सेंटर पर भी महिला हिंसा के आधे से ज्यादा मामलों में काउंसिलिंग के जरिए पति-पत्नी में समझौता करा दिया जाता है लेकिन कई मामले ऐसे आए हैं जिनमें केस दर्ज कराना पड़ा है। छोटी-छोटी बातों पर पति के पिटाई करने की शिकायतें भी हैं। पांच फीसदी से ज्यादा केस में शादी को 10 साल से ज्यादा हो चुके हैं। दो मामलों में शादी के 15 साल बाद शिकायत दर्ज कराई गई है। महिलाओं के साथ घर के अंदर और घर के बाहर हिंसा दोनों तरह के मामले बढ़े हैं। दोनों तरह के मामले मिलाकर भी इस बार रिकॉर्ड टूटा है। इससे पहले कोरोना की पहली लहर के दौरान लॉकडाउन के समय सबसे ज्यादा केस आए थे। इस बार उससे भी ज्यादा 1336 हैं।
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12 गुना तक बढ़ी घर के बाहर हिंसा
2017 में कुल 49 केस दर्ज किए गए थे। इस बार 12 गुना से ज्यादा 622 मामले हैं। वन स्टॉप सेंटर पर ऐसे मामले अन्य में दर्ज किए जाते हैं। ऐसे केस पुलिस के पास भेज दिए जाते हैं। इनमें छेड़छाड़, अपहरण, दुष्कर्म और पिटाई करने के केस हैं । ऐसे ज्यादातर मामले सीधे थाने में जाते हैं।
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दो साल पहले नंबर वन पर था गाजियाबाद
वर्ष 2021-22 में महिला एवं बाल कल्याण विभाग द्वारा संचालित वन स्टॉप सेंटर में घरेलू हिंसा के मामलों में गाजियाबाद प्रदेश में नंबर एक पर था। वन स्टॉप सेंटर में आए महिला उत्पीड़न के कुल 1011 मामलों में 507 केस घरेलू हिंसा के दर्ज किए गए थे। घरेलू हिंसा में दूसरे स्थान पर लखनऊ और तीसरे नंबर पर मेरठ जनपद शामिल था।
केस-1
पति नकली किन्नर, करता है पिटाई
विजयनगर के कैला भट्टा की रहने वाली महिला ने वन स्टॉप सेंटर में शिकायत करके बताया है कि शादी को दो वर्ष हो गए हैं। उनका एक बेटा है। पति रोजाना शाम को किन्नर के वेश में कमाई करने के लिए निकल जाता है। इसका विरोध करने पर धमकी देता और हाथ भी उठाता है। महिला ने पति की हरकतों के खिलाफ कई साक्ष्य दिए हैं। आरोप है कि पति उसकी बातों को बिल्कुल ध्यान नहीं देता है। कहता है कहीं भी शिकायत कर ले, कुछ नहीं बिगड़ेगा। महिला का कहना है कि उसे तलाक चाहिए।
केस-2
बंधक बनाकर पीटा
कैला भट्टा से इसी महीने यह मामला आया था। महिला को ससुराल में बंधक बनाकर पीटा गया। वह सीढ़ी लगाकर घर के पास से स्कूल में पहुंची और शरण ली। इसके बाद मामला थाने और वन स्टॉप सेंटर पहुंचा। महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसके शरीर पर चोटों के निशान थे। महिला के सीढ़ी से स्कूल में जाने का वीडियो वायरल हुआ था। इसके बाद पुलिस उसकी ससुराल पहुंची तो आरोपी ताला लगाकर जा चुके थे।
दलील : जागरुकता से बढ़े केस
जिला कार्यक्रम अधिकारी विकास चंद्र का कहना है कि वन स्टॉप सेंटर पर केस इसलिए ज्यादा आ रहे हैं क्योंकि महिलाओं में जागरुकता बढ़ी है। वे पहले चुप रह जाती थीं, लेकिन अब घरेलू हिंसा होने पर आवाज उठा रही हैं। उन्हें जानकारी है कि शिकायत वन स्टॉप सेंटर पर करनी है। यहां क्विक रिस्पांस टीम भी है, जो जरुरत पड़ने पर तुरंत मदद करती है।
वर्ष घरेलू हिंसा अन्य कुल
2016-17 163 49 212
2017-18 388 203 591
2018-19 654 254 908
2019-20 612 318 930
2020-21 701 470 1171
2021-22 372 102 1011
2022 -23 714 622 1336
(वर्ष 2020-23 के 24 मार्च तक के मामले हैं। )
यहां करें शिकायत
7235004609 ( वन स्टॉप सेंटर )
या
112 ( पुलिस )