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Ghaziabad News: कागजों में कर दिया निस्तारण, मौके पर चल रहा अवैध निर्माण
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गाजियाबाद। नगर निगम में ऑनलाइन आ रहीं शिकायतों का कागजों में निस्तारण किया जा रहा है। विजयनगर जोन के वार्ड 48 में नगर निगम की जमीन पर कुछ लोग अवैध निर्माण कर रहे हैं। मामले में की गई शिकायत के बाद निगम ने अवैध निर्माण ढहा दिया। इसके बावजूद दोबारा से जनीन पर अवैध निर्माण किया जा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि निगम ने मामले को पोर्टल पर निस्तारित दिखा दिया है।
फरवरी में नगर निगम में शिकायत की गई थी कि निगम की जमीन पर कुछ लोग अवैध निर्माण कर रहे हैं। इसके बाद निगम की टीम ने मौके पर जाकर निर्माण को ध्वस्त करा दिया। 19 अप्रैल को शिकायतकर्ता योगेंद्र ने दोबारा अवैध निर्माण की शिकायत की। 22 अप्रैल को निगम के संपत्ति विभाग की ओर से तहसीलदार को पत्र लिखकर 23 मई को जमीन की पैमाइश कराने की मांग की गई। इसी के साथ निगम ने मामले का निस्तारण कर दिया। बावजूद इसके जमीन पर निर्माण चल रहा है।
आचार संहिता लगने के 20 दिन बाद तक निगम में 800 शिकायतें विभन्नि जोन से दर्ज की गईं। निगम का दावा है कि करीब सात सौ शिकायतों का निस्तारण कर दिया गया है। 110 शिकायतें मौजूदा समय में लंबित हैं। सबसे अधिक शिकायतें सीवर और नाले से संबंधित हैं।
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अधिकारी चुनाव में लौट रहे फरियादी
नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी चुनाव ड्यूटी में व्यस्त हो गए हैं। अधिकारियों के नहीं मिलने से फरियादी बैरंग वापस लौट रहे हैं। विजयनगर जोन से अजय सांगवान नाला ओवरफ्लो की समस्या लेकर नगर निगम पहुंचे थे लेकिन अधिकारी के नहीं मिलने पर वह लौट गए। राजेंद्र नगर से दिनेश कौशिक मेजर मोहित शर्मा चौक के पास अधूरे निर्माण से हो रही समस्या के समाधान के लिए पहुंचे थे लेकिन अधिकारी नहीं मिले तो लौट गए।
सबसे अधिक नाले और सीवर की समस्या
निगम के पोर्टल पर 110 शिकायतें हैं लंबित हैं। इनमें सीवर नाले से संबंधित शिकायतें 60 फीसदी हैं। मोहननगर जोन में सबसे अधिक नाला ओवरफ्लो होने और सीवर चोक होने की समस्या है। वसुंधरा दूसरे नंबर पर है। तीसरे नंबर पर विजयनगर, चौथे नंबर पर सिटी जोन और पांचवें नंबर पर कविनगर जोन है।
नगर आयुक्त डाॅ. नितिन गौड़ का कहना है कि शिकायतों का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण ढंग से किया जाता है। निस्तारण के बाद क्रास चेक किया जाता है। यदि कोई निगम की जमीन पर अवैध कब्जा कर रहा है तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। आईजीआरएस पोर्टल पर आने वाली सभी शिकायतों का समय से निस्तारण कर दिया गया है।
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फरवरी में नगर निगम में शिकायत की गई थी कि निगम की जमीन पर कुछ लोग अवैध निर्माण कर रहे हैं। इसके बाद निगम की टीम ने मौके पर जाकर निर्माण को ध्वस्त करा दिया। 19 अप्रैल को शिकायतकर्ता योगेंद्र ने दोबारा अवैध निर्माण की शिकायत की। 22 अप्रैल को निगम के संपत्ति विभाग की ओर से तहसीलदार को पत्र लिखकर 23 मई को जमीन की पैमाइश कराने की मांग की गई। इसी के साथ निगम ने मामले का निस्तारण कर दिया। बावजूद इसके जमीन पर निर्माण चल रहा है।
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आचार संहिता लगने के 20 दिन बाद तक निगम में 800 शिकायतें विभन्नि जोन से दर्ज की गईं। निगम का दावा है कि करीब सात सौ शिकायतों का निस्तारण कर दिया गया है। 110 शिकायतें मौजूदा समय में लंबित हैं। सबसे अधिक शिकायतें सीवर और नाले से संबंधित हैं।
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अधिकारी चुनाव में लौट रहे फरियादी
नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी चुनाव ड्यूटी में व्यस्त हो गए हैं। अधिकारियों के नहीं मिलने से फरियादी बैरंग वापस लौट रहे हैं। विजयनगर जोन से अजय सांगवान नाला ओवरफ्लो की समस्या लेकर नगर निगम पहुंचे थे लेकिन अधिकारी के नहीं मिलने पर वह लौट गए। राजेंद्र नगर से दिनेश कौशिक मेजर मोहित शर्मा चौक के पास अधूरे निर्माण से हो रही समस्या के समाधान के लिए पहुंचे थे लेकिन अधिकारी नहीं मिले तो लौट गए।
सबसे अधिक नाले और सीवर की समस्या
निगम के पोर्टल पर 110 शिकायतें हैं लंबित हैं। इनमें सीवर नाले से संबंधित शिकायतें 60 फीसदी हैं। मोहननगर जोन में सबसे अधिक नाला ओवरफ्लो होने और सीवर चोक होने की समस्या है। वसुंधरा दूसरे नंबर पर है। तीसरे नंबर पर विजयनगर, चौथे नंबर पर सिटी जोन और पांचवें नंबर पर कविनगर जोन है।
नगर आयुक्त डाॅ. नितिन गौड़ का कहना है कि शिकायतों का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण ढंग से किया जाता है। निस्तारण के बाद क्रास चेक किया जाता है। यदि कोई निगम की जमीन पर अवैध कब्जा कर रहा है तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। आईजीआरएस पोर्टल पर आने वाली सभी शिकायतों का समय से निस्तारण कर दिया गया है।