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Ghaziabad News: झूठ बोलकर परिचितों के खाते में जमा कराते थे ठगी की रकम... दो गिरफ्तार

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 09 Jan 2025 11:43 PM IST
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Deposited in acquaintance's account by lying 
Used to get the amount defrauded...two arrested
गाजियाबाद। मधुबन बापूधाम थाने की पुलिस ने बृहस्पतिवार को दो साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। ये दोनों मुंबई और छत्तीसगढ़ के गिरोह के लिए बैंक खाते मुहैया कराते हैं। इसके बदले ठगी की रकम में हिस्सा मिलता है, लेकिन दोनों ने एक बार भी अपने बैंक खाते में रकम नहीं मंगाई।
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शातिर अपराधी झूठ बोलकर अपने परिचितों के खाते में रकम मंगाते थे। जब परिचितों के खाते फ्रीज हुए, तब उनकी करतूत से पर्दा उठा। पुलिस ने दोनों के पास से 24.50 लाख रुपये कैश, पिस्टल, लैपटाॅप और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
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गिरफ्तार आरोपी संजयनगर का साईं वैभव और वीवीआईपी सोसायटी का निवासी निशांत त्यागी है। दोनों 12वीं पास हैं। पुलिस को खाते मुहैया कराने वाले इस गिरोह के सुमित, अक्षित वर्मा और अंकित की तलाश है। एसीपी कविनगर अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि मधुबन बापूधाम थाने में आठ जनवरी को अक्षित के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
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इस केस की जांच के दौरान ही पता चला कि अक्षित त्यागी के साथ ही साईं वैभव और निशांत त्यागी परिचितों के खाते में ठगी की रकम मंगाते हैं। दोनों को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई तो और खुलासे हुए। दोनों ने बताया कि वे छह महीने से खाते मुहैया करा रहे थे। खातों में जमा होने वाली ठगी की रकम में 30 फीसदी उन्हें मिलती थी।


सोने का कारोबार बताकर

ली बैंक खाते की जानकारी
एसीपी ने बताया कि आठ जनवरी को मधुबन बापूधाम थाने में केस दर्ज कराने वाले लक्ष्य शर्मा ने बताया कि अक्षित वर्मा उनका दोस्त है। वह कुछ दिन पहले मिला था। उसने कहा था कि सोने का कारोबार शुरू किया है। इसमें पैसा मंगाने के लिए एक बैंक खाता चाहिए। उस पर भरोसा कर उसे मां के खाते की जानकारी दे दी थी। मां के खाते में दो बार 50-50 हजार रुपये और दो बार पांच-पांच लाख रुपये आए।
अक्षित ने दस लाख निकाल लिए। एक लाख पांच अलग-अलग खातों में जमा करा दिए। इसके बाद बैंक ने मां का खाता फ्रीज कर दिया। जानकारी करने पर बताया कि खाते में साइबर ठगी की रकम आई है। एसीपी ने बताया कि इसी तरह संजयनगर के नितिन नेगी का खाते की जानकारी लेकर अक्षित ने 50 हजार रुपये मंगाए। नितिन का खाता भी फ्रीज हो गया है।


कौशल विकास के नाम पर खाते

खुलवाकर मंगाई ठगी की रकम
02 शातिर गिरफ्तार किए हैं पुलिस ने
50 लाख की रकम मंगवा चुके थे खातों में
21 एटीएम कार्ड बरामद किए दोनों से
गाजियाबाद। नंदग्राम पुलिस ने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के नाम पर लोगों के खाते खुलवाकर उनमें मोटी रकम मंगवाने वाले गिरोह के रवि चोपड़ा व मनीष को गिरफ्तार किया है। रवि चोपड़ा मूलरूप से छत्तीसगढ़ के कोरबा और मनीष नूरनगर सिहानी का रहने वाला है। रवि राजनगर एक्सटेंशन की सावे विला सोसायटी में किराये पर रह रहा था। एसीपी पूनम मिश्रा ने बताया कि रवि सोशल मीडिया के जरिये मनीष के संपर्क में आया। रवि के संपर्क में ही छत्तीसगढ़ के साइबर ठग हैं। रवि कुछ समय से गाजियाबाद में रह रहा है।

मनीष ने उसकी ऐसे लोगों से मिलवाने में मदद कि जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं। इसके बदले मनीष को ठगी की रकम में से 10 फीसदी देने का लालच दिया गया। दोनों 30 लोगों के खाते में अब तक 50 लाख से ज्यादा की रकम मंगवा चुके हैं। खाता खुलवाने के बाद वह उनके एटीएम कार्ड और चेकबुक अपने पास ही रख लेते थे। खाते में रकम आते ही उसको निकाल लेते थे। राधाकुंज कॉलोनी के करन ने शिकायत की तो पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी। इसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर उनसे 21 एटीएम कार्ड, बैंक पासबुक,छह सिम, लैपटॉप बरामद किए गए।
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