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शहीद सैनिकों के गृहकर समाप्त करने की मांग

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Thu, 06 Aug 2020 05:00 PM IST
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Demand to abolish house tax on martyred soldiers
माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। शहीद सैनिकों के गृहकर समाप्त करने की मांग को लेकर एक बैठक राष्ट्रीय सैनिक संस्था के माडल टाउन स्थित कार्यालय पर हुई। जिसमें कर्नल तेजेंद्र पाल त्यागी ने कहा कि गत 27 जनवरी 2011 को नगर निगम की बोर्ड बैठक में यह पारित किया गया था की सभी शहीदों के परिवारों और पदक विजेताओं का गृहकर समाप्त किया जाएगा। तत्कालीन महापौर आशु वर्मा ने घोषणा की थी की सभी सैनिको , पूर्व सैनिको और शहीदों के परिवारों का गृहकर चालू आर्थिक वर्ष 2017 - 18 से समाप्त किया जाएगा | नगर निगम में यह सवेंदना तब जाग्रत हुई थी जब छत्तीसगढ़ के सुकुमा में 25 सिपाही शहीद हुए थे और जब भारत के दो सिपाहियों के सर काट लिए गये थे | उस समय नगर निगम ने यह कह कर अपनी पीठ थप थपाई थी की उत्तर प्रदेश में गाज़ियाबाद पहला शहर होगा जहां सैनिको के लिए गृहकर माफ़ी की गई हैं। लेकिन उसके बाद भी अभी तक सैनिकों के गृहकर समाप्त नहीं किए गए। उन्होंने नगर निगम पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया। राष्ट्रीय सैनिक संस्था राष्ट्रीय सचिव राजेन्द्र बगासी ने कहा कि भारत के तात्कालिक रक्षामंत्री मुलायम सिंह यादव ने पूर्व सैनिकोें के लिए गृहकर माफ़ी की घोषणा की थी। लेकिन अभी तक प्रदेश सरकार ने उप्र में शहीद और पूर्व सैनिकों के गृहकर माफ नहीं किए हैं। इस संबंध में राष्ट्रीय सैनिक संस्था की तरफ से सरकार और प्रशासन से मांग की है कि गाज़ियाबाद के शहीद सैनिकों के परिवारों का गृहकर तुरंत समाप्त किया जाये और पहले ही वसूल किया जा चुका गृहकर ब्याज सहित सम्बंधित व्यक्तियों को वापस किया जाए।
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