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Ghaziabad News: 30 सितंबर तक ई-केवाईसी नहीं कराई तो व्यावसायिक दरों पर खरीदना होगा सिलिंडर
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गाजियाबाद। चार बार मौका दिए जाने के बाद भी जिन एलपीजी उपभोक्ताओं ने अभी तक ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी नहीं कराई है, उनके पास इसका आखिरी मौका है। 30 सितंबर इसकी तारीख निर्धारित की गई है। इसके बाद इन उपभोक्ताओं को व्यावसायिक दरों पर सिलिंडर खरीदना होगा।
तेल कंपनियों ने गैस वितरकों के साथ बैठक कर ई-केवाईसी की प्रक्रिया में तेजी लाने के आदेश दिए हैं। जिले में 100 से अधिक गैस एजेंसियों पर 12 लाख से अधिक गैस उपभोक्ता हैं। जून तक करीब ढाई लाख उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी न होने के कारण सिलिंडर की आपूर्ति रोक दी गई। इस दौरान नए कनेक्शन देने पर भी रोक लगा दी गई। तेल कंपनियों ने पहली बार 15 अगस्त तक ई-केवाईसी कराने की मियाद घोषित की थी। दूसरी बार इसकी तारीख 23 अगस्त, तीसरी बार सात सितंबर और फिर 14 सितंबर तक का मौका दिया गया। 14 सितंबर निकलने के बाद भी डेढ़ लाख उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी का काम पूरा नहीं हो पाया। इसी वजह से अब कंपनियों ने आखिरी मौका इन उपभोक्ताओं को दिया है। इस बारे में जिला पूर्ति अधिकारी अमित तिवारी ने बताया कि तेल कंपनियों के साथ वितरकों को भी कहा गया है कि वह अधिक से अधिक लोगों की ई-केवाईसी कराएं। यदि कोई उपभोक्ता कहीं बाहर रहता है तो वह अपने नजदीकी वितरक के यहां जाकर भी ई-केवाईसी की प्रक्रिया को पूरा करा सकता है। इसके अलावा कंपनियों के एप को डाउनलोड करके वहां अपनी आईडी बनाकर भी उपभोक्ता अपनी ई-केवाईसी की प्रक्रिया को खुद भी पूरी कर सकता है। यह पूरी तरह सुरक्षित और आसान है।
सत्यापन करा रहा है आपूर्ति विभाग : बार-बार मौका देने के बाद भी ईकेवाईसी की प्रक्रिया पूरी न करने वाले उपभोक्ताओं का आपूर्ति विभाग ने सत्यापन भी शुरू कराया है। आशंका है कि इन डेढ़ लाख उपभोक्ताओं में से या तो बड़ी संख्या में लोगों का निधन हो गया है या फिर वह शहर छोड़कर चले गए हैं। सत्यापन पूरा होने के बाद इन कनेक्शनों को स्थाई रूप से बंद करने पर विचार किया जाएगा। पूर्ति अधिकारी ने बताया कि कई लोगों के नंबर बदल चुके हैं। उन्होंने अपने नए नंबर अपडेट नहीं कराए। इसलिए इनसे संपर्क नहीं होने से सही स्थिति का पता नहीं चल पा रहा है। ई-केवाईसी बंद होने के बाद कई उपभोक्ता कार्यालय आ रहे थे तो इसको देखते हुए तेल कंपनियों से बात कर एक मौका और दिया गया है।
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तेल कंपनियों ने गैस वितरकों के साथ बैठक कर ई-केवाईसी की प्रक्रिया में तेजी लाने के आदेश दिए हैं। जिले में 100 से अधिक गैस एजेंसियों पर 12 लाख से अधिक गैस उपभोक्ता हैं। जून तक करीब ढाई लाख उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी न होने के कारण सिलिंडर की आपूर्ति रोक दी गई। इस दौरान नए कनेक्शन देने पर भी रोक लगा दी गई। तेल कंपनियों ने पहली बार 15 अगस्त तक ई-केवाईसी कराने की मियाद घोषित की थी। दूसरी बार इसकी तारीख 23 अगस्त, तीसरी बार सात सितंबर और फिर 14 सितंबर तक का मौका दिया गया। 14 सितंबर निकलने के बाद भी डेढ़ लाख उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी का काम पूरा नहीं हो पाया। इसी वजह से अब कंपनियों ने आखिरी मौका इन उपभोक्ताओं को दिया है। इस बारे में जिला पूर्ति अधिकारी अमित तिवारी ने बताया कि तेल कंपनियों के साथ वितरकों को भी कहा गया है कि वह अधिक से अधिक लोगों की ई-केवाईसी कराएं। यदि कोई उपभोक्ता कहीं बाहर रहता है तो वह अपने नजदीकी वितरक के यहां जाकर भी ई-केवाईसी की प्रक्रिया को पूरा करा सकता है। इसके अलावा कंपनियों के एप को डाउनलोड करके वहां अपनी आईडी बनाकर भी उपभोक्ता अपनी ई-केवाईसी की प्रक्रिया को खुद भी पूरी कर सकता है। यह पूरी तरह सुरक्षित और आसान है।
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सत्यापन करा रहा है आपूर्ति विभाग : बार-बार मौका देने के बाद भी ईकेवाईसी की प्रक्रिया पूरी न करने वाले उपभोक्ताओं का आपूर्ति विभाग ने सत्यापन भी शुरू कराया है। आशंका है कि इन डेढ़ लाख उपभोक्ताओं में से या तो बड़ी संख्या में लोगों का निधन हो गया है या फिर वह शहर छोड़कर चले गए हैं। सत्यापन पूरा होने के बाद इन कनेक्शनों को स्थाई रूप से बंद करने पर विचार किया जाएगा। पूर्ति अधिकारी ने बताया कि कई लोगों के नंबर बदल चुके हैं। उन्होंने अपने नए नंबर अपडेट नहीं कराए। इसलिए इनसे संपर्क नहीं होने से सही स्थिति का पता नहीं चल पा रहा है। ई-केवाईसी बंद होने के बाद कई उपभोक्ता कार्यालय आ रहे थे तो इसको देखते हुए तेल कंपनियों से बात कर एक मौका और दिया गया है।
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