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Ghaziabad News: गंगाजल की आपूर्ति बंद होने से टीएचए में पहले ही दिन से बढ़ा संकट
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साहिबाबाद। टीएचए में गंगाजल की आपूर्ति बंद होने के बीच नगर निगम के खराब नलकूप और पंपों ने लोगों की पहले ही दिन परेशानी बढ़ा दी है। क्षेत्र की करीब छह लाख आबादी को पेयजल उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी नगर निगम की है। निगम ने पानी की आपूर्ति के लिए 250 पंप लगाए हैं, लेकिन 80 से ज्यादा खराब पड़े हैं। ऐसे में गंगाजल की आपूर्ति बाधित होने पर वैकल्पिक व्यवस्था के तहत नलकूपों से पानी उपलब्ध कराना भी चुनौती बन सकता है। वैशाली, कौशांबी और कड़कड़ मॉडल समेत कई इलाकों में पंप खराब होने से जलापूर्ति प्रभावित होने की शिकायतें अधिकारियों तक पहुंची हैं।
शहर में लोगों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के लिए नगर निगम ने नलकूप और पंप लगाए रखे हैं, लेकिन कई स्थानों पर इनके खराब होने से व्यवस्था प्रभावित हो रही है। गंगाजल आपूर्ति बंद होने के दौरान इन वैकल्पिक स्रोतों की भूमिका और महत्वपूर्ण हो जाती है। ऐसे में खराब पंपों को समय रहते दुरुस्त नहीं किया गया तो लोगों को पानी की बड़ी समस्या का सामना करना पड़ सकता है। वैशाली, कौशांबी और कड़कड़ मॉडल समेत विभिन्न इलाकों में नलकूप और पंपों के खराब होने की शिकायतें बुधवार को सामने आई हैं। इन क्षेत्रों में पंपों की मरम्मत नहीं होने से पेयजल आपूर्ति की वैकल्पिक व्यवस्था कमजोर पड़ रही है।
वैशाली निवासी आमिर ने बताया कि इलाके में करीब एक साल पहले गंगाजल बंद होने से पेयजल संकट को दूर करने के लिए नलकूप लगाए गए थे, लेकिन दो महीनों बाद ही यह खराब हो गया। पंप खराब होने के बाद से ही अधिकारियों को उसे ठीक कराने के लिए शिकायत दी गई है, लेकिन अब तक उसे दुरुस्त नहीं कराया गया है। विक्रम एन्क्लेव स्थित तिकोना पार्क में सिंचाई के लिए निगम की ओर से दो साल पहले लगाया गया पंप केवल शोपीस बनकर रह गया है। स्थानीय निवासी अशोक ने बताया कि पार्क में लगाया हुआ पंप करीब एक साल से खराब है। स्थानीय निवासी धीरज ने बताया कि एक साल पहले खराब हुए इस नलकूप को ठीक कराने के लिए कई बार लोगों की तरफ से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक इसे ठीक नहीं कराया गया है। पिछले एक साल में इस पंप को ठीक कराने के लिए कई बार शिकायतें की गई, लेकिन अब तक भी इस पंप को ठीक नहीं कराया जा सका है। वसुंधरा में लगे नलकूप की हालत जर्जर हो चुकी है और अब यह केवल सड़क पर खड़ा एक शोपीस लग रहा है। हालांकि पहले दिन गंगाजल का स्टॉक था, लेकिन बृहस्पतिवार से वह भी खत्म हो जाएगा तो दिक्कत बढ़ सकती है।
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पहले दिन ही इंदिरापुरम में हुई परेशानी
नीतिखंड-2 में सीवर के पानी की आपूर्ति होने से लोग परेशान हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्लॉट नंबर 284 के पास पाइपलाइन में सीवर का पानी मिल रहा है। पिछले 25 दिन से घरों में दूषित पानी पहुंच रहा है। पानी से बदबू आने के कारण लोगों को परेशानी हो रही है। दूषित पानी के इस्तेमाल से बीमारियां फैलने का खतरा भी बना हुआ है। इंदिरापुरम वेलफेयर एसोसिएशन के सचिव सुदर्शन अवस्थी ने बताया कि पाइपलाइन में फॉल्ट की जानकारी करीब 10 दिन पहले संबंधित अधिकारियों को दे दी गई थी। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया। मंगलवार को पाइपलाइन की जांच और मरम्मत के लिए खोदाई की गई।
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हर इलाके में पानी की आपूर्ति पर्याप्त हो इसे सुनिश्चित किया जा रहा है। जिन इलाकों में पंप खराब हैं उनकी मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए हैं।-- सोमेंद्र तोमर, अवर अभियंता।
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शहर में लोगों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के लिए नगर निगम ने नलकूप और पंप लगाए रखे हैं, लेकिन कई स्थानों पर इनके खराब होने से व्यवस्था प्रभावित हो रही है। गंगाजल आपूर्ति बंद होने के दौरान इन वैकल्पिक स्रोतों की भूमिका और महत्वपूर्ण हो जाती है। ऐसे में खराब पंपों को समय रहते दुरुस्त नहीं किया गया तो लोगों को पानी की बड़ी समस्या का सामना करना पड़ सकता है। वैशाली, कौशांबी और कड़कड़ मॉडल समेत विभिन्न इलाकों में नलकूप और पंपों के खराब होने की शिकायतें बुधवार को सामने आई हैं। इन क्षेत्रों में पंपों की मरम्मत नहीं होने से पेयजल आपूर्ति की वैकल्पिक व्यवस्था कमजोर पड़ रही है।
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वैशाली निवासी आमिर ने बताया कि इलाके में करीब एक साल पहले गंगाजल बंद होने से पेयजल संकट को दूर करने के लिए नलकूप लगाए गए थे, लेकिन दो महीनों बाद ही यह खराब हो गया। पंप खराब होने के बाद से ही अधिकारियों को उसे ठीक कराने के लिए शिकायत दी गई है, लेकिन अब तक उसे दुरुस्त नहीं कराया गया है। विक्रम एन्क्लेव स्थित तिकोना पार्क में सिंचाई के लिए निगम की ओर से दो साल पहले लगाया गया पंप केवल शोपीस बनकर रह गया है। स्थानीय निवासी अशोक ने बताया कि पार्क में लगाया हुआ पंप करीब एक साल से खराब है। स्थानीय निवासी धीरज ने बताया कि एक साल पहले खराब हुए इस नलकूप को ठीक कराने के लिए कई बार लोगों की तरफ से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक इसे ठीक नहीं कराया गया है। पिछले एक साल में इस पंप को ठीक कराने के लिए कई बार शिकायतें की गई, लेकिन अब तक भी इस पंप को ठीक नहीं कराया जा सका है। वसुंधरा में लगे नलकूप की हालत जर्जर हो चुकी है और अब यह केवल सड़क पर खड़ा एक शोपीस लग रहा है। हालांकि पहले दिन गंगाजल का स्टॉक था, लेकिन बृहस्पतिवार से वह भी खत्म हो जाएगा तो दिक्कत बढ़ सकती है।
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पहले दिन ही इंदिरापुरम में हुई परेशानी
नीतिखंड-2 में सीवर के पानी की आपूर्ति होने से लोग परेशान हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्लॉट नंबर 284 के पास पाइपलाइन में सीवर का पानी मिल रहा है। पिछले 25 दिन से घरों में दूषित पानी पहुंच रहा है। पानी से बदबू आने के कारण लोगों को परेशानी हो रही है। दूषित पानी के इस्तेमाल से बीमारियां फैलने का खतरा भी बना हुआ है। इंदिरापुरम वेलफेयर एसोसिएशन के सचिव सुदर्शन अवस्थी ने बताया कि पाइपलाइन में फॉल्ट की जानकारी करीब 10 दिन पहले संबंधित अधिकारियों को दे दी गई थी। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया। मंगलवार को पाइपलाइन की जांच और मरम्मत के लिए खोदाई की गई।
हर इलाके में पानी की आपूर्ति पर्याप्त हो इसे सुनिश्चित किया जा रहा है। जिन इलाकों में पंप खराब हैं उनकी मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए हैं।