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एनआरआई के फ्लैट से 30 लाख की चोरी
ब्यूरो, अमर उजाला/ इंदिरापुरम
Updated Fri, 21 Oct 2016 12:24 AM IST
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- फोटो : amar ujala
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अहिंसा खंड स्थित शिप्रा कृष्णा विस्टा सोसायटी में एनआरआई के फ्लैट से ड्राइवर और कुक ने कार समेत 30 लाख की ज्वैलरी- कैश चोरी कर लिया है। सीसीटीवी कैमरों में वारदात कैद हो गई है। इंदिरापुरम पुलिस ड्राइवर और कुक की तलाश में जुटी है।
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मूलरूप से अलीगढ़ के रहने वाले जयप्रकाश गुप्ता परिवार के साथ यूके में रहते हैं। वह निजी कंपनी के डायरेक्टर पद से रिटायर्ड हैं, जबकि उनके बेटे विवेक यूके में ही सर्जन हैं। जयप्रकाश 11 अक्तूबर को पत्नी, बेटे के साथ इंडिया आए थे।
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वह शिप्रा कृष्णा विस्टा स्थित अपने फ्लैट में रुके थे। बुधवार शाम पांच बजे वह परिवार के साथ ड्राइवर पूरन सिंह को लेकर पीतमपुरा में अपनी साली संतोष के घर करवाचौथ मनाने गए थे। रात करीब 10 बजे उन्होंने घर लौटने के लिए पूरन को कॉल किया तो उसका फोन बंद आया।
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करीब साढ़े 12 बजे उन्होंने पड़ोस में रहने वाले युवक को कॉल कर जानकारी ली तो पता चला कि फ्लैट का दरवाजा खुला है और सामान बिखरा है। वह परिवार के साथ घर लौटे तो अलमारी की सेफ से करीब 30 तोला सोना, करीब पांच लाख कैश, 5500 ब्रिटिश पाउंड, दो लैपटॉप, एक आईपैड, वीजा पासपोर्ट समेत दस्तावेज गायब था।
नीचे उनकी कार भी नहीं थी। उन्होंने तुरंत पुलिस को मामले की सूचना दी। एसओ इंदिरापुरम शीलेश यादव ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी ड्राइवर और कुक की तलाश की जा रही है। सोसायटी की लॉबी में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में दोनों सामान ले जाते दिख रहे हैं।
रात 10:58 बजे दोनों ने लिफ्ट में एंट्री ली। इसके बाद 11:15 बजे सामान भरकर ले गए। दोबारा लौटे और रात 11:36 पर पॉली बैग में सामान भरकर ले जाते दिख रहे हैं। उन्होंने बताया कि एक टीम को पूरन की तलाश में चंदौसी के लिए रवाना किया गया है। जल्द ही दोनों को पकड़ लिया जाएगा।
ड्राइवर-कुक का नहीं हुआ था पुलिस वेरिफिकेशन
जयप्रकाश के अनुसार, पूरन ही मोनू को लाया था। पूरन का मामा राम पहले उनके यहां काम करता था। उसने ही पूरन को उनके यहां भेजा था। जानकार होने के चलते उन्होंने दोनों का पुलिस वेरिफिकेशन नहीं कराया था।
गार्ड ने भी सामान ले जाते हुए देखा
जयप्रकाश ने बताया कि वह सालभर में दो बार भारत आते हैं। उनके आने के दौरान चंदौसी निवासी ड्राइवर पूरन उनके साथ रहता था, पिछले डेढ़ वर्ष से भारत आने पर पूरन ही ड्राइविंग करता था। पीतमपुरा जाने के दौरान उन्होंने फ्लैट की चाभी कार के डैशबोर्ड में रख दी थी। चाभी कार में भूलने के चलते दोनों ने आसानी से चोरी को अंजाम दिया।
चोरी का पता चलने पर जब परिवार घर पहुंचा तो सोसायटी में तैनात गार्ड ने बताया कि पूरन और उसके साथ एक और युवक आया था। सामान लेकर जाने पर उन्हें लगा कि फ्लैट मालिक की मर्जी से दोनों सामान लेकर जा रहे हैं। दोनों सामान के साथ ब्रिटेन से लाई महंगी शराब भी चोरी कर ले गए।