फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   The insurance company's manager sucide

इंश्योरेंस कंपनी के मैनेजर ने फंदा लगाकर किया सुसाइड

Fri, 17 Mar 2017 10:02 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गाजियाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, गाजियाबाद Updated Fri, 17 Mar 2017 10:02 PM IST
विज्ञापन
The insurance company's manager sucide
मृतक अभिषेक सिंह की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
शालीमार गार्डन एक्सटेंशन -1 की सद्भावना सोसायटी में इंश्योरेंस कंपनी के मैनेजर ने फ्लैट में चुन्नी से फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। सद्भावना सोसायटी के फ्लैट संख्या 991 में अभिषेक सिंह (32) पत्नी नंदिता और बेटे दक्ष के साथ रहते थे।
विज्ञापन


अभिषेक मैक्स लाइफ इंश्योरेंस कंपनी में मैनेजर थे और विवेक विहार दिल्ली में तैनात थे। पत्नी नंदिता भी निजी बैंक में मैनेजर हैं। शुक्रवार सुबह बेटे दक्ष को डे-बोर्डिंग में छोड़कर दोनों जॉब पर गए थे। दोनों को साथ ही घर लौटना था मगर अभिषेक जल्दी घर लौट आया।
विज्ञापन


देर शाम करीब सात बजे जब नंदिता घर लौटीं तो अभिषेक ने फ्लैट का दरवाजा नहीं खोला। इसके बाद नंदिता ने दूसरी चाभी से फ्लैट का दरवाजा खोला तो अंदर कमरे में अभिषेक का शव चुन्नी से बंधा पंखे से लटक रहा था। नंदिता ने तुरंत शोर मचाकर आसपास के लोगों को इकट्ठा किया। सूचना पर मौके पर पहुंची और छानबीन की।
विज्ञापन
विज्ञापन


एसएचओ साहिबाबाद धीरेंद्र यादव ने बताया कि घटनास्थल से सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। शुरुआती जांच में मामला गृहक्लेश का हो सकता है। जांच के बाद सुसाइड के कारण स्पष्ट हो सकेंगे। युवक के मोबाइल की भी जांच की जा रही है, जिससे सुसाइड के कारण का पता चल सके।

- मां को बिलखते देख चुप कराता रहा दक्ष      
पति का शव देखते ही नंदिता का रो-रो कर बुरा हाल हो गया। रोते हुए नंदिता बस यही कह रही थी कि अगर कोई परेशानी थी उन्हें तो बता देते। उधर, पिता की मौत से अनजान दक्ष मां को रोता देख उन्हें चुप कराता रहा। कभी वह कमरे में जाकर पिता के शव को देखता तो कभी मां को चुप कराता। पुलिस ने अभिषेक के बनारस निवासी परिजनों को सूचित कर दिया है।      


 मनोचिकित्सक बोले      
मनोचिकित्सक डॉक्टर हिमांशु पांडेय ने बताया कि दिल्ली-एनसीआर की भागदौड़ भरी जिंदगी में अक्सर लोग परेशानी अपने जीवनसाथी से बयां नहीं करते। ऐसे में सुसाइड जैसे कदम उठा लेते हैं। इस दौरान वह यह भी नहीं सोचते कि उनके बाद उनके परिवार का क्या होगा।     
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed