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हॉस्टल की तीसरी मंजिल की बालकनी से गिरा छात्र, मौत
ब्यूरो, अमर उजाला /मुरादनगर
Updated Sat, 12 Nov 2016 01:36 AM IST
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देवेश पति तिवारी
- फोटो : अमर उजाला
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प्रसिद्ध इंजीनियरिंग कालेज काइट के ब्वॉयज हॉस्टल की तीसरी मंजिल की बालकनी से गिरकर एक बीटेक छात्र की संदिग्ध परिस्थितियाें में मौत हो गई। घटना शुक्रवार सुबह करीब 5:30 बजे की है।
मौके पर पहुंची पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मामले की जांच पड़ताल की। छात्र की मौत के बाद कालेज में शोकसभा के बाद छुट्टी कर दी गई। उधर, परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया है।
कालेज के प्रशासनिक अधिकारी उमेश शर्मा ने बताया कि देवेश पति तिवारी (20) पुत्र राकेशपति तिवारी बीटेक द्वितीय वर्ष (सिविल ब्रांच) का छात्र था। वह गोरखपुर (एचआईजी 4 राप्ती नगर फेस वन आरोग्य मंदिर) का रहने वाला था और कालेज के टैगोर हॉस्टल में दूसरी मंजिल पर स्थित कमरा नंबर-338 में रूम पार्टनर संदीप और पंकज के साथ रहकर पढ़ाई कर रहा था।
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शुक्रवार सुबह करीब 5:30 बजे कालेज के गार्ड प्रवीन ने कुछ गिरने की आवाज सुनी तो वह तुरंत मौके पर पहुंचा। उसने देखा कि देवेश पति जमीन पर लहूलुहान हालत में पड़ा है। गार्ड ने हॉस्टल वार्डन, सुपरवाइजर और प्रशासनिक अधिकारी को इसकी सूचना दी।
आनन-फानन में समस्त स्टाफ मौके पर पहुंचा और छात्र को आईटीएस अस्पताल ले जाया गया। जहां से डाक्टरों ने उसे गाजियाबाद के संजय नगर स्थित संयुक्त जिला अस्पताल में रेफर कर दिया, जहां पहुंचने पर डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
कालेज मैनेजमेंट ने हादसे की सूचना परिजनों और पुलिस को दी। एसओ आरपी शर्मा ने बताया कि छात्र के परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया है। पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही है। बता दें कि काइट कालेज में इससे पहले भी 8 जून 2016 को हॉस्टल की बालकनी से गिरकर एमबीए फाइनल की छात्रा यशी दीक्षित की मौत हो चुकी है।
समय पर नहीं मिला इलाज
घायल छात्र देवेश पति को गार्ड और छात्र मिलकर आईटीएस अस्पताल ले गए। छात्रों ने बताया कि अस्पताल में डाक्टरों ने देवेश पति को एडमिट करने से इंकार कर दिया। आरोप है कि आईटीएस अस्पताल के डाक्टरों ने समय पर छात्र का इलाज शुरू कर दिया होता तो उसकी जान बच सकती थी।
आईटीएस अस्पताल के डाक्टर सुनील चौधरी का कहना है कि जब छात्र को अस्पताल लाया गया तब तक उसकी मौत हो गई थी, इसलिए उसे जिला अस्पताल भेजा गया। यह आरोप निराधार है कि हमने इलाज नहीं किया।
परिवार के साथ जाने वाला था वैष्णो देवी
छात्र देवेशपति तिवारी को शुक्रवार को पिता राकेश पति, मां रजना, भाई रितेश रंजन पति और चचेरे भाइयों के साथ वैष्णो देवी दर्शन के लिए जाना था। परिवार गोरखपुर से रात ही गाजियाबाद के लिए रवाना हो गया था।
मां रंजना का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने कहा कि हमें तो माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए जाना था, हमें क्या पता था कि बेटे का शव मिलेगा। शुक्रवार दोपहर कालेज से छात्र के चचेरे भाई हॉस्टल से उसका सामान ले गए।
पढ़ने में काफी होनहार था देवेश पति
प्रशासनिक अधिकारी उमेश शर्मा ने बताया कि बीटेक प्रथम वर्ष में देवेशपति के 85 प्रतिशत अंक आए थे। दसवीं में उसे 92 प्रतिशत और इंटरमीडिएट में 84 प्रतिशत अंक मिले थे। वह पढ़ने में काफी होशियार था।
देवेश पति के रूम पार्टनर संदीप और पंकज ने बताया कि बृहस्पतिवार देर रात तक दिवेशपति ने अपना असाइन्मेंट पूरा किया था। हम रात करीब 11 बजे सो गए थे। सुबह करीब छह बजे घटना का पता चला।
देवेश की मौत से परिवार में छाया मातम
गाजियाबाद में बीटेक छात्र देवेश पति तिवारी की मौत ने परिवार को झकझोर दिया है। मौत की खबर पाते ही घर में मातम छा गया। घर वालों के मुताबिक न तो वह आत्महत्या कर सकता है और न ही किसी से दुश्मनी थी कि उसकी हत्या हो।
मौत की वजह सीढ़ी से गिरना बताया जा रहा है। गुलरिहा, बरगदहीं के मूल निवासी राकेश पति तिवारी एलआईसी अध्यक्ष क्लब के सदस्य हैं। उनके दो बेटों में बड़ा रितेश रंजन पति तिवारी भी एलआइसी में एजेंट है, जबकि छोटा बेटा देवेश पति तिवारी गाजियाबाद के मुरादनगर स्थित कृष्णा इंस्टीट्यूट में इंजीनियरिंग (काइट) में द्वितीय वर्ष का छात्र था।
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मौके पर पहुंची पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मामले की जांच पड़ताल की। छात्र की मौत के बाद कालेज में शोकसभा के बाद छुट्टी कर दी गई। उधर, परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया है।
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कालेज के प्रशासनिक अधिकारी उमेश शर्मा ने बताया कि देवेश पति तिवारी (20) पुत्र राकेशपति तिवारी बीटेक द्वितीय वर्ष (सिविल ब्रांच) का छात्र था। वह गोरखपुर (एचआईजी 4 राप्ती नगर फेस वन आरोग्य मंदिर) का रहने वाला था और कालेज के टैगोर हॉस्टल में दूसरी मंजिल पर स्थित कमरा नंबर-338 में रूम पार्टनर संदीप और पंकज के साथ रहकर पढ़ाई कर रहा था।
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शुक्रवार सुबह करीब 5:30 बजे कालेज के गार्ड प्रवीन ने कुछ गिरने की आवाज सुनी तो वह तुरंत मौके पर पहुंचा। उसने देखा कि देवेश पति जमीन पर लहूलुहान हालत में पड़ा है। गार्ड ने हॉस्टल वार्डन, सुपरवाइजर और प्रशासनिक अधिकारी को इसकी सूचना दी।
आनन-फानन में समस्त स्टाफ मौके पर पहुंचा और छात्र को आईटीएस अस्पताल ले जाया गया। जहां से डाक्टरों ने उसे गाजियाबाद के संजय नगर स्थित संयुक्त जिला अस्पताल में रेफर कर दिया, जहां पहुंचने पर डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
कालेज मैनेजमेंट ने हादसे की सूचना परिजनों और पुलिस को दी। एसओ आरपी शर्मा ने बताया कि छात्र के परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया है। पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही है। बता दें कि काइट कालेज में इससे पहले भी 8 जून 2016 को हॉस्टल की बालकनी से गिरकर एमबीए फाइनल की छात्रा यशी दीक्षित की मौत हो चुकी है।
समय पर नहीं मिला इलाज
घायल छात्र देवेश पति को गार्ड और छात्र मिलकर आईटीएस अस्पताल ले गए। छात्रों ने बताया कि अस्पताल में डाक्टरों ने देवेश पति को एडमिट करने से इंकार कर दिया। आरोप है कि आईटीएस अस्पताल के डाक्टरों ने समय पर छात्र का इलाज शुरू कर दिया होता तो उसकी जान बच सकती थी।
आईटीएस अस्पताल के डाक्टर सुनील चौधरी का कहना है कि जब छात्र को अस्पताल लाया गया तब तक उसकी मौत हो गई थी, इसलिए उसे जिला अस्पताल भेजा गया। यह आरोप निराधार है कि हमने इलाज नहीं किया।
परिवार के साथ जाने वाला था वैष्णो देवी
छात्र देवेशपति तिवारी को शुक्रवार को पिता राकेश पति, मां रजना, भाई रितेश रंजन पति और चचेरे भाइयों के साथ वैष्णो देवी दर्शन के लिए जाना था। परिवार गोरखपुर से रात ही गाजियाबाद के लिए रवाना हो गया था।
मां रंजना का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने कहा कि हमें तो माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए जाना था, हमें क्या पता था कि बेटे का शव मिलेगा। शुक्रवार दोपहर कालेज से छात्र के चचेरे भाई हॉस्टल से उसका सामान ले गए।
पढ़ने में काफी होनहार था देवेश पति
प्रशासनिक अधिकारी उमेश शर्मा ने बताया कि बीटेक प्रथम वर्ष में देवेशपति के 85 प्रतिशत अंक आए थे। दसवीं में उसे 92 प्रतिशत और इंटरमीडिएट में 84 प्रतिशत अंक मिले थे। वह पढ़ने में काफी होशियार था।
देवेश पति के रूम पार्टनर संदीप और पंकज ने बताया कि बृहस्पतिवार देर रात तक दिवेशपति ने अपना असाइन्मेंट पूरा किया था। हम रात करीब 11 बजे सो गए थे। सुबह करीब छह बजे घटना का पता चला।
देवेश की मौत से परिवार में छाया मातम
गाजियाबाद में बीटेक छात्र देवेश पति तिवारी की मौत ने परिवार को झकझोर दिया है। मौत की खबर पाते ही घर में मातम छा गया। घर वालों के मुताबिक न तो वह आत्महत्या कर सकता है और न ही किसी से दुश्मनी थी कि उसकी हत्या हो।
मौत की वजह सीढ़ी से गिरना बताया जा रहा है। गुलरिहा, बरगदहीं के मूल निवासी राकेश पति तिवारी एलआईसी अध्यक्ष क्लब के सदस्य हैं। उनके दो बेटों में बड़ा रितेश रंजन पति तिवारी भी एलआइसी में एजेंट है, जबकि छोटा बेटा देवेश पति तिवारी गाजियाबाद के मुरादनगर स्थित कृष्णा इंस्टीट्यूट में इंजीनियरिंग (काइट) में द्वितीय वर्ष का छात्र था।