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एनजीओ के जरिए एसटीएफ कर पाई गोरखधंधे का खुलासा
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Sat, 04 Feb 2017 11:15 PM IST
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गोरखधंधे
- फोटो : अमर उजाला
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एसटीएफ को 37 अरब के गोरखधंधे का खुलासा करने में एक एनजीओ की भी मदद मिली। सूत्रों के मुताबिक, साइबर सुरक्षा पर कार्य करने वाले एक एनजीओ को एक पीड़ित ने इसकी सूचना दी थी। एनजीओ ने जांच के बाद पीड़ित व्यक्ति को एसटीएफ से शिकायत करने को कहा था।
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तब एसटीएफ केअपर पुलिस अधीक्षक लखनऊ से शिकायत की गई थी, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई है।शिकायतकर्ता राज राहुल कुमार ने लिखा था कि उसने सोशल ट्रेड वेबसाइट पर 5750 रुपये में एक आईडी ली थी। उसे बताया गया था कि एड देखने और उस पर क्लिक करने के पैसे मिलेंगे।
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जब उसने एड पर क्लिक किया तो देखा कि कई बार सोशल ट्रेड की वेबसाइट पर वापस लिंक पहुंचा दे रहा था, जिससे पता चला कि यह फ्रॉड है। तब इस बारे में उसने साइबर सुरक्षा पर कार्य करने वाली एनजीओ इनोवेटिक आइडिया इन्फोटेक से संपर्क किया, जहां से उसे एसटीएफ से संपर्क करने की सलाह दी गई।
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यूपी पुलिस की साइबर सेल साइबर क्राइम रोकने के लिए ऐसे एनजीओ की भी मदद लेती है, जो साइबर सुरक्षा पर कार्य करते हैं। हालांकि इस शिकायत के अलावा भी कई और शिकायतें और एफआईआर इस मामले में हो चुकी हैं।
बता दें कि एसटीएफ ने दो फरवरी को 3700 करोड़ की ऑनलाइन ठगी का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनका सर्वर रूम गाजियाबाद आरडीसी में था, जो बंद है। इसके बाहर रोजाना काफी तादाद में लोग आते हैं।