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सात दिन से गायब पिता-पुत्र की गला दबाकर हत्या
ब्यूरो, अमर उजाला /गाजियाबाद
Updated Fri, 03 Feb 2017 12:42 AM IST
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घनश्याम
- फोटो : अमर उजाला
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शांति नगर कालोनी से सात दिन से गायब पिता-पुत्र की गला दबाकर हत्या की जा चुकी है। दोनों के शव बृहस्पतिवार को कालोनी के ही नाले में मिले, जिससे सनसनी फैल गई।
इस मामले में पुलिस ने दो नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक आरोपी भागा हुआ है। विजय नगर पुलिस का दावा है कि 175 गज का मकान कब्जाने के लिए दोनोें हत्याएं की गईं हैं।
मृतक बिजेंद्र सिंह (55) और उनका पुत्र घनश्याम (35) गली नंबर-6 शांति नगर में रहते थे। वे मूलरूप से घोरका, इटावा के रहने वाले थे। घनश्याम इलाके में डीजे और जेनरेटर का काम करता था, वहीं उसके पिता घर पर रहते थे।
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घनश्याम के जीजा मान चंद ने बताया कि 27 जनवरी से बिजेंद्र और घनश्याम गायब थे। इसके बाद से उनके घर पर ताला लगा हुआ था। जब दो दिन तक वह घर नहीं लौटे तो उन्होंने उनके मोबाइल पर कॉल की, मगर मोबाइल बंद था।
इसके बाद उन्होंने घर का ताला तोड़कर देखा तो उनके मकान की रजिस्ट्री, दो लाख रुपये, एलसीडी और उनकी आईडी भी गायब थीं। इसके बाद परिजनों ने विजय नगर थाने में उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस दोनों की तलाश में लगी हुई थी।
बृहस्पतिवार सुबह पुलिस ने शांति नगर स्थित एक स्कूल के सीसीटीवी कैमरे की चेकिंग की, तो उसमें देखा कि एक युवक कंधे पर एक बोरा टांगकर जाते हुए दिख रहा है। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर उक्त युवक खुशी निवासी पतवाड़ी नोएडा को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की तो उसने वारदात के बारे में बताया।
विजय नगर एसएचओ नीरज कुमार ने बताया कि खुशी ने मुख्य आरोपी प्रमोद यादव के बारे में बताया। पुलिस ने प्रमोद को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर शव बरामद किए। प्रमोद ने बताया कि उसे घनश्याम के 175 गज के मकान पर कब्जा करना था, क्योंकि आने वाले दिनों में उसकी बहन की शादी थी, इसके लिए उसे पैसों की जरूरत थी।
उसने 27 जनवरी की रात करीब नौ बजे खुशी यादव और हरेंद्र यादव निवासी ऋषिपाल गढ़ी नोएडा के साथ घनश्याम के घर पहुंचा, जहां उसने घनश्याम को घर से बाहर बुलाया और कार में डाल कर शांति नगर के नाले की ओर ले गए, जहां रास्ते में तीनों ने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी और उसे एक प्लास्टिक के बोरे में बांधकर नाले में डाल दिया।
इसके बाद रात करीब साढ़े 12 बजे तीनों युवक एक बार फिर घनश्याम के घर गए और वहां उन्होंने उसके पिता बिजेंद्र की भी गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद तीनों आरोपियों ने उनके घर में चोरी की और बिजेंद्र के शव को चादर में बांधकर कंधे पर डालकर कार तक लाए।
कार में एक प्लास्टिक के बोरे में उसके शव को भी बोरे में बांधकर नाले में डाल आए। इस संबंध में बिजेंद्र के भांजे शिवरतन सिंह ने तीनों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस फरार आरोपी हरेंद्र की तलाश में दबिश दे रही है।
दोस्ती में ली प्रमोद ने घनश्याम की जान
आस पास के रहने वाले लोगों ने बताया कि घनश्याम और प्रमोद दोनों अच्छे दोस्त थे। प्रमोद रोजाना घनश्याम के घर आता जाता था। इस बीच उसके मन में उसके मकान को कब्जे करने को विचार आया और उसने घनश्याम को मार दिया।
किसी को न हो शक, इसलिए दोनों कुत्ते भी ले गए थे आरोपी
एसएचओ ने बताया कि तीनों आरोपियों ने मिलकर इस तरीके से वारदात को अंजाम दिया कि किसी को शक शक न हो। लोगों को लगे कि वे रातों रात मकान बेचकर यहां से चले गए हैं। इसके लिए आरोपी घनश्याम के दोनों कुत्तों को भी अपने साथ ले गए, जोकि सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए थे।
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इस मामले में पुलिस ने दो नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक आरोपी भागा हुआ है। विजय नगर पुलिस का दावा है कि 175 गज का मकान कब्जाने के लिए दोनोें हत्याएं की गईं हैं।
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मृतक बिजेंद्र सिंह (55) और उनका पुत्र घनश्याम (35) गली नंबर-6 शांति नगर में रहते थे। वे मूलरूप से घोरका, इटावा के रहने वाले थे। घनश्याम इलाके में डीजे और जेनरेटर का काम करता था, वहीं उसके पिता घर पर रहते थे।
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घनश्याम के जीजा मान चंद ने बताया कि 27 जनवरी से बिजेंद्र और घनश्याम गायब थे। इसके बाद से उनके घर पर ताला लगा हुआ था। जब दो दिन तक वह घर नहीं लौटे तो उन्होंने उनके मोबाइल पर कॉल की, मगर मोबाइल बंद था।
इसके बाद उन्होंने घर का ताला तोड़कर देखा तो उनके मकान की रजिस्ट्री, दो लाख रुपये, एलसीडी और उनकी आईडी भी गायब थीं। इसके बाद परिजनों ने विजय नगर थाने में उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस दोनों की तलाश में लगी हुई थी।
बृहस्पतिवार सुबह पुलिस ने शांति नगर स्थित एक स्कूल के सीसीटीवी कैमरे की चेकिंग की, तो उसमें देखा कि एक युवक कंधे पर एक बोरा टांगकर जाते हुए दिख रहा है। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर उक्त युवक खुशी निवासी पतवाड़ी नोएडा को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की तो उसने वारदात के बारे में बताया।
विजय नगर एसएचओ नीरज कुमार ने बताया कि खुशी ने मुख्य आरोपी प्रमोद यादव के बारे में बताया। पुलिस ने प्रमोद को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर शव बरामद किए। प्रमोद ने बताया कि उसे घनश्याम के 175 गज के मकान पर कब्जा करना था, क्योंकि आने वाले दिनों में उसकी बहन की शादी थी, इसके लिए उसे पैसों की जरूरत थी।
उसने 27 जनवरी की रात करीब नौ बजे खुशी यादव और हरेंद्र यादव निवासी ऋषिपाल गढ़ी नोएडा के साथ घनश्याम के घर पहुंचा, जहां उसने घनश्याम को घर से बाहर बुलाया और कार में डाल कर शांति नगर के नाले की ओर ले गए, जहां रास्ते में तीनों ने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी और उसे एक प्लास्टिक के बोरे में बांधकर नाले में डाल दिया।
इसके बाद रात करीब साढ़े 12 बजे तीनों युवक एक बार फिर घनश्याम के घर गए और वहां उन्होंने उसके पिता बिजेंद्र की भी गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद तीनों आरोपियों ने उनके घर में चोरी की और बिजेंद्र के शव को चादर में बांधकर कंधे पर डालकर कार तक लाए।
कार में एक प्लास्टिक के बोरे में उसके शव को भी बोरे में बांधकर नाले में डाल आए। इस संबंध में बिजेंद्र के भांजे शिवरतन सिंह ने तीनों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस फरार आरोपी हरेंद्र की तलाश में दबिश दे रही है।
दोस्ती में ली प्रमोद ने घनश्याम की जान
आस पास के रहने वाले लोगों ने बताया कि घनश्याम और प्रमोद दोनों अच्छे दोस्त थे। प्रमोद रोजाना घनश्याम के घर आता जाता था। इस बीच उसके मन में उसके मकान को कब्जे करने को विचार आया और उसने घनश्याम को मार दिया।
किसी को न हो शक, इसलिए दोनों कुत्ते भी ले गए थे आरोपी
एसएचओ ने बताया कि तीनों आरोपियों ने मिलकर इस तरीके से वारदात को अंजाम दिया कि किसी को शक शक न हो। लोगों को लगे कि वे रातों रात मकान बेचकर यहां से चले गए हैं। इसके लिए आरोपी घनश्याम के दोनों कुत्तों को भी अपने साथ ले गए, जोकि सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए थे।