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‘मेरे घर का चिराग बुझ गया’
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Sat, 14 May 2016 02:00 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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कैला गांव में रहने वाले एक युवक के शव के ऊपर से रात भर ट्रेनें गुजरती रहीं, लेकिन किसी को इसका पता नहीं चला। सुबह गायब बेटे को तलाशते पिता रेलवे ट्रैक पर पहुंचे तो शव की शिनाख्त की। हादसे की वजह का दो दिन बाद भी पता नहीं चल पाया है। पिता का कहना है कि उनके घर का चिराग बुझ गया।
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कैला गांव निवासी विजयपाल ने बताया कि उनका बेटा नितिन (23) दिल्ली में नौकरी करता था। बुधवार सुबह वह दोस्त राजकुमार के साथ नौकरी पर गया था। रात को नितिन घर के पास ही एक मंदिर पर रुक गया, बेटे के पास मोबाइल न होने की वजह से परिजन उसकी जानकारी नहीं कर सके।
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सुबह बेटे की तलाश में वह गांव में निकले तो किसी ने बताया कि एक लाश रेलवे ट्रैक पर पड़ी है, वहां पहुंचे तो शव बेटे नितिन का था। शव क्षत विक्षत था। ऐसा लग रहा था कि बेटे की मौत रात के वक्त ही हो गई थी, लेकिन गश्त करने का दावा करने वाली पुलिस को भी इसका पता नहीं चला।
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रात भर शव रेलवे ट्रैक पर पड़ा रहा होगा, उसके ऊपर से ट्रेनें गुजरती रहीं। विजयपाल ने बताया कि उनके दो बेटे थे, बडे़ बेटे नीरज (18) की छह साल पहले टीबी की बीमारी से मौत हो गई थी। अब इकलौता नितिन ही था। विजयनगर पुलिस हादसे की जांच में जुटी है, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।
बता दें कि बृहस्पतिवार को ट्रेन की चपेट में आकर एक युवक की मौत हो गई थी, जिसकी पहचान नितिन के रूप में की गई थी। बेकुसूर पिता को पुलिस ने भेजा था जेल : वर्ष 2014 में विजयनगर पुलिस को विजयपाल नामक एक वारंटी की तलाश थी।
असली वारंटी पुलिस को नहीं मिला तो नितिन के पिता विजयपाल को नामराशि होने के कारण जेल भेज दिया था। जांच में पुलिसवालों पर कार्रवाई हुई थी और उन पर जुर्माना लगाया गया था। इस खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था।