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हुक्का बारों पर छापेमारी जल्द
ब्यूरो,अमर उजाला इंदिरापुरम।
Updated Fri, 22 Jul 2016 01:10 AM IST
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हुक्का बार
- फोटो : अमर उजाला
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अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद मॉल्स में चल रहे अवैध हुक्का बार पर आखिरकार पुलिस-प्रशासन की नींद टूट गई। पुलिस, आबकारी विभाग और प्रशासन की ज्वाइंट कमेटी का जल्द ही गठन होगा।
अफसरों ने अवैध हुक्का बारों पर छापेमारी को एक हफ्ते का समय मांगा है। उधर, बृहस्पतिवार को भी मॉल्स में बने हुक्का बारों में पहले की तरह बेधड़क नशे का कारोबार जारी रहा। यहां युवा कश भरते दिखे।
अमर उजाला में नशे के कारोबार का लाइव प्रकाशित होने के बाद पुलिस और आबकारी विभाग में बृहस्पतिवार को हड़कंप मचा रहा। आनन फानन में ज्वाइंट टीम गठित करने का निर्णय लिया गया, लेकिन छापेमारी को एक सप्ताह का समय लिया गया।
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उधर, हुक्का बारों में नाबालिग नशे का सेवन करते नजर आए। हुक्का बार के बाहर सुबह से ही स्कूल और कॉलेज गोइंग स्टूडेंट्स की भीड़ दिखी। सीओ के निर्देशों के बावजूद पुलिस ने भी कोई कार्रवाई नहीं की।
आबकारी इंस्पेक्टर अजय यादव ने बताया कि हुक्का बारों में चरस, गांजे और अवैध शराब बेचने की शिकायतें उनके पास नहीं आई थी, जिसके चलते उन्होंने छापेमारी नहीं की। अब हुक्का बारों की असलियत सामने आने के बाद प्रशासन और पुलिस के साथ बातचीत की जा रही है।
उन्होंने एक प्रस्ताव तैयार किया है, जिसमें पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की ज्वाइंट टीम बनाई जाएगी। यह टीम हुक्का बारों में छापेमारी करेगी। आबकारी इंस्पेक्टर ने बताया कि जल्द ही सिटी मजिस्ट्रेट से मुलाकात कर छापेमारी के लिए टीम का गठन कर लिया जाएगा। करीब सात दिन बाद कार्रवाई शुरू होगी।
- चौकी इंचार्जों को दिए सख्ती के निर्देश
सीओ इंदिरापुरम अतुल यादव ने बताया कि शिप्रा सनसिटी, कौशांबी और नीतिखंड आदि के चौकी इंचार्जों को हुक्का बारों पर सख्ती से नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। अगर किसी भी हुक्का बार में चरस-गांजा पकड़ा जाता है तो स्थानीय चौकी इंचार्ज जिम्मेदार होगा।
- आठ हुक्का बार चिंहित, मगर एक सप्ताह बाद कार्रवाई
आबकारी विभाग ने आठ हुक्का बार छापेमारी के लिए चिंहित किए हैं। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि हुक्का बार पर छापेमारी के लिए आबकारी अधिकारियों के साथ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों का होना भी जरूरी है, लेकिन पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी कांवड़ यात्रा की तैयारी में जुटे हैं। ऐसे में एक सप्ताह बाद अथवा कांवड़ यात्रा के समापन के बाद ही हुक्का बारों पर कार्रवाई की जा सकेगी।
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अफसरों ने अवैध हुक्का बारों पर छापेमारी को एक हफ्ते का समय मांगा है। उधर, बृहस्पतिवार को भी मॉल्स में बने हुक्का बारों में पहले की तरह बेधड़क नशे का कारोबार जारी रहा। यहां युवा कश भरते दिखे।
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अमर उजाला में नशे के कारोबार का लाइव प्रकाशित होने के बाद पुलिस और आबकारी विभाग में बृहस्पतिवार को हड़कंप मचा रहा। आनन फानन में ज्वाइंट टीम गठित करने का निर्णय लिया गया, लेकिन छापेमारी को एक सप्ताह का समय लिया गया।
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उधर, हुक्का बारों में नाबालिग नशे का सेवन करते नजर आए। हुक्का बार के बाहर सुबह से ही स्कूल और कॉलेज गोइंग स्टूडेंट्स की भीड़ दिखी। सीओ के निर्देशों के बावजूद पुलिस ने भी कोई कार्रवाई नहीं की।
आबकारी इंस्पेक्टर अजय यादव ने बताया कि हुक्का बारों में चरस, गांजे और अवैध शराब बेचने की शिकायतें उनके पास नहीं आई थी, जिसके चलते उन्होंने छापेमारी नहीं की। अब हुक्का बारों की असलियत सामने आने के बाद प्रशासन और पुलिस के साथ बातचीत की जा रही है।
उन्होंने एक प्रस्ताव तैयार किया है, जिसमें पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की ज्वाइंट टीम बनाई जाएगी। यह टीम हुक्का बारों में छापेमारी करेगी। आबकारी इंस्पेक्टर ने बताया कि जल्द ही सिटी मजिस्ट्रेट से मुलाकात कर छापेमारी के लिए टीम का गठन कर लिया जाएगा। करीब सात दिन बाद कार्रवाई शुरू होगी।
- चौकी इंचार्जों को दिए सख्ती के निर्देश
सीओ इंदिरापुरम अतुल यादव ने बताया कि शिप्रा सनसिटी, कौशांबी और नीतिखंड आदि के चौकी इंचार्जों को हुक्का बारों पर सख्ती से नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। अगर किसी भी हुक्का बार में चरस-गांजा पकड़ा जाता है तो स्थानीय चौकी इंचार्ज जिम्मेदार होगा।
- आठ हुक्का बार चिंहित, मगर एक सप्ताह बाद कार्रवाई
आबकारी विभाग ने आठ हुक्का बार छापेमारी के लिए चिंहित किए हैं। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि हुक्का बार पर छापेमारी के लिए आबकारी अधिकारियों के साथ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों का होना भी जरूरी है, लेकिन पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी कांवड़ यात्रा की तैयारी में जुटे हैं। ऐसे में एक सप्ताह बाद अथवा कांवड़ यात्रा के समापन के बाद ही हुक्का बारों पर कार्रवाई की जा सकेगी।