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दोस्त का कर्ज उतारने को भतीजे ने रची थी साजिश
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Fri, 02 Sep 2016 12:45 AM IST
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अपराध
- फोटो : अमर उजाला
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क्राइम ब्रांच ने भोजपुर में इकबाल से हुई 9.10 लाख रुपये की लूट का खुलासा कर दिया है। दोस्त का कर्ज उतारने के लिए इकबाल के भतीजे राशिद (साले काबेटा) ने ही लूट की साजिश रची थी।
पुलिस ने भतीजे समेत छह लुटेरों को गिरफ्तार कर इनके पास से तीन लाख रुपये, तीन बाइक, दो तमंचे, चार कारतूस बरामद किए हैं। छह लाख रुपये लेकर मास्टर माइंड मंगलम भागा हुआ है।
पकड़े गए बदमाशों में राशिद निवासी शामली भोजपुर, विशाल और मीनू निवासी परतापुर पिलखुवा, गौरव और नदीम निवासी अतरौली भोजपुर, नीटू निवासी औलेडा, गुलावठी हैं। आरोपियों का डीजे ग्रुप है। क्राइम ब्रांच की टीम ने इन्हें गांव अवलपुर में ट्यूबवेल पर पैसों का बंटवारा करते दबोचा।
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एसएसपी केएस इमेनुएल ने बताया कि राशिद और मंगलम एक ही गांव के हैं और दोस्त हैं। मंगलम कमेटी डालता है, उस पर काफी कर्ज हो गया है। कुछ दिन पहले मंगलम को पता चला कि राशिद के फूफा इकबाल निवासी नूरनगर लिसाड़ी गेट मेरठ ने प्लाट बेचा है और वह पिलखुवा में प्लाट खरीदेंगे।
इकबाल घोड़ा बग्गी का काम करते हैं। पिलखुवा जाने से पहले वह राशिद और उसकी मां के साथ रुपये लेकर शामली भोजपुर आएंगे। मंगलम ने राशिद के साथ लूट की साजिश रची कि ‘आधी रकम मैं रख लूंगा, जिससे मेरा कर्ज उतर जाएगा।
बाकी रकम से तू ऐश करना।’ 24 जुलाई को मेरठ से 9.10 लाख रुपये लेकर राशिद, उसकी मां और उसका फूफा इकबाल शामली भोजपुर के लिए बाइक पर चले। साजिश के तहत राशिद की सूचना पर मंगलम ने पांचों बदमाशों को महम्मदपुर गांव के पास लगा दिया।
रास्ते में इकबाल और राशिद समोसे खाने के लिए रुके तो राशिद ने फिर मंगलम को फोन कर लोकेशन बताई। इसके बाद महम्मदपुर गांव के पास बाइक सवार लुटेरों ने इन्हें टक्कर मारकर गिरा दिया और रुपये लूट लिए। एसएसपी ने खुलासा करने वाली क्राइम ब्रांच प्रभारी सुरेश चंद बेलवाल की टीम को पांच हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है।
सलहज की चेन न लूटने से हुआ शक, फोन कॉल से आए पकड़ में
एसएसपी ने बताया कि वारदात के दौरान इकबाल की सलहज (राशिद की मां) की मां सोने की चेन पहने हुए थी, मगर उनसे चेन नहीं लूटी गई थी। इससे पुलिस को शक हुआ था।
पुलिस ने राशिद और उसके परिवार के अन्य लोगों के नंबर सर्विलांस पर लगा दिए। इस बीच राशिद ने मंगलम को कॉल कर अपने हिस्से के रुपये (5.5 लाख) मांगे। यह कॉल रिकॉर्ड हो गई और पुलिस को साजिश का पता चल गया।
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पुलिस ने भतीजे समेत छह लुटेरों को गिरफ्तार कर इनके पास से तीन लाख रुपये, तीन बाइक, दो तमंचे, चार कारतूस बरामद किए हैं। छह लाख रुपये लेकर मास्टर माइंड मंगलम भागा हुआ है।
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पकड़े गए बदमाशों में राशिद निवासी शामली भोजपुर, विशाल और मीनू निवासी परतापुर पिलखुवा, गौरव और नदीम निवासी अतरौली भोजपुर, नीटू निवासी औलेडा, गुलावठी हैं। आरोपियों का डीजे ग्रुप है। क्राइम ब्रांच की टीम ने इन्हें गांव अवलपुर में ट्यूबवेल पर पैसों का बंटवारा करते दबोचा।
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एसएसपी केएस इमेनुएल ने बताया कि राशिद और मंगलम एक ही गांव के हैं और दोस्त हैं। मंगलम कमेटी डालता है, उस पर काफी कर्ज हो गया है। कुछ दिन पहले मंगलम को पता चला कि राशिद के फूफा इकबाल निवासी नूरनगर लिसाड़ी गेट मेरठ ने प्लाट बेचा है और वह पिलखुवा में प्लाट खरीदेंगे।
इकबाल घोड़ा बग्गी का काम करते हैं। पिलखुवा जाने से पहले वह राशिद और उसकी मां के साथ रुपये लेकर शामली भोजपुर आएंगे। मंगलम ने राशिद के साथ लूट की साजिश रची कि ‘आधी रकम मैं रख लूंगा, जिससे मेरा कर्ज उतर जाएगा।
बाकी रकम से तू ऐश करना।’ 24 जुलाई को मेरठ से 9.10 लाख रुपये लेकर राशिद, उसकी मां और उसका फूफा इकबाल शामली भोजपुर के लिए बाइक पर चले। साजिश के तहत राशिद की सूचना पर मंगलम ने पांचों बदमाशों को महम्मदपुर गांव के पास लगा दिया।
रास्ते में इकबाल और राशिद समोसे खाने के लिए रुके तो राशिद ने फिर मंगलम को फोन कर लोकेशन बताई। इसके बाद महम्मदपुर गांव के पास बाइक सवार लुटेरों ने इन्हें टक्कर मारकर गिरा दिया और रुपये लूट लिए। एसएसपी ने खुलासा करने वाली क्राइम ब्रांच प्रभारी सुरेश चंद बेलवाल की टीम को पांच हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है।
सलहज की चेन न लूटने से हुआ शक, फोन कॉल से आए पकड़ में
एसएसपी ने बताया कि वारदात के दौरान इकबाल की सलहज (राशिद की मां) की मां सोने की चेन पहने हुए थी, मगर उनसे चेन नहीं लूटी गई थी। इससे पुलिस को शक हुआ था।
पुलिस ने राशिद और उसके परिवार के अन्य लोगों के नंबर सर्विलांस पर लगा दिए। इस बीच राशिद ने मंगलम को कॉल कर अपने हिस्से के रुपये (5.5 लाख) मांगे। यह कॉल रिकॉर्ड हो गई और पुलिस को साजिश का पता चल गया।