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मथुरा में गाजियाबाद के इंजीनियर का अपहरण
ब्यूरो,अमर उजाला साहिबाबाद
Updated Wed, 10 Aug 2016 12:30 AM IST
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अपराध
- फोटो : अमर उजाला
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मथुरा के बरसाना में सीसीटीवी कैमरा इंस्टॉल करने गए इंजीनियर का बदमाशों ने मंगलवार दोपहर अपहरण कर लिया और पांच लाख रुपये की फिरौती मांगी। पत्नी की सूचना पर पुलिस हरकत में आई और मामले की जांच शुरू की। पुलिस का दावा है कि बदमाशों ने इंजीनियर को छोड़ दिया है। उसे लेने के लिए साहिबाबाद से पुलिस टीम मथुरा हो गई है।
लाजपत नगर के ब्लॉक-बी में नीरज सिन्हा (35) पत्नी रंजना और बेटे के साथ रहते है। वह गाजियाबाद में सीसीटीवी कैमरों का कारोबार करते हैं, और नेटवर्किंग इंजीनियर है। रंजना के अनुसार तीन दिन पहले नीरज के पास एक कॉल आई थी।
कॉल करने वालों ने सीसीटीवी कैमरों की जानकारी ली। बाद में कैमरा इंस्टॉल करने के लिए उन्हें बरसाना के एक मंदिर में बुलाया। मंगलवार सुबह वह मथुरा के लिए निकले थे। दोपहर दो बजे पत्नी रंजना के मोबाइल पर नीरज की कॉल आई लेकिन बात किसी दूसरे युवक ने कीं।
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उसने कहा कि नीरज का अपहरण कर लिया गया है, अगर उसे छुड़ाना हो तो पांच लाख रुपये तैयार रखो। रंजना घबरा गई और रोने लगी। उसने युवक से फोन पर कहा कि इनती रकम नहीं है, इतने में कॉल काट दिया गया।
बदमाशों ने शाम चार बजे फिर फोन किया और दो अकाउंट नंबर देते हुए 50 हजार रुपये जमा कराने के लिए कहा। इनमें एक अकाउंट नंबर उनके पति का था। रंजना ने अकाउंट में 25 हजार रुपये जमा कराए और पुलिस को मामले की सूचना दी।
पुलिस ने नीरज के मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की। वह मथुरा के एक गांव की निकली। एएसपी आशीष श्रीवास्तव ने नीरज के मोबाइल पर कॉल किया और बदमाशों से उन्हें छोड़ने के लिए कहा। एएसपी का कहना है कि मामला पुलिस तक पहुंचने का पता चलते ही बदमाश नीरज को छोड़ने को तैयार हो गए हैं।
रंजना के मोबाइल पर कॉल कर बदमाशों ने शिकायत वापस लेने को कहा है। बदमाशों ने नीरज को छोड़ दिया है। एसओ साहिबाबाद की अगुवाई में टीम को नीरज को मथुरा लेने भेजा गया है।
पुलिस बोली, ठग गैंग के शिकार हुए नीरज
एएसपी आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि मथुरा आदि इलाकों में एक ऐसा गैंग सक्रिय है जो सोने की ईंट बेचने के नाम पर लोगों को मथुरा के गांव में बुलाता है। बाद में, नकली ईंट थमाकर उन्हें ठग लिया जाता है। संभवत: नीरज ने नकली ईंट खरीदने से इंकार किया होगा और ठगों ने उन्हें बंधक बना लिया होगा। उनके आने के बाद ही पूरी जानकारी मिल सकेगी।
पत्नी को कॉल कर कहा, सुरक्षित हैं
उधर, नीरज ने पत्नी को कॉल भी किया और बताया कि वे अब सुरक्षित हैं। पति से बात होने के बाद पत्नी की जान में जान आई।
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लाजपत नगर के ब्लॉक-बी में नीरज सिन्हा (35) पत्नी रंजना और बेटे के साथ रहते है। वह गाजियाबाद में सीसीटीवी कैमरों का कारोबार करते हैं, और नेटवर्किंग इंजीनियर है। रंजना के अनुसार तीन दिन पहले नीरज के पास एक कॉल आई थी।
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कॉल करने वालों ने सीसीटीवी कैमरों की जानकारी ली। बाद में कैमरा इंस्टॉल करने के लिए उन्हें बरसाना के एक मंदिर में बुलाया। मंगलवार सुबह वह मथुरा के लिए निकले थे। दोपहर दो बजे पत्नी रंजना के मोबाइल पर नीरज की कॉल आई लेकिन बात किसी दूसरे युवक ने कीं।
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उसने कहा कि नीरज का अपहरण कर लिया गया है, अगर उसे छुड़ाना हो तो पांच लाख रुपये तैयार रखो। रंजना घबरा गई और रोने लगी। उसने युवक से फोन पर कहा कि इनती रकम नहीं है, इतने में कॉल काट दिया गया।
बदमाशों ने शाम चार बजे फिर फोन किया और दो अकाउंट नंबर देते हुए 50 हजार रुपये जमा कराने के लिए कहा। इनमें एक अकाउंट नंबर उनके पति का था। रंजना ने अकाउंट में 25 हजार रुपये जमा कराए और पुलिस को मामले की सूचना दी।
पुलिस ने नीरज के मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की। वह मथुरा के एक गांव की निकली। एएसपी आशीष श्रीवास्तव ने नीरज के मोबाइल पर कॉल किया और बदमाशों से उन्हें छोड़ने के लिए कहा। एएसपी का कहना है कि मामला पुलिस तक पहुंचने का पता चलते ही बदमाश नीरज को छोड़ने को तैयार हो गए हैं।
रंजना के मोबाइल पर कॉल कर बदमाशों ने शिकायत वापस लेने को कहा है। बदमाशों ने नीरज को छोड़ दिया है। एसओ साहिबाबाद की अगुवाई में टीम को नीरज को मथुरा लेने भेजा गया है।
पुलिस बोली, ठग गैंग के शिकार हुए नीरज
एएसपी आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि मथुरा आदि इलाकों में एक ऐसा गैंग सक्रिय है जो सोने की ईंट बेचने के नाम पर लोगों को मथुरा के गांव में बुलाता है। बाद में, नकली ईंट थमाकर उन्हें ठग लिया जाता है। संभवत: नीरज ने नकली ईंट खरीदने से इंकार किया होगा और ठगों ने उन्हें बंधक बना लिया होगा। उनके आने के बाद ही पूरी जानकारी मिल सकेगी।
पत्नी को कॉल कर कहा, सुरक्षित हैं
उधर, नीरज ने पत्नी को कॉल भी किया और बताया कि वे अब सुरक्षित हैं। पति से बात होने के बाद पत्नी की जान में जान आई।