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पांच दिन से अपहृत छात्र की हत्या, तालाब में मिला शव
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Mon, 27 Feb 2017 12:11 AM IST
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अपराध
- फोटो : अमर उजाला
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डीएलएफ अंकुर विहार कालोनी से पांच दिन पूर्व अपहृत 12 वर्षीय प्रथम की अपहर्ता ने गला रेतकर हत्या कर दी। उसका शव रविवार सुबह दिल्ली की सोनिया विहार कालोनी के पीछे तालाब में मिला। उसका अपहरण पड़ोस में रहने वाले युवक ने फिरौती के लिए किया था। आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया गया है।
उसने बताया कि प्रथम ने उसे पहचान लिया था, इसलिए अपहरण की रात ही उसकी हत्या कर शव तालाब में फेंक दिया था। आरोपी की निशानदेही पर शव बरामद किया गया। पुलिस ने छात्र के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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डीएलएफ अंकुर विहार कालोनी में मंगलवार शाम मंदिर में प्रसाद चढ़ाने गया प्रथम संदिग्ध परिस्थिति में लापता हो गया था। वह दिल्ली के सोनिया विहार स्थित एमआरएल स्कूल में सातवीं कक्षा का छात्र था। उसके दादा देवदास ने लोनी कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। बुधवार दोपहर अपहृत के दादा से फोन पर दस लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी।
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पुलिस ने मासूम की सकुशल बरामदगी और बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमों का गठन किया था। पुलिस के कहने पर छात्र के दादा ने अपहर्ता से तीन लाख की फिरौती देने की बात कही। अपहर्ता ने रुपये लेकर उनको अंकुर विहार में एक जगह पर पहुंचने को कहा।
रविवार सुबह पुलिस ने बदमाशों द्वारा बताए स्थान पर प्रथम के दादा से तीन लाख रुपये की रकम भिजवाई। तभी रकम लेने पहुंचे अपहर्ता को पुलिस ने धर दबोचा। पूछताछ में उसने अपना नाम बबलू उर्फ रोहित त्रिपाठी निवासी डीएलएफ अंकुर विहार कालोनी बताया।
उसकी निशानदेही पर पुलिस ने प्रथम के शव को दिल्ली स्थित सोनिया विहार कालोनी के पीछे तालाब से बरामद कर लिया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस पूछताछ में बबलू ने बताया कि वह मूल रूप से इटावा का रहने वाला है और डीएलएफ कालोनी में किराए के फ्लैट में रहता है। वह फिलहाल कोई काम नहीं करता है।
अपहरण के बाद वह प्रथम को बहला फुसलाकर डीएलएफ कॉलोनी से करीब एक किलोमीटर दूर दिल्ली की सोनिया विहार में ले गया था। मंगलवार को ही देर रात जब प्रथम को यह लगा कि वह अपहृत हो चुका है तो उसने शोर मचाना शुरू किया। प्रथम ने उसे पहचान भी लिया था। बबलू ने बताया कि प्रथम को चुप कराना उसके लिए मुश्किल हो रहा था।
उस दौरान बोतल तोड़कर उसकी कांच से गला रेत कर प्रथम की हत्या कर दी थी। उसके शव को वहीं एक तालाब में फेंक दिया था।
कहां जांच में लगी रही पुलिस
पुलिस को दूसरे दिन ही आरोपी का नंबर मिल गया था। वह समय समय पर फोनकर परिजनों से बात कर रहा था। पुलिस उसे ट्रेस नहीं कर सकी। परिजनों और कालोनी के लोगों का कहना है कि यदि पुलिस सक्रियता दिखाती तो आरोपी पहले ही पकड़ा जाता। प्रथम का शव मिलने से परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है।
रुपये ऐंठने की थी योजना
पुलिस ने बताया कि प्रथम के माता-पिता के बीच विवाद चल रहा था। जिसके चलते उसकी मां बबीता परिवार से अलग रहती है। दादा देवदास, प्रथम, उसकी बहन माही और पिता संजय एक साथ डीएलएफ कालोनी में रहते हैं। बताया गया कि देवदास रेलवे से रिटायर हुए हैं। उन्हें रिटायरमेंट के बाद लाखों रुपये मिलने थे।
कुछ रुपये मिल चुके हैं, जबकि कुछ अभी मिलने बाकी हैं। उनसे रुपये ऐंठने को प्रथम का अपहरण किया गया था।
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पिता से पुलिस कर रही पूछताछ
आरोपी बबलू ने प्रथम के पिता संजय पर अपहरण की साजिश रचने का आरोप लगाया है। पुलिस पिता को हिरासत में लेकर लोनी कोतवाली में पूछताछ कर रही है। देर रात तक पूछताछ जारी थी। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के बाद ही मामले में और खुलासा हो सकेगा।
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