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डिफेंस की अर्जी खारिज, फैसले के करीब पहुंचा एक और मामला
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Mon, 05 Dec 2016 09:08 PM IST
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न्यायालय
- फोटो : file photo
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चर्चित निठारी कांड का एक और मामला फैसले के करीब पहुंच गया है। सीबीआई विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी ने सोमवार को इस मामले को निर्णय में लगाते हुए 14 दिसंबर की तारीख नियत कर दी। इससे पूर्व डासना जेल की हाई सिक्योरिटी बैरक में बंद निठारी कांड के मुख्य आरोपी सुरेंद्र कोली को कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश किया गया।
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निठारी कांड के इस मामले में डिफेंस ने बहस न करके एक अर्जी देकर कोर्ट को बताया था कि अभी वह पत्रावली का निरीक्षण नहीं कर पाए हैं। इसके अलावा कुछ गवाहों को दोबारा से कोर्ट में बुलाने की मांग भी इस अर्जी में डिफेंस ने की थी। सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक जेपी शर्मा ने इस पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी।
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सोमवार को अर्जी पर सुनवाई के बाद विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी ने इसे यह कहते हुएखारिज कर दिया कि डिफेंस ने इस मामले में बहस न करके गुण-दोष के आधार पर न्याय निर्णय को न होने देने केलिए न्यायिक प्रक्रिया के दुरुपयोग में स्थगन प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करके वाद की कार्यवाही में अविधिक बाधा डालने का प्रयास किया है।
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इसी आशय का एक प्रार्थना पत्र डिफेंस ने 2 दिसंबर को भी दिया था, जोकि खारिज कर दिया गया था। न्यायाधीश ने यह भी कहा कि बहस के लिए बचाव पक्ष को पूर्व में कुल 26 मौके दिए गए। अब कोर्ट ने डिफेंस को आखिरी मौका देते हुए कहा है कि 9 दिसंबर तक वह अपना पक्ष और साक्ष्य कोर्ट में पेश कर सकते हैं।
इसके साथ ही निठारी केस की इस फाइल को न्यायाधीश ने निर्णय में लगाते हुए 14 दिसंबर की तारीख नियत कर दी।
सब्जी लेने गई थी मासूम, फिर कभी नहीं लौटी घर
गाजियाबाद। निठारी का यह मामला एक 11 साल की बच्ची की हत्या से संबंधित है। मूल रूप से दार्जलिंग की रहने वाली इस बच्ची को नोएडा में चाऊमीन का ठेला लगाने वाले उसके मौसा जेम्स थापा पढ़ाई कराने के लिए अपने घर ले आए थे। 27 जुलाई 2006 की सुबह करीब 9 बजे यह बच्ची थैला लेकर सब्जी लेने गई थी।
इसके बाद से ही वापस नहीं लौटी। नोएडा के सेक्टर-20 थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई थीसीबीआई के स्पेशल लोक अभियोजक जेपी शर्मा ने बताया कि 29 दिसंबर 2006 को जब खूनी कोठी से आरोपी सुरेंद्र कोली को गिरफ्तार किया गया था, तब मकान के पीछे नाले से खोपड़ियां भी बरामद हुई थीं।
इन्हीं में से एक खोपड़ी चंडीगढ़ सीएफएल की जांच में लापता मासूम बच्ची से मैच हुई थी।