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नौकरी की दौड़ में टूट गई सांसों की डोर
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Wed, 20 Apr 2016 01:27 AM IST
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अपराध्ा
- फोटो : अमर उजाला
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अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की वन्य जीव रक्षक/वन रक्षक पदों की भर्ती के लिए चिड़ियाघर में चल रही दौड़ प्रतियोगिता में मंगलवार को एक अभ्यर्थी गर्मी में गश खाकर गिर पड़ा। उसे एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया जहां कुछ घंटों के इलाज के बाद उसने दम तोड़ दिया।
सुबह 6:45 बजे शुरू हुई 25 किलोमीटर की इस दौड़ में सुबह 10:20 बजे तक वह 18 किलोमीटर की दौड़ पूरी कर चुका था। हादसे के वक्त तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस था।
शारीरिक दक्षता परीक्षा (फिजिकल टेस्ट) के दूसरे दिन मंगलवार को हुई दौड़ में गाजियाबाद निवासी रवि कुमार (30) पुत्र लाखन सिंह भी दौड़ रहा था।
सुबह 10:20 बजे वह अचानक गश खाकर गिर पड़ा। वहां पर मौजूद एंबुलेंस से उसे उर्सला अस्पताल ले जाया गया। कुछ देर बाद डॉक्टरों ने उसे हैलट अस्पताल रेफर कर दिया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
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अभ्यर्थियों को चार घंटे में 25 किलोमीटर की दौड़ लगानी थी। रवि ने दस चक्कर लगाकर 18 किलोमीटर की दौड़ पूरी कर ली थी। 11 वें चक्कर में वह गश खाकर गिर पड़ा और बेहोश हो गया था। मंगलवार को कुल 46 अभ्यर्थियों ने दौड़ में हिस्सा लिया था।
हादसे के बाद वहां मौजूद अभ्यर्थी सकते में आ गए। जू निदेशक दीपक कुमार ने बताया कि फिजिकल परीक्षा 30 अप्रैल तक सुबह 6 से 11 बजे तक करानी है। अभ्यर्थियों के पीने के लिए सादा पानी, नींबू पानी और ग्लूकोज आदि की व्यवस्थाएं थीं लेकिन रवि की जान नहीं बच सकी। यह दुखद है।
लिखित, मौखिक, मेडिकल पास कर चुका था रवि
वन रक्षक नौकरी का अंतिम पड़ाव शारीरिक दक्षता परीक्षा रवि की जिंदगी का आखिरी सफर साबित हुई। इस पद के लिए वह लिखित, मौखिक और मेडिकल परीक्षा क्वालीफाई कर चुका था। फिजिकल टेस्ट की दौड़ भी 18 किलोमीटर पूरी कर ली थी।
इसमें सफलता के बाद सिर्फ नियुक्ति पत्र मिलने की ही देरी थी लेकिन इससे पहले ही मौत जीत गई। चिड़ियाघर में इस पद के लिए मंगलवार को दूसरे दिन की दौड़ थी। इसमें 46 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। इनमें आठ महिला और 38 पुरुष अभ्यर्थी थे।
रवि के अलावा एक अभ्यर्थी यश मिश्रा ने दौड़ पूरी नहीं कर सका और डिस्क्वालीफाई रहा। जबकि पहले दिन कुल 44 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। इसमें 12 महिला और 32 पुरुष अभ्यर्थी थे। यह सभी सफल हो चुके हैं।
बुधवार और गुरुवार को परीक्षा नहीं होगी। 30 अप्रैल अभ्यर्थियों के फिजिकल परीक्षा होनी है। जू में 25 किलोमीटर की दौड़ 14 चक्करों में पूरी करनी है। एक चक्कर 1.8 किलोमीटर का था।
वन रक्षक परीक्षा के मानक
- चार घंटे में 25 किलोमीटर की दौड़ पूरी करना, बीच बीच में रुक कर दौड़ पूरी की का सकती है।
- दौड़ के दौरान 25 अफसरों और कर्मियों (फारेस्ट गार्ड, फारेस्टर, रेंज आफिसर) के स्टाफ की तैनाती होती है
- आठ प्वाइंटों पर सादा पानी, नींबू पानी, ग्लूकोज की व्यवस्था रहती है, दो बाइकों पर चार लोग साथ-साथ चलते हैं
ब्रेन हेमरेज या कॉर्डियक अरेस्ट हो सकता है
गर्मी में ज्यादा दौड़ से अचानक ब्लड सर्कुलेशन बढ़ जाता है। कभी-कभी दिमाग की नसें ब्लड प्रेशर से फट जाती हैं। कई मामलों में लोगों को कार्डियक अरेस्ट भी हो जाता है। इसमें मुंह या नाक से खून आ सकता है। रवि को पहले से दिक्कत रही होगी। कभी-कभी ये दिक्कतें पता नहीं चल पातीं। अमूमन ऐसी दौड़ में अभ्यर्थी पूरी प्रैक्टिस के साथ ही जाते हैं। इस तरह की दौड़ में शामिल होने से पहले शरीर में पानी की कमी को पूरा करने की कोशिश की जानी चाहिए और दौड़ के साथ ही ग्लूकोज या सादा पानी लेते रहना चाहिए।
-डॉ. सौरभ अग्रवाल, एसोसिएट प्रोफेसर, जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज
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सुबह 6:45 बजे शुरू हुई 25 किलोमीटर की इस दौड़ में सुबह 10:20 बजे तक वह 18 किलोमीटर की दौड़ पूरी कर चुका था। हादसे के वक्त तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस था।
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शारीरिक दक्षता परीक्षा (फिजिकल टेस्ट) के दूसरे दिन मंगलवार को हुई दौड़ में गाजियाबाद निवासी रवि कुमार (30) पुत्र लाखन सिंह भी दौड़ रहा था।
सुबह 10:20 बजे वह अचानक गश खाकर गिर पड़ा। वहां पर मौजूद एंबुलेंस से उसे उर्सला अस्पताल ले जाया गया। कुछ देर बाद डॉक्टरों ने उसे हैलट अस्पताल रेफर कर दिया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
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अभ्यर्थियों को चार घंटे में 25 किलोमीटर की दौड़ लगानी थी। रवि ने दस चक्कर लगाकर 18 किलोमीटर की दौड़ पूरी कर ली थी। 11 वें चक्कर में वह गश खाकर गिर पड़ा और बेहोश हो गया था। मंगलवार को कुल 46 अभ्यर्थियों ने दौड़ में हिस्सा लिया था।
हादसे के बाद वहां मौजूद अभ्यर्थी सकते में आ गए। जू निदेशक दीपक कुमार ने बताया कि फिजिकल परीक्षा 30 अप्रैल तक सुबह 6 से 11 बजे तक करानी है। अभ्यर्थियों के पीने के लिए सादा पानी, नींबू पानी और ग्लूकोज आदि की व्यवस्थाएं थीं लेकिन रवि की जान नहीं बच सकी। यह दुखद है।
लिखित, मौखिक, मेडिकल पास कर चुका था रवि
वन रक्षक नौकरी का अंतिम पड़ाव शारीरिक दक्षता परीक्षा रवि की जिंदगी का आखिरी सफर साबित हुई। इस पद के लिए वह लिखित, मौखिक और मेडिकल परीक्षा क्वालीफाई कर चुका था। फिजिकल टेस्ट की दौड़ भी 18 किलोमीटर पूरी कर ली थी।
इसमें सफलता के बाद सिर्फ नियुक्ति पत्र मिलने की ही देरी थी लेकिन इससे पहले ही मौत जीत गई। चिड़ियाघर में इस पद के लिए मंगलवार को दूसरे दिन की दौड़ थी। इसमें 46 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। इनमें आठ महिला और 38 पुरुष अभ्यर्थी थे।
रवि के अलावा एक अभ्यर्थी यश मिश्रा ने दौड़ पूरी नहीं कर सका और डिस्क्वालीफाई रहा। जबकि पहले दिन कुल 44 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। इसमें 12 महिला और 32 पुरुष अभ्यर्थी थे। यह सभी सफल हो चुके हैं।
बुधवार और गुरुवार को परीक्षा नहीं होगी। 30 अप्रैल अभ्यर्थियों के फिजिकल परीक्षा होनी है। जू में 25 किलोमीटर की दौड़ 14 चक्करों में पूरी करनी है। एक चक्कर 1.8 किलोमीटर का था।
वन रक्षक परीक्षा के मानक
- चार घंटे में 25 किलोमीटर की दौड़ पूरी करना, बीच बीच में रुक कर दौड़ पूरी की का सकती है।
- दौड़ के दौरान 25 अफसरों और कर्मियों (फारेस्ट गार्ड, फारेस्टर, रेंज आफिसर) के स्टाफ की तैनाती होती है
- आठ प्वाइंटों पर सादा पानी, नींबू पानी, ग्लूकोज की व्यवस्था रहती है, दो बाइकों पर चार लोग साथ-साथ चलते हैं
ब्रेन हेमरेज या कॉर्डियक अरेस्ट हो सकता है
गर्मी में ज्यादा दौड़ से अचानक ब्लड सर्कुलेशन बढ़ जाता है। कभी-कभी दिमाग की नसें ब्लड प्रेशर से फट जाती हैं। कई मामलों में लोगों को कार्डियक अरेस्ट भी हो जाता है। इसमें मुंह या नाक से खून आ सकता है। रवि को पहले से दिक्कत रही होगी। कभी-कभी ये दिक्कतें पता नहीं चल पातीं। अमूमन ऐसी दौड़ में अभ्यर्थी पूरी प्रैक्टिस के साथ ही जाते हैं। इस तरह की दौड़ में शामिल होने से पहले शरीर में पानी की कमी को पूरा करने की कोशिश की जानी चाहिए और दौड़ के साथ ही ग्लूकोज या सादा पानी लेते रहना चाहिए।
-डॉ. सौरभ अग्रवाल, एसोसिएट प्रोफेसर, जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज