फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   Audi Accident: Professor Rawat came nine days later

ऑडी हादसा: नौ दिन बाद सामने आए प्रोफेसर रावत

Tue, 07 Feb 2017 12:55 AM IST
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद Updated Tue, 07 Feb 2017 12:55 AM IST
विज्ञापन
Audi Accident: Professor Rawat came nine days later
प्रोफेसर मनीष रावत - फोटो : अमर उजाला

इंदिरापुरम की नहर रोड पर ऑडी-ऑटो की टक्कर मामले में आखिरकार ऑडी मालिक असिस्टेंट प्रोफेसर मनीष रावत नौ दिन बाद पुलिस के सामने आ ही गए। उन्होंने पुलिस को बयान दिया कि ऑडी वह नहीं बल्कि उनका ड्राइवर इशहाक ही चला रहा था।

विज्ञापन


घटना के समय भीड़ जुटती देख वह डर गए और वहां से भाग गए। जिस व्यक्ति ने कोर्ट में सरेंडर किया वही उनका ड्राइवर है, उसने अपना नाम इशहाक ही बताया था। उधर, अपने ड्राइविंग लाइसेंस का गलत प्रयोग होने पर असली इशहाक मंगलवार को थाना इंदिरापुरम पहुंचकर शिकायत दे सकता है।  
विज्ञापन

 
रविवार देर रात प्रोफेसर मनीष अचानक वैशाली चौकी पहुंचे और अपने बयान दर्ज कराए। मनीष ने माना कि घटना के दौरान वह कार में ही थे। कार वही युवक चला रहा था, जिसने कोर्ट में सरेंडर किया। उसने अपना नाम इशहाक बताया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्हें नहीं पता था कि वह ड्राइविंग लाइसेंस उसका नहीं है। आरटीओ से उसका वेरिफिकेशन भी कराया था। जांच अधिकारी ने बताया कि मनीष के बयान दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।

जांच में लग रहा है कि सरेंडर करने वाला सैयद इम्तियाज इशहाक के ड्राइविंग लाइसेंस का गलत उपयोग कर यहां ड्राइविंग कर रहा था। उसकी तलाश में पुलिस टीम दबिश दे रही है।

सोमवार को अमर उजाला से फोन पर असिस्टेंट प्रोफेसर मनीष रावत ने बताया कि उन्होंने लाइसेंस का वेरिफिकेशन करवाने के बाद ही इशहाक को नौकरी पर रखा था। घटना के बाद वह काफी घबरा गए थे।

वह कार में लिफ्ट लेकर वसुंधरा सेक्टर पांच स्थित सोसायटी ऑलिव काउंटी गए और वहां से जालौन में रहने वाले रिश्तेदार के घर चले गए। जब इशहाक ने कोर्ट में सरेंडर किया तो वे निश्चिंत हो गए थे कि अब उन्हें कोई परेशानी नहीं होगी।

उन्होंने बताया कि एक कार को ओवरटेक करने के दौरान सामने से आ रहे ऑटो से टक्कर हो गई थी। सोमवार को वह अर्जी देने गाजियाबाद कोर्ट भी पहुंचे थे। मगर कोर्ट बंद था।
बता दें कि 27 जनवरी की रात इंदिरापुरम नहर रोड पर ऑडी-ऑटो की टक्कर में ऑटो सवार महिला समेत चार लोगों की मौत हो गई थी।

मामले में ऑडी मालिक सफदरजंग अस्पताल के असिस्टेंट प्रोफेसर मनीष रावत तब से गायब थे। घटना के चार दिन बाद खुद को इशहाक बताकर एक युवक ने हादसे की जिम्मेदारी लेते हुए गाजियाबाद कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। उसे जमानत मिल गई थी।

जांच में सामने आया कि जिस इशहाक के ड्राइविंग लाइसेंस को सरेंडर करने वाले युवक ने कोर्ट में जमा करवाया था वह एक ट्रक चालक का था। ट्रक चालक ने फोन पर बताया था कि उसने कभी ऑडी चलाई ही नहीं। ऐसे में जांच एक बार फिर ऑडी मालिक मनीष की ओर मुड़ गई थी।

मंगलवार को गाजियाबाद आ सकता है इशहाक     
असली इशहाक ने अमर उजाला को फोन पर बताया कि वह गुवाहाटी से ट्रेन से बरेली आ रहा है। मगर कोहरे के चलते ट्रेन लेट है। ऐसे में मंगलवार तक ही गाजियाबाद पहुंच सकेगा। उसने बताया कि उसके लाइसेंस का गलत तरीके से उपयोग करने के खिलाफ वह पुलिस में शिकायत देगा।

इशहाक ने बताया कि इम्तियाज ने मोबाइल का सिम लेने के लिए उससे आईडी प्रूफ मांगा था। तब वह एक मकान में साथ-साथ किराए पर रहते थे। कुछ समय पहले वह अपनी मां के साथ गांव में रहने लगा। उसे नहीं पता था कि इम्तियाज उसके डीएल का गलत उपयोग करेगा।    
 
मनीष के घर के बाहर लगी आईएएस के नाम की प्लेट     
मामले में अभी तक बरेली के एक आईपीएस अधिकारी का नाम सामने आ रहा था। मगर मनीष के ऑलिव काउंटी स्थित फ्लैट के बाहर एक आईएएस की नेम प्लेट लगी है।

मृतकों के परिजन यह भी शक जता रहे हैं कि जिस आईएएस के नाम की नेम प्लेट लगी है वही मनीष रावत की मदद कर रहा है। हालांकि ऑलिव काउंटी सोसायटी के लोग यह बताने से इंकार कर रहे हैं कि फ्लैट किसके नाम है।     

27 को बरेली में था इम्तियाज!
पुलिस के मुताबिक, छानबीन में पता चल रहा है कि 27 जनवरी को कोर्ट में इशहाक के नाम से सरेंडर करने वाला इम्तियाज बरेली में ही था। 29 जनवरी को उसके पास एक कॉल आई।


30 जनवरी को घरवालों से गोंडा जाने की बात कहकर निकला था। इसके बाद वह 31 की रात को ही घर लौटा तो काफी परेशान लग रहा था। अगले दिन ही फिर कहीं चला गया। आसपास के लोगों ने ऐसा पुलिस को बताया है।

ऐसे भी यह भी अंदेशा जताया जा रहा है कि इम्तियाज ने कहीं किसी दबाव में आकर तो सरेंडर नहीं किया। हालांकि अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि होनी बाकी है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed