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पूछेंगे साहब, मीट क्यों खाते हैं आप
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Thu, 23 Mar 2017 12:54 AM IST
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मांस
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प्रशासनिक अधिकारी अब मांसाहारी लोगों से पूछेंगे कि वे मीट क्यों खाते हैं, और उन्हें यह आहार कितना पसंद है। भारत सरकार की ओर से सभी प्रदेशों के कुछ जनपदों में प्रशासन की ओर से सर्वे किया जाएगा।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डा. बिजेंद्र त्यागी ने बताया कि नेशनल सर्च सेंटर ऑफ मीट हैदराबाद भारत सरकार की ओर से यह सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे के तहत जनपद के पांच गांव चिन्हित किए जाएंगे, जहां पशु व्यापार और मीट का कारोबार अधिक होता है।
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इसके अंतर्गत मीट खाने वाले लोगों के साथ ही पशु का व्यापार करने वाले, स्लॉटर हाउस संचालक, मीट कारोबारी और मीट आयात-निर्यात से जुड़े लोगों से बात की जाएगी। उनसे पूछा जाएगा कि वे मीट का कारोबार क्यों करते हैं और उन्हें इससे कितना लाभ मिलता है।
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मीट कारोबारी से उपभोक्ताओं की संख्या भी पूछी जाएगी। ऐसे ही जो लोग मीट खाते हैं, उनसे भी अधिकारी बात करेंगे कि वे मीट का सेवन क्यों करते हैं और वे इस आहार को किस हद तक पसंद करते हैं। डा. त्यागी ने बताया कि सर्वे से संबंधित विशेष गाइडलाइन के लिए 25 मार्च को लखनऊ में बैठक होनी है।
उन्होंने बताया कि यह सर्वे देश भर में होना है। सर्वे होने के बाद इस रिपोर्ट के आधार पर मीट कारोबार पर किसी तरह का फैसला लेने के लिए राज्यसभा में चर्चा की जाएगी।