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आग लगने से हड़कंप, बाल-बाल बचे महिला और बच्चे
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Wed, 18 May 2016 01:28 AM IST
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आग
- फोटो : self
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सेक्टर-5 स्थित खाली प्लॉट में पड़े कूड़े में लगी आग पड़ोस की बिल्डिंग के चार फ्लैटों तक पहुंचने से हड़कंप मच गया। आनन-फानन में फ्लैट में रहने वाले सभी महिलाएं और बच्चे बाहर भागे। तभी एक फ्लैट में तेज धमाके के साथ बालकनी में रखा सिलेंडर फट गया।
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धमाके से खिड़की के शीशे टूटकर एक किशोर के चेहरे और हाथ में लगे, जिससे वह मामूली रूप से घायल हो गया। उसे पास के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियों ने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
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वैशाली सेक्टर-5 के प्लॉट संख्या 593 के फर्स्ट फ्लोर पर आईटी कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर केसरनाथ सिंह पत्नी निधि और बेटी राशि के साथ रहते हैं। लोगों के अनुसार शाम करीब चार बजे उनकी बिल्डिंग के पीछे बने खाली प्लॉट में पड़े कूड़े में अचानक किसी ने आग लगा दी।
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लपटें ऊपर उठीं और केशरनाथ के फ्लैट की बालकनी के पर्दों में आग लग गईं। आग फ्लैट के अंदर पहुंच गई तो कमरे में सो रहीं निधि और राशि बाहर भागीं। इस दौरान आग ने ऊपरी तीनों फ्लैटों को भी चपेट में ले लिया। सभी लोग बाहर भागे और फायर डिपार्टमेंट को मामले की सूचना दी।
तभी तेज धमाके के साथ केशरनाथ की बालकनी में रखा सिलेंडर फट गया। धमाके से हड़कंप मच गया। दमकल की गाड़ियों ने आग बुझाना शुरू किया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
एफएसओ अजय शर्मा ने बताया कि चार गाड़ियों ने आग बुझाई है। आग में प्रथम तल निवासी केशरनाथ के अलावा ग्राउंड फ्लोर पर रहने वाले राहुल, सेकेंड फ्लोर पर अभिषेक सक्सेना और तीसरी मंजिल पर रहने वाले शेखर जोशी के फ्लैट में भी लाखों का नुकसान हुआ है। जांच की जा रही है कि प्लॉट के कूड़े में आग किसने लगाई।
तीन और सिलेंडर फटते तो चली जाती कई जानें
एफएसओ अजय शर्मा ने बताया कि केसरनाथ की बालकनी में तीन ओर सिलेंडर रखे थे। गनीमत रही कि वह आग लगने से नहीं फटे। अन्यथा हादसा और बड़ा हो सकता था। सिलेंडर ब्लास्ट से बिल्डिंग की खिड़कियों के शीशे टूट गए। जो पास की बिल्डिंग की छत पर खड़े एक 14 वर्षीय किशोर उज्ज्वल के चेहरे और हाथ पर लगे। उसे पास के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
करीब सौ मीटर दूर जाकर गिरे सिलेंडर के टुकड़े
सिलेंडर फटने के बाद उसका अवशेष खाली प्लॉट में ही जा गिरा। जिससे फ्लैट में ज्यादा नुकसान नहीं हुआ। इतना ही नहीं धमाका इतना तेज था कि सिलेंडर के फटने के बाद उसके टुकड़े करीब 100 मीटर दूरी खाली प्लॉट में मिले। एक टुकड़ा सामने की सड़क पर भी मिला।
आसपास के लोग भी घरों से आए बाहर
धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए। उधर, बालकनी में रखे अन्य सिलेंडरों के फटने की आशंका से दमकल विभाग को खास सावधानी बरतनी पड़ी। जिसके चलते आग बुझाने में और परेशानी आई। हालांकि दमकल विभाग ने सावधानी से सफलतापूर्वक आग पर काबू पा लिया।
फिर दिया दमकल विभाग के नंबर ने धोखा
लोगों ने बताया कि उन्होंने दमकल विभाग को सूचना देने के लिए 101 नंबर डायल किया तो वह नोएडा जा लगा। जिसके बाद उन्होंने वैशाली फायर स्टेशन का नंबर दिया। इस दौरान दमकल विभाग को ही सूचना देने में करीब पांच मिनट की देरी हुई।