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40 दिन से चल रही जांच...किसी पर नहीं आई आंच

ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद Updated Fri, 24 Jun 2016 12:59 AM IST
जांच
जांच - फोटो : investigation
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राजनगर में एसी ब्लास्ट से हुई पांच लोगों की मौत से एनसीआर भले ही हिल गया हो, मगर अफसरों को ज्यादा फर्क नहीं पड़ा। पांच एफआईआर दर्ज हैं, पुलिस, जीडीए और प्रशासन जांच कर रहा है, लेकिन 40 दिन बाद भी किसी पर आंच तक नहीं आई है। यह भी तय नहीं हो पाया है कि आखिर इन पांच मौतों का जिम्मेदार कौन है?
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कविनगर पुलिस ने इस दौरान सिर्फ इतना किया है कि सारी एफआईआर एक जगह मर्ज कर ली हैं। गिरफ्तारी तो दूर, अभी तक सभी संबंधित लोगों के बयान तक दर्ज नहीं किए गए हैं। जीडीए ने बिल्डिंग सील कर इतिश्री कर ली है। प्रशासन की मजिस्ट्रेटी जांच भी धीमी है।

फायर ब्रिगेड ने इस मामले की जो रिपोर्ट डिप्टी डायरेक्टर को भेजी है, उसमें घटनाक्रम के अलावा अपनी ‘बहादुरी’ दिखाई है। फायर ब्रिगेड सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट में लिखा है कि धुएं की वजह से बिल्डिंग में फंसे लोग बाहर नहीं निकल पा रहे थे।

फायर ब्रिगेड कर्मचारियों ने आग बुझाई और मशक्कत कर 11 लोगों को अस्पताल पहुंचाया। पांच को अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया, जबकि छह को बचा लिया गया। इस दौरान एफएसओ आरके यादव, फायर ब्रिगेड कर्मचारी राम गोपाल, ऋषिपाल और कर्णपाल बेहोश हो गए। बता दें कि 14 मई को राजनगर की बिल्डिंग 14/6 में  शार्ट सर्किट से एसी में ब्लास्ट हो गया था, जिससे तीन मंजिला बिल्डिंग में धुआं फैल गया था। धुएं में दम घुटने से इंडिया मार्ट कंपनी के पांच कर्मचारियों की मौत हो गई थी।

‘कौन कुसूरवार है, यह पुलिस या प्रशासन तय करेगा। हमने रिपोर्ट में किसी को आरोपी नहीं बनाया है, रिपोर्ट डिप्टी डायरेक्टर (फायर) को भेज दी है।’     - आरके यादव, फायर ऑफिसर

‘जीडीए बिल्डिंग सील कर एफआईआर दर्ज करा चुका है, बाकी वैधानिक कार्रवाई प्रगति पर है।’  - रविंद्र गोडबोले, जीडीए सचिव

‘15-16 लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। मजिस्ट्रेटी जांच चल रही है, जिसे पूरा होने में अभी समय लगेगा।’  - बीडी सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट

‘सारी एफआईआर एक जगह मर्ज कर ली गई हैं। जांच जारी है, जल्द ही इसमें आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।’ - अशोक सिसौदिया, कविनगर एसएचओ

बिल्डिंग में यह मानक नहीं थे पूरे
- रेजिडेंशियल बिल्डिंग का कामर्शियल में यूज किया जा रहा था
- फायर सेफ्टी के इंतजाम नहीं थे
- बिल्डिंग के चारों ओर खुला मार्ग नहीं था।
- फायर अलार्म और वेंटिलेशन की जगह नहीं थी।
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