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शहर के 18 स्थानों का पानी पीने लायक नहीं
अमर उजाला ब्यूरो गाजियाबाद
Updated Wed, 14 Jun 2017 12:05 AM IST
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पानी पीने लायक नहीं
- फोटो : demo pic
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स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम के संयुक्त जांच अभियान में पता चला है कि गाजियाबाद सिटी के 18 स्थानों का पानी पीने लायक नहीं है। विजय नगर से आठ और सिद्धार्थ से लिए गए 10 पानी के सैंपल जांच में फेल हो गए। यहीं नहीं यह पानी आदमी को बीमार भी कर सकता है। संयुक्त जांच में सप्लाई के पानी में क्लोरीनेशन शून्य पाया गया है। यह रिपोर्ट जिलाधिकारी सहित नगर आयुक्त को भेज दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम के संयुक्त टीम ने जून के पहले सप्ताह में विजय नगर और सिद्धार्थ विहार के 25 जगहों से पानी के नमूने लिए थे। इनमें से 18 नमूने फेल हो गए। विजय नगर के बिहारीपुरा में तीन, सर्वोदय कालोनी में एक, सुदामापुरी में तीन, आदर्श कालोनी में एक और आवास एवं विकास की सिद्धार्थ विहार कालोनी में 10 जगहों पर पानी के नमूने फेल आए हैं।
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पानी में क्लोरिनेशन शून्य पाया गया है। इसके अलावा निरीक्षण के दौरान पाया गया कि सुदामापुरी स्थित नगर-निगम की टंकी की सफाई 2013-14 के बाद से नहीं हुई हैं। डीएमओ जीके मिश्रा ने बताया कि पानी के नमूनों की रिपोर्ट प्रशासन और नगर-निगम को सौंप दी गई है। सभी जगहों पर क्लोरीनेशन कराया जा रहा ळै।
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एक ही जगह के पानी के नमूने दो से तीन बार फेल पाए जाने पर प्रशासन नोटिस जारी करता है।परिषदीय विद्यालयों में लगे हैंडपंप से मिल रहा पानी पीने योग्य है भी या नहीं, अब इसकी जांच की जाएगी। इसका मकसद स्कूली बच्चों को शुद्ध पीने का पानी मुहैया कराना है।
गर्मी की छुट्टियां खत्म होने से पहले सभी विद्यालय के हैंडपंप के पानी की जांच करने के निर्देश दिए गए है यानी एक जुलाई से पहले यह रिपोर्ट दी जानी है। बीएसए लालजी यादव ने बताया कि सभी एबीएसए और एबीआरसी को निर्देश दिया गया है। जिले में 618 परिषदीय विद्यालय हैं, इनमें से अधिकतर विद्यालयों में हैंडपंप से ही पानी मिलता है।
नगर क्षेत्र के कुछ स्कूलों में सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से वाटर कूलर या आरओ लगाया गया है। ऐसे कुछ ही विद्यालय हैं। ब्लॉकवार क्षेत्र के विद्यालयों में शुद्ध पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। जांच में पानी का नमूना फेल होने पर हैंडपंप को रिबोर कराया जाएगा। हैंडपंप के पानी के नमूने की जांच स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से की जाएगी। विद्यालयों में हैंडपंप रिबोर कराने का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जाएगा।