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रेप पीड़िता का मेडिकल बनने में हुई लापरवाही, नपेंगे डॉक्टर-bulandshahr
Updated Tue, 20 Jun 2017 01:24 AM IST
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मासूम से रेप मामले में डीएम ने बैठाई जांच
मोदीनगर में ढाई वर्ष की मासूम के साथ दुष्कर्म के मामले ‘अमर उजाला’ की खबर का संज्ञान लेते हुए डीएम मिनिस्ती एस. ने जांच बैठा दी है। डीएम ने जिला प्रोबेशन अधिकारी व एसडीएम मोदीनगर को तत्काल जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया।
उधर, डीएम के आदेश पर तत्काल जांच शुरू कर दी गई है। अब तक की जांच में पुलिस और चिकित्सकों की लापरवाही सामने आ रही है। ऐसे में जांच रिपोर्ट के आधार पर लापरवाह पुलिसकर्मियों और डाक्टरों पर सख्त कार्रवाई हो सकती है।
‘अमर उजाला’ ने 17 जून के अंक में पेज नंबर 3 पर ‘ढाई साल की बच्ची से रेप’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी जिसका संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने जांच के आदेश दिए हैं। सीएचसी मोदीनगर के डॉक्टर सुनील द्वारा तत्परता न दिखाए जाने और थाना पुलिस द्वारा संगत धाराओं में रिपोर्ट दर्ज न करने का आरोप है।
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वहीं, जांच कर रहे जिला प्रोबेशन अधिकारी प्रभारी चंद्रमोहन श्रीवास्तव ने बताया कि आशा ज्योति केंद्र की टीम को जांच के लिए भेजा। बाद में स्वयं भी पीड़ित परिवार से मिले। जांच मेें सामने आया है कि परिवार जब बच्ची का मेडिकल कराने गोविंदपुरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचा तो वहां मौजूद चिकित्सक ने मेडिकल करने से इंकार कर दिया।
परिवार वालों का आरोप है कि चिकित्सक ने पहले एफआईआर कराने और उसके बाद मेडिकल कराने की बात कही। इसके बाद परिवार ने निवाड़ी चौकी में शिकायत दर्ज कराई और दोबारा चिकित्सा केंद्र पर पहुंचा।
वहीं, मेडिकल बनाते समय किसी भी मुख्य बिंदु पर फोकस नहीं किया गया, जिससे यह साबित हो कि बच्ची के साथ रेप हुआ है। मेडिकल रिपोर्ट में बच्ची के शरीर के जख्मों का भी उल्लेख नहीं किया गया। ऐसे में इस तरह के संवेदनशील मामले में डाक्टर की लापरवाही सामने आई है।
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मोदीनगर में ढाई वर्ष की मासूम के साथ दुष्कर्म के मामले ‘अमर उजाला’ की खबर का संज्ञान लेते हुए डीएम मिनिस्ती एस. ने जांच बैठा दी है। डीएम ने जिला प्रोबेशन अधिकारी व एसडीएम मोदीनगर को तत्काल जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया।
उधर, डीएम के आदेश पर तत्काल जांच शुरू कर दी गई है। अब तक की जांच में पुलिस और चिकित्सकों की लापरवाही सामने आ रही है। ऐसे में जांच रिपोर्ट के आधार पर लापरवाह पुलिसकर्मियों और डाक्टरों पर सख्त कार्रवाई हो सकती है।
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‘अमर उजाला’ ने 17 जून के अंक में पेज नंबर 3 पर ‘ढाई साल की बच्ची से रेप’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी जिसका संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने जांच के आदेश दिए हैं। सीएचसी मोदीनगर के डॉक्टर सुनील द्वारा तत्परता न दिखाए जाने और थाना पुलिस द्वारा संगत धाराओं में रिपोर्ट दर्ज न करने का आरोप है।
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वहीं, जांच कर रहे जिला प्रोबेशन अधिकारी प्रभारी चंद्रमोहन श्रीवास्तव ने बताया कि आशा ज्योति केंद्र की टीम को जांच के लिए भेजा। बाद में स्वयं भी पीड़ित परिवार से मिले। जांच मेें सामने आया है कि परिवार जब बच्ची का मेडिकल कराने गोविंदपुरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचा तो वहां मौजूद चिकित्सक ने मेडिकल करने से इंकार कर दिया।
परिवार वालों का आरोप है कि चिकित्सक ने पहले एफआईआर कराने और उसके बाद मेडिकल कराने की बात कही। इसके बाद परिवार ने निवाड़ी चौकी में शिकायत दर्ज कराई और दोबारा चिकित्सा केंद्र पर पहुंचा।
वहीं, मेडिकल बनाते समय किसी भी मुख्य बिंदु पर फोकस नहीं किया गया, जिससे यह साबित हो कि बच्ची के साथ रेप हुआ है। मेडिकल रिपोर्ट में बच्ची के शरीर के जख्मों का भी उल्लेख नहीं किया गया। ऐसे में इस तरह के संवेदनशील मामले में डाक्टर की लापरवाही सामने आई है।