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Ghaziabad News: 14 वर्षीय किशोरी को गर्भवती करने के आरोप में रिश्ते का भाई गिरफ्तार
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साहिबाबाद। कोतवाली क्षेत्र के निजी अस्पताल में 11 जुलाई को किशोरी (14) के मृत शिशु होने के मामले में पुलिस ने उसके रिश्ते के भाई (21) को गिरफ्तार किया है। आरोपी मार्च महीने में किशोरी से शादी समारोह में मिला था। पुलिस ने किशोरी के माता-पिता की काउंसलिंग करके फोन डिटेल से आरोपी का सुराग निकाला था। पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया।
दस जुलाई की देर रात उसके पेट में अचानक तेज दर्द होने लगा था। सुबह के समय माता-पिता किशोरी को पास के निजी अस्पताल लेकर पहुंचे थे। डॉक्टर ने गंभीर हालत देखते हुए तुरंत इलाज शुरू किया। वेंटिलेटर पर किशोरी को ले जाया गया। इस दौरान किशोरी को छह माह का शिशु हो गया। डॉक्टर ने जांच की तो पता चला कि नवजात की मौत चुकी है। अस्पताल प्रबंधन ने तुरंत पुलिस को लिखित में सूचना भेजी। इस पर पुलिस हरकत में आई।
उपनिरीक्षक मौके पर महिला एसआई के साथ पहुंचे और डॉक्टर से बात की। परिजनों व किशोरी से घटना जानने का प्रयास किया तो शुरुआत में उन्होंने जानकारी होने से मना कर दिया। पुलिस ने किशोरी से घटना, आरोपी और घटना का समय जैसे तीन सवाल पूछे थे लेकिन हर बार किशोरी का कहना था वह कुछ नहीं जानती या उसे कुछ याद नहीं। पुलिस ने परिवार से घटना में मुकदमा दर्ज करने के लिए तहरीर मांगी तो दो दिन तक कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई। 14 जुलाई को उपनिरीक्षक नरेश कुमार ने अस्पताल से मिली सूचना के आधार पर दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद उसका डीएनए सैंपल जांच के लिए सुरक्षित रखा था। इस गंभीर प्रकरण में पुलिस ने तीन से चार बार किशोरी के माता-पिता की काउंसलिंग की, जिसमें दोनों घटना बताने को तैयार हो गए।
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टीम ने दंपती की जानकारी के आधार पर घर के फोन की डिटेल खंगाली, जिसमें एक नंबर और कुछ तथ्यों के आधार पर आरोपी का पता लगाया। एसीपी साहिबाबाद रजनीश उपाध्याय ने बताया कि जांच पड़ताल में टीम ने बुलंदशहर के युवक को गिरफ्तार किया है। वह किशोरी के पिता का रिश्ते में भांजा है। आरोपी बीएससी की पढ़ाई कर रहा है। वह मार्च माह में एक शादी कार्यक्रम के दौरान किशोरी से मिला था। उस दौरान आरोपी दंपती के घर में रुका था। तभी उसने बहाने से दुष्कर्म किया।
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दस जुलाई की देर रात उसके पेट में अचानक तेज दर्द होने लगा था। सुबह के समय माता-पिता किशोरी को पास के निजी अस्पताल लेकर पहुंचे थे। डॉक्टर ने गंभीर हालत देखते हुए तुरंत इलाज शुरू किया। वेंटिलेटर पर किशोरी को ले जाया गया। इस दौरान किशोरी को छह माह का शिशु हो गया। डॉक्टर ने जांच की तो पता चला कि नवजात की मौत चुकी है। अस्पताल प्रबंधन ने तुरंत पुलिस को लिखित में सूचना भेजी। इस पर पुलिस हरकत में आई।
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उपनिरीक्षक मौके पर महिला एसआई के साथ पहुंचे और डॉक्टर से बात की। परिजनों व किशोरी से घटना जानने का प्रयास किया तो शुरुआत में उन्होंने जानकारी होने से मना कर दिया। पुलिस ने किशोरी से घटना, आरोपी और घटना का समय जैसे तीन सवाल पूछे थे लेकिन हर बार किशोरी का कहना था वह कुछ नहीं जानती या उसे कुछ याद नहीं। पुलिस ने परिवार से घटना में मुकदमा दर्ज करने के लिए तहरीर मांगी तो दो दिन तक कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई। 14 जुलाई को उपनिरीक्षक नरेश कुमार ने अस्पताल से मिली सूचना के आधार पर दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद उसका डीएनए सैंपल जांच के लिए सुरक्षित रखा था। इस गंभीर प्रकरण में पुलिस ने तीन से चार बार किशोरी के माता-पिता की काउंसलिंग की, जिसमें दोनों घटना बताने को तैयार हो गए।
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टीम ने दंपती की जानकारी के आधार पर घर के फोन की डिटेल खंगाली, जिसमें एक नंबर और कुछ तथ्यों के आधार पर आरोपी का पता लगाया। एसीपी साहिबाबाद रजनीश उपाध्याय ने बताया कि जांच पड़ताल में टीम ने बुलंदशहर के युवक को गिरफ्तार किया है। वह किशोरी के पिता का रिश्ते में भांजा है। आरोपी बीएससी की पढ़ाई कर रहा है। वह मार्च माह में एक शादी कार्यक्रम के दौरान किशोरी से मिला था। उस दौरान आरोपी दंपती के घर में रुका था। तभी उसने बहाने से दुष्कर्म किया।