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Ghaziabad News: शेयर ट्रेडिंग का झांसा देकर दंपती से की 3.10 करोड़ रुपये की ठगी
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गाजियाबाद। साइबर अपराधियों ने शेयर ट्रेडिंग का झांसा देकर वैभवखंड निवासी वेटरनरी डॉक्टर नबनिता मिश्रा और उनके इंजीनियर पति से 3.10 करोड़ रुपये ठग लिए। शातिरों ने एक महीने में कई बार अलग-अलग खातों में 22 बार में रकम जमा कराए। रुपये निकालने पर शातिरों ने और राशि की मांग की तो उन्हें ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने साइबर अपराध थाने में मुकदमा दर्ज कराया। गाजियाबाद में यह तीसरी सबसे बड़ी ठगी है। इससे पहले ठग एक व्यक्ति से पांच करोड़ और एक से चार करोड़ रुपये ठग चुके हैं।
पुलिस को दी शिकायत में डॉक्टर नबनिता मिश्रा ने बताया कि सोशल मीडिया पर उन्होंने एक विज्ञापन देखा, तो एक नामी कंपनी के नाम से ट्रेडिंग से संबंधित था। उन्होंने उस लिंक पर क्लिक किया तो वह एक व्हाट्सएप ग्रुप में जुड़ गईं। इसके बाद ठगों ने उन्हें ट्रेडिंग कंपनी का दो हजार रुपये का सब्सक्रिप्शन लेने के लिए कहा। ऐसा करने पर एक महीने तक कंपनी की ओर से फायदा देने वाले स्टॉक के बारे में जानकारी देने की बात कही गई।
विश्वास करके उन्होंने सब्सक्रिप्शन ले लिया। इसके बाद उन्हें अपर सर्किट के स्टॉक और आईपीओ दिलवाने के बारे में बताया और तीन जुलाई से दो अगस्त के बीच उनसे 22 बार में 3 करोड़ 10 लाख 34 हजार 240 रुपये निवेश के नाम पर ट्रांसफर करा लिए। इसके बाद भी ठग उनसे रुपये की मांग करते रहे जबकि उन्हें कुछ रकम निवेश करने के बाद कुछ रकम लौटाने की बात कही गई थी।
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पीएफ पर ऋण लेकर शातिरों को दिए
शिकायत के अनुसार उन्होंने निवेश की गई रकम को निकालने के चक्कर में अपने पिता के पीएफ पर ऋण लेकर भी शातिरों को दे दिए। इसके बाद भी लगातार ठग रुपये की मांग करते रहे। उनका कहना है कि उनका काफी नुकसान हो गया और अब कर्ज भी चुकाना पड़ रहा है। एडीसीपी अपराध सच्चिदानंद ने बताया कि मामले में टीम जांच में लगी है। ठगी गई रकम को फ्रीज कराने का प्रयास किया जा रहा है। जिन खातों में रकम गई हैं। उनकी जानकारी निकलवाई जा रही है।
युवक को 18 लाख का लगाया चूना
गाजियाबाद। शेयर मार्केट में निवेश कर मोटे मुनाफे का झांसा देकर साइबर ठगों ने शालीमार गार्डन क्षेत्र निवासी स्वपन कुमार से करीब 18 लाख रुपये ठग लिए। उन्होंने भी सोशल मीडिया पर शेयर ट्रेडिंग से संबंधित विज्ञापन देखा जिस पर क्लिक कर किया। इसके बाद वह एक व्हाट्सएप ग्रुप में जुड़ गए। जहां उन्हें निवेश कर रुपये कमाने के बारे में जानकारी दी गई। विश्वास करके उन्होंने निवेश के लिए उनके बताए गए बैंक खातों में कई बार में रकम ट्रांसफर कर दी। रुपये वापस नहीं मिले तो ठगी का एहसास हुआ। एडीसीपी अपराध का कहना है कि ठगी गई रकम को फ्रीज कराने का प्रयास किया जा रहा है।
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पुलिस को दी शिकायत में डॉक्टर नबनिता मिश्रा ने बताया कि सोशल मीडिया पर उन्होंने एक विज्ञापन देखा, तो एक नामी कंपनी के नाम से ट्रेडिंग से संबंधित था। उन्होंने उस लिंक पर क्लिक किया तो वह एक व्हाट्सएप ग्रुप में जुड़ गईं। इसके बाद ठगों ने उन्हें ट्रेडिंग कंपनी का दो हजार रुपये का सब्सक्रिप्शन लेने के लिए कहा। ऐसा करने पर एक महीने तक कंपनी की ओर से फायदा देने वाले स्टॉक के बारे में जानकारी देने की बात कही गई।
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विश्वास करके उन्होंने सब्सक्रिप्शन ले लिया। इसके बाद उन्हें अपर सर्किट के स्टॉक और आईपीओ दिलवाने के बारे में बताया और तीन जुलाई से दो अगस्त के बीच उनसे 22 बार में 3 करोड़ 10 लाख 34 हजार 240 रुपये निवेश के नाम पर ट्रांसफर करा लिए। इसके बाद भी ठग उनसे रुपये की मांग करते रहे जबकि उन्हें कुछ रकम निवेश करने के बाद कुछ रकम लौटाने की बात कही गई थी।
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पीएफ पर ऋण लेकर शातिरों को दिए
शिकायत के अनुसार उन्होंने निवेश की गई रकम को निकालने के चक्कर में अपने पिता के पीएफ पर ऋण लेकर भी शातिरों को दे दिए। इसके बाद भी लगातार ठग रुपये की मांग करते रहे। उनका कहना है कि उनका काफी नुकसान हो गया और अब कर्ज भी चुकाना पड़ रहा है। एडीसीपी अपराध सच्चिदानंद ने बताया कि मामले में टीम जांच में लगी है। ठगी गई रकम को फ्रीज कराने का प्रयास किया जा रहा है। जिन खातों में रकम गई हैं। उनकी जानकारी निकलवाई जा रही है।
युवक को 18 लाख का लगाया चूना
गाजियाबाद। शेयर मार्केट में निवेश कर मोटे मुनाफे का झांसा देकर साइबर ठगों ने शालीमार गार्डन क्षेत्र निवासी स्वपन कुमार से करीब 18 लाख रुपये ठग लिए। उन्होंने भी सोशल मीडिया पर शेयर ट्रेडिंग से संबंधित विज्ञापन देखा जिस पर क्लिक कर किया। इसके बाद वह एक व्हाट्सएप ग्रुप में जुड़ गए। जहां उन्हें निवेश कर रुपये कमाने के बारे में जानकारी दी गई। विश्वास करके उन्होंने निवेश के लिए उनके बताए गए बैंक खातों में कई बार में रकम ट्रांसफर कर दी। रुपये वापस नहीं मिले तो ठगी का एहसास हुआ। एडीसीपी अपराध का कहना है कि ठगी गई रकम को फ्रीज कराने का प्रयास किया जा रहा है।