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Ghaziabad News: पार्षद बोले...फ्लाईओवर बनेगा तो तोड़ना पड़ेगा फुटपाथ
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गाजियाबाद। नगर निगम की ओर से हापुड़ चुंगी चौराहे पर सड़क के दोनों तरफ फुटपाथ बनाया गया है, इस पर चिरंजीव विहार के पार्षद मनोज त्यागी ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि फ्लाईओवर बनाने के लिए फुटपाथ को तोड़ने की जरूरत पड़ेगी। ऐसे में यह सरकारी धन की बर्बादी होगी। उनका यह भी कहना है कि इस संबंध में उन्होंने निर्माण कार्य शुरू होने से पहले ही शिकायत दर्ज कराई, लेकिन किसी ने इस पर ध्यान नहीं दिया और काम पूरा करा दिया गया।
जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए जीडीए 125 करोड़ की लागत से फ्लाईओवर का निर्माण कराने जा रहा है। निर्माण कार्य इसी महीने से शुरू होने का दावा है। पार्षद मनोज त्यागी ने बताया कि फ्लाईओवर का प्रस्ताव लंबे समय से चल रहा है। बावजूद निगम के अफसरों ने बिना कार्ययोजना तैयार किए छह करोड़ का टेंडर सड़क और फुटपाथ बनाने के लिए जारी कर दिए।
फुटपाथ पर डेढ़ करोड़ से ज्यादा की धनराशि खर्च की जा रही है। फ्लाईओवर का जब बीच में पिलर डालने के लिए निर्माण कार्य शुरू होगा तो सड़क की चौड़ाई कम होने की वजह से फुटपाथ को ही तोड़ा जाएगा। ऐसे में यह सरकारी धन की बर्बादी के सिवाय कुछ नहीं है। उनका यह भी कहना है कि फुटपाथ ऊंचा करके बनाया जा रहा है, जिसकी वजह से बारिश का पानी सड़क से निकलना मुश्किल हो जाएगा।
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नगर निगम के निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता एनके चौधरी का कहना है कि सड़क और फुटपाथ निर्माण दोनों का टेंडर एक साथ जारी हुआ था, इसलिए यह काम कराया गया है। धूल उड़ने की पाबंदी के कारण सड़क के किनारे के स्थान को रिक्त नहीं छोड़ा जा सकता। जीडीए फ्लाईओवर का निर्माण करा रहा है, इसकी जानकारी उन्हें नहीं थी। टेंडर प्रक्रिया जीडीए के पुल निर्माण के प्रस्ताव से पहले ही पूरी कर ली गई थी।
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जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए जीडीए 125 करोड़ की लागत से फ्लाईओवर का निर्माण कराने जा रहा है। निर्माण कार्य इसी महीने से शुरू होने का दावा है। पार्षद मनोज त्यागी ने बताया कि फ्लाईओवर का प्रस्ताव लंबे समय से चल रहा है। बावजूद निगम के अफसरों ने बिना कार्ययोजना तैयार किए छह करोड़ का टेंडर सड़क और फुटपाथ बनाने के लिए जारी कर दिए।
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फुटपाथ पर डेढ़ करोड़ से ज्यादा की धनराशि खर्च की जा रही है। फ्लाईओवर का जब बीच में पिलर डालने के लिए निर्माण कार्य शुरू होगा तो सड़क की चौड़ाई कम होने की वजह से फुटपाथ को ही तोड़ा जाएगा। ऐसे में यह सरकारी धन की बर्बादी के सिवाय कुछ नहीं है। उनका यह भी कहना है कि फुटपाथ ऊंचा करके बनाया जा रहा है, जिसकी वजह से बारिश का पानी सड़क से निकलना मुश्किल हो जाएगा।
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नगर निगम के निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता एनके चौधरी का कहना है कि सड़क और फुटपाथ निर्माण दोनों का टेंडर एक साथ जारी हुआ था, इसलिए यह काम कराया गया है। धूल उड़ने की पाबंदी के कारण सड़क के किनारे के स्थान को रिक्त नहीं छोड़ा जा सकता। जीडीए फ्लाईओवर का निर्माण करा रहा है, इसकी जानकारी उन्हें नहीं थी। टेंडर प्रक्रिया जीडीए के पुल निर्माण के प्रस्ताव से पहले ही पूरी कर ली गई थी।