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निगम के कामर्शियल कांप्लेक्स का डिजाइन बदलेगा
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Mon, 27 Mar 2017 01:05 AM IST
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नगर निगम
- फोटो : अमर उजाला
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गाजियाबाद। नगर निगम के लिए घाटे का सौदा बने रमते राम रोड कामर्शियल कांप्लेक्स को लीज पर देने के लिए उसके डिजाइन में बदलाव किया जाएगा। दुकानों की एंट्री की दिशा बदली जा सकती है। नगर निगम अधिकारी व्यापारियों के साथ मीटिंग कर मोडिफिकेशन के लिए सुझाव लिए जाएंगे।
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महापौर इसके लिए निगम अफसरों और पार्षदों की पांच सदस्यीय कमेटी गठित करेंगे। इस कमेटी के प्रस्ताव पर कामर्शियल कांप्लेक्स के डिजाइन में बदलाव किया जाएगा। करीब 44 करोड़ की लागत से बना यह कांप्लेक्स चंद कमियों की वजह से बंद पड़ा है।
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यहां बनाई गई दुकानों को खरीदार नहीं मिल रहे। नगर निगम अफसरों ने इस कांप्लेक्स की एंट्री जीटी रोड से दे दी है, जबकि इससे जुड़ा हुआ रमते राम रोड का बड़ा बाजार कट गया है। कांप्लेक्स में बनी सभी दुकानों की एंट्री एक ही साइड से दे दी गई है।
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ऐसे में दुकानों की फाइनेंशियल वैल्यू कम हो गई है। दुकानदारों का सुझाव है कि कांप्लेक्स में एक गेट और दिया जाए। इन कमियों की वजह से निगम का यह कांप्लेक्स बदहाल है। अब नगर निगम की कार्यकारिणी समिति में यह मुद्दा गूंजा तो कांप्लेक्स के डिजाइन में परिवर्तन करने की प्लानिंग की गई है।
निगम को होगी करोड़ों की आमदनी
नगर निगम का यह कामर्शियल कांप्लेक्स लीज पर दिया जाए तो नगर निगम को लीज की एवज में करोड़ों रुपये एकमुश्त और लाखों रुपये महीना किराए की आमदनी हो सकती है। नगर निगम ने इसमें अब तक करीब 40 करोड़ रुपये खर्च कर दिए हैं, लेकिन आमदनी शुरू नहीं हुई।
जल्द ही इसके लिए कमेटी गठित की जाएगी। पार्षदों और अफसरों की यह कमेटी स्थानीय व्यापारियों से सुझाव लेगी और तर्कसम्मत सुझावों को लागू कर डिजाइन में परिवर्तन किया जाएगा। नगर निगम मॉल्स-मल्टीप्लेक्स संचालित करने वाली बड़ी कंपनियों को आमंत्रित करेगा और पूरा कांप्लेक्स किसी एक कंपनी को देने की पेशकश करेगा। वह कंपनी अपने स्तर पर दुकानों का आवंटन कर सकेगी। - अशु वर्मा, महापौर