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निगम अफसरों को फिर मिलेंगे सीयूजी नंबर
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Tue, 30 May 2017 10:40 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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गाजियाबाद। नगर निगम अफसरों को फिर से सीयूजी (क्लोज्ड यूजर ग्रुप) नंबर मिलेंगे। नवनियुक्त नगरायुक्त ने सभी अफसरों को सीयूजी नंबर जारी कर जनता की समस्याओं के निस्तारण के पुराने सिस्टम को फिर से लागू करने के निर्देश दिए हैं।
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उन्होंने आधुनिक तकनीक को नगर निगम में भी लागू कराकर बेहतर नागरिक सुविधाएं देने का दावा किया है। पूर्व में भी नगर निगम के सभी अफसरों और पार्षदों को सीयूजी नंबर दिए गए थे। अफसरों के इन मोबाइल नंबरों को नगर निगम के पीजीआरएस (पब्लिक ग्रीवांस रिड्रेसल सिस्टम) से जोड़ा गया था।
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पानी, सड़क, सीवर, सफाई, नाला, लाइट समेत किसी भी समस्या की शिकायत पोर्टल पर दर्ज होते ही संबंधित अधिकारी के मोबाइल पर ऑटो जेनरेटेड मैसेज पहुंच जाता था। दूसरा मैसेज शिकायतकर्ता को मिलता था, जिसमें लिखा होता था कि उनकी शिकायत कितने दिनों में निस्तारित होगी।
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संबंधित अधिकारी मैसेज मिलने के बाद शिकायत का निस्तारण कराकर निगम के आईटी विभाग को इसकी जानकारी देता था और यह जानकारी शिकायतकर्ता को भी दी जाती थी। चंद महीने चली यह व्यवस्था अफसरों के सीयूजी नंबर बंद होने के बाद चरमरा गई थी।
पार्षदों की वजह से बंद हुए सीयूजी नंबर
पूर्व में जारी सीयूजी नंबर पार्षदों की वजह से बंद हुए। इन नंबरों पर 250 रुपये प्रतिमाह तक का खर्च नगर निगम ने उठाने की व्यवस्था की थी, लेकिन इसके बाद आने वाला बिल अफसरों और पार्षदों को खुद वहन करना था।
बावजूद इसके कई पार्षदों ने इन सीयूजी नंबर का बेजा इस्तेमाल किया। कई पार्षदों के मोबाइल का एक महीने का बिल 5 से 11 हजार रुपये के बीच था। पार्षदों ने यह बिल नहीं भरा तो निगम अधिकारियों ने सीयूजी नंबर बंद करा दिए।