फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   Controversy erupts over investigation into the encroachment of land worth nitiated

Ghaziabad News: 100 करोड़ की जमीन पर कब्जे में 26 साल बाद हुई जांच पर विवाद, महापौर ने उठाए सवाल

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 23 Oct 2026 01:06 AM IST
विज्ञापन
Controversy erupts over investigation into the encroachment of land worth nitiated
अंकित तिवारी
विज्ञापन

गाजियाबाद। नगर निगम की करीब 100 करोड़ रुपये की जमीन पर कब्जे के मामले में एसआईटी की जांच रिपोर्ट आने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। 26 साल पुराने अभिलेखों से जुड़े इस मामले में महापौर ने जांच पर सवाल उठाते हुए जिलाधिकारी को पत्र लिखा है। उनका आरोप है कि एसआईटी ने चकबंदी विभाग की रिपोर्ट को नजरअंदाज कर अधूरी जानकारी के आधार पर जांच पूरी कर दी। साथ ही जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति भी नहीं की गई। महापौर ने मामले की शिकायत मुख्यमंत्री से करने की बात कही है।
इसी वर्ष मई में महापौर ने सदरपुर में नगर निगम की करीब 100 करोड़ रुपये की जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत की थी। इसके बाद मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई। एसआईटी ने चकबंदी विभाग और नगर निगम से दोबारा रिपोर्ट मांगी थी।
विज्ञापन

चकबंदी विभाग ने सितंबर 2026 में सौंपी रिपोर्ट में बताया था कि जिस आदेश के आधार पर जमीन को ऊसर से आबादी की श्रेणी में दर्ज किया गया, उसकी पत्रावली उपलब्ध नहीं है। आदेश में संबंधित धारा का भी उल्लेख नहीं है। विभाग ने जमीन की श्रेणी बदलने की प्रक्रिया को गलत, अवैधानिक, संदिग्ध और कूटरचित बताया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

महापौर का आरोप है कि एसआईटी ने चकबंदी विभाग की इस रिपोर्ट को अपनी जांच में शामिल नहीं किया और अधूरी जानकारी के आधार पर 15 अक्तूबर को प्रशासन को रिपोर्ट सौंप दी। उनका कहना है कि जमीन के सरकारी होने की पुष्टि के बावजूद कब्जाधारियों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति नहीं की गई।
----
मूल रिपोर्ट में भी शामिल होगी चकबंदी की जांच
प्रशासन को सौंपी गई रिपोर्ट में एसआईटी ने जमीन के हस्तांतरण को संदिग्ध मानते हुए वाद दायर करने की संस्तुति की थी। महापौर के आरोपों पर एसआईटी प्रभारी व एडीएम भू-अर्जन अवनीश कुमार सिंह ने कहा कि नियमानुसार कार्रवाई की गई है। चकबंदी विभाग की नई रिपोर्ट एसआईटी की फाइल में मौजूद है। अब मूल जांच रिपोर्ट में भी इसका उल्लेख करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि वाद दायर होने के बाद पहले जमीन का मालिकाना हक बदलने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद कब्जाधारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू होगी।

----
यह है मामला
सदरपुर में एक जमीन पर अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई के बाद जीडीए ने 25 अप्रैल 2023 को नगर निगम को पत्र लिखकर जमीन के ग्राम समाज की होने की जानकारी दी थी। इसके बाद मामले की जांच शुरू हुई। जांच के दौरान राजस्व अभिलेखागार में अक्तूबर 2000 में तैयार की गई रिपोर्ट से संबंधित अभिलेख के आकार पत्र-45 के पृष्ठ गायब मिले। इस पत्र में जमीन से संबंधित जानकारी दर्ज होती है। जांच में यह भी सामने आया कि इन पृष्ठों के गायब होने की घटना से सात महीने पहले ही मार्च में उनके गायब होने की जानकारी मिल गई थी। मामले में राजस्व अभिलेखागार में तैनात जयप्रकाश की शिकायत पर कविनगर थाने में धर्मबीर और ब्रह्म सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इसी प्रकरण में महापौर ने जिलाधिकारी से शिकायत की थी, जिसके बाद जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed