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Ghaziabad News: हड़ताल पर रहे परिचालक, डिपो में खड़ी रहीं 37 सिटी बसें, यात्री करते रहे का इंतजार
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साहिबाबाद। भुगतान दर समेत अन्य कई मांग रखते हुए सिटी बस परिचालकों ने शुक्रवार को बहरामपुर सिटी डिपो पर हड़ताल कर दिया। सुबह छह बजे ही डिपो पर पहुंचे करीब 50 परिचालकों ने अपने कार्य बहिष्कार कर सिटी बसों का संचालन नहीं होने दिया, इस दौरान निजी एजेंसी के खिलाफ उन्होंने नारेबाजी की। परिचालकों के हड़ताल के कारण डिपो में 37 सिटी बसें दिनभर खड़ी रहीं। बसों का संचालन प्रभावित होने से विभिन्न रूटों पर सफर करने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
सिटी बसों का संचालन लोनी, दादरी, मोदीनगर, दिलशाद गार्डन से मसूरी रूट पर किया जाता है। डिपो पर ही बसों के खड़े रहने से सड़क पर यात्री बसों के इंतजार करते रहे, बाद में लोगों ने ऑटो रिक्शा और मेट्रो का सहारा किया।
बहरामपुर डिपो पर शुक्रवार को सुबह से ही लोनी रूट की 15, दादरी की 12, मोदीनगर की 6 और दिलशाद गार्डन-मसूरी रूट की 3 बसें दिनभर खड़ी रहीं। दिनभर हड़ताल और हंगामे के बाद शाम को आपसी समझौते के आधार पर हड़ताल को खत्म किया गया। शनिवार से सिटी बसों का संचालन पूर्व की तरह किया जाएगा। परिचालक मुनेंद्र ने बताया कि बातचीत के बाद हमारी मांगों को माना गया, सिक्योरिटी के 30 हजार रुपये में से दस हजार वापस किया जाएगा। 3.55 रुपये प्रति किलो मीटर की जगह पर 3.70 पैसे के हिसाब से भुगतान किया जाएगा।
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कई बार बसों को सड़क पर उतारने का प्रयास रहा विफल
परिचालकों ने दिनभर हंगामा किया, आउटसोर्स कंपनी के खिलाफ नारेबाजी की। परिचालकों के हड़ताल के दौरान परिवहन निगम अधिकारियों और कंपनी के मालिकों ने कई बार बसों को रूट पर उतारने की कोशिश की मगर परिचालकों ने बसों का संचालन नहीं होने दिया। जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस और अधिकारियों ने हंगामा शांत कर हड़ताल को खत्म करवाने की कोशिश की।
परिचालकों ने की थी यह मांग
- प्रति किलोमीटर 4.26 रुपये की दर से भुगतान किया जाए
- प्रति माह की 7 तारीख को वेतन दिए जाने की मांग
- आठ घंटे की निर्धारित ड्यूटी की मांग
- त्योहारों पर ड्यूटी करने पर अतिरिक्त भुगतान किया जाए
- परिचालकों से जमा कराई गई करीब 30 हजार रुपये की सिक्योरिटी मनी वापस किया जाए
सिटी ट्रांसपोर्ट के एमडी केसरी नंदन चौधरी ने कहा कि इस हड़ताल को लेकर पूर्व में कोई जानकारी नहीं दी गई थी,अचानक हड़ताल पर बैठ जाना और संचालन को बाधित करना असंवैधानिक है। हालांकि शाम तक हड़ताल को खत्म करा कर बसों का संचालन शुरू करा दिया गया।
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सिटी बसों का संचालन लोनी, दादरी, मोदीनगर, दिलशाद गार्डन से मसूरी रूट पर किया जाता है। डिपो पर ही बसों के खड़े रहने से सड़क पर यात्री बसों के इंतजार करते रहे, बाद में लोगों ने ऑटो रिक्शा और मेट्रो का सहारा किया।
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बहरामपुर डिपो पर शुक्रवार को सुबह से ही लोनी रूट की 15, दादरी की 12, मोदीनगर की 6 और दिलशाद गार्डन-मसूरी रूट की 3 बसें दिनभर खड़ी रहीं। दिनभर हड़ताल और हंगामे के बाद शाम को आपसी समझौते के आधार पर हड़ताल को खत्म किया गया। शनिवार से सिटी बसों का संचालन पूर्व की तरह किया जाएगा। परिचालक मुनेंद्र ने बताया कि बातचीत के बाद हमारी मांगों को माना गया, सिक्योरिटी के 30 हजार रुपये में से दस हजार वापस किया जाएगा। 3.55 रुपये प्रति किलो मीटर की जगह पर 3.70 पैसे के हिसाब से भुगतान किया जाएगा।
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कई बार बसों को सड़क पर उतारने का प्रयास रहा विफल
परिचालकों ने दिनभर हंगामा किया, आउटसोर्स कंपनी के खिलाफ नारेबाजी की। परिचालकों के हड़ताल के दौरान परिवहन निगम अधिकारियों और कंपनी के मालिकों ने कई बार बसों को रूट पर उतारने की कोशिश की मगर परिचालकों ने बसों का संचालन नहीं होने दिया। जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस और अधिकारियों ने हंगामा शांत कर हड़ताल को खत्म करवाने की कोशिश की।
परिचालकों ने की थी यह मांग
- प्रति किलोमीटर 4.26 रुपये की दर से भुगतान किया जाए
- प्रति माह की 7 तारीख को वेतन दिए जाने की मांग
- आठ घंटे की निर्धारित ड्यूटी की मांग
- त्योहारों पर ड्यूटी करने पर अतिरिक्त भुगतान किया जाए
- परिचालकों से जमा कराई गई करीब 30 हजार रुपये की सिक्योरिटी मनी वापस किया जाए
सिटी ट्रांसपोर्ट के एमडी केसरी नंदन चौधरी ने कहा कि इस हड़ताल को लेकर पूर्व में कोई जानकारी नहीं दी गई थी,अचानक हड़ताल पर बैठ जाना और संचालन को बाधित करना असंवैधानिक है। हालांकि शाम तक हड़ताल को खत्म करा कर बसों का संचालन शुरू करा दिया गया।