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बाल मित्र थाने में संवरेगा बहका बचपन

Fri, 15 Jul 2016 12:43 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद Updated Fri, 15 Jul 2016 12:43 AM IST
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childhood change friends in police station
अन्य - फोटो : अमर उजाला
अपराध की दुनिया में आए नाबालिगों के बहके बचपन को बाल मित्र थाने में संवारा जाएगा, ताकि वह अपराधी न बनें। सिहानी गेट थाने में बृहस्पतिवार को बाल मित्र पुलिस की शुरुआत कर दी गई है। इसके लिए एक कक्ष बनाया जा रहा है, जो स्कूल के रूम जैसा दिखेगा। इसमें किताबें और खिलौने भी होंगे, ताकि काउंसलिंग के दौरान बच्चों को डर न लगे।
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इस कक्ष में आपराधिक वारदातों में पकड़े गए नाबालिगों की काउंसलिंग की जाएगी। यहां सीसीटीवी कैमरा भी लगाया जाएगा। काउंसलिंग के लिए दो पुलिसकर्मी और तीन चाइल्ड काउंसलिंग एक्सपर्ट्स रहेंगे।
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सिहानी गेट थाने से एसएसआई सीपी चतुर्वेदी और एसआई अक्षया चौधरी को बाल मित्र अधिकारी बनाया गया है, जो काउंसलिंग के दौरान सादे कपड़ों में रहेंगे। पुलिसकर्मियों को लखनऊ से आए चाइल्ड काउंसलिंग एक्सपर्ट एम. अग्निहोत्री ट्रेनिंग देने के लिए आए हुए हैं।
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उन्होंने बताया कि इसका मकसद है कि ऐसे बच्चे और किशोर जो अपराध में पकड़े जाते हैं, उनकी काउंसलिंग कर ब्रेन वॉश किया जाए, ताकि वह फिर अपराध न करें। उन्हें इस तरह समझाया जाएगा कि उन्हें लगे कि उन्होंने जो किया गलत किया और आगे से वह ऐसा नहीं करेंगे।

कार्रवाई से पहले नाबालिगों से पूछताछ के लिए जुवनाइल जस्टिस एक्ट का पालन होगा। भीख मांगने और कूड़ा बीनने वाले बच्चों को भी यहां लाकर शिक्षा के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके लिए कार्यशालाएं भी आयोजित की जाएंगी। अगर यह प्रयोग सफल रहा तो बाकी थानों में भी यह व्यवस्था की जा सकती है।

बता दें कि बाल मित्र पुलिस प्रोजेक्ट के तहत लखनऊ, कानपुर, इलाहाबाद, बनारस, गोरखपुर और गाजियाबाद में मॉडल बाल मित्र थाने बनाए जाने हैं। गाजियाबाद में इसके लिए सिहानी गेट थाने को चुना गया है। गाजियाबाद से बाल सुधार गृह में 30 से ज्यादा बच्चे बंद हैं।


पुनर्वास का भी इंतजाम: बाल मित्र थाने में बाल कल्याण अधिकारी नाबालिगों के पुनर्वास का भी इंतजाम करेंगे। साथ ही उन्हें विभिन्न ट्रेडों का प्रशिक्षण भी दिलाया जाएगा, ताकि जेल से निकलने के बाद वह समाज की मुख्य धारा में जुड़ सकें।
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