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Ghaziabad News: इंग्लैंड से पार्सल आने के नाम पर अध्यापिका से 3.5 लाख की ठगी
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गाजियाबाद। साइबर ठगों ने सेक्टर-11 प्रताप विहार में रहने वाली अध्यापिका के इंग्लैंड निवासी चाचा का मोबाइल नंबर हैक कर साढ़े तीन लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने उनके चाचा की ओर से कुरियर में पाउंड करंसी भेजने का झांसा दिया। पीड़िता ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
प्रताप विहार निवासी महिला निजी स्कूल में अध्यापिका हैं। उन्होंने बताया कि उनके चाचा इंग्लैंड में डाॅक्टर हैं। वह अक्सर पार्सल भेजते हैं। फरवरी माह में चाचा के नंबर से उन्हें पार्सल भेजने का मेसेज आया। जिसमें लैपटाॅप व अन्य सामान आना था। कुछ दिन बाद उनके नंबर पर एक युवक ने फोन किया। उसने स्वयं को कुरियर कंपनी से बताते हुए पार्सल के एवज में 30 हजार रुपये की मांग की। कुछ देर बाद दोबारा फोन कर युवक ने बताया कि पार्सल में पाउंड करंसी है। करंसी मंगवाना अवैध है। इनकम टैक्स के रूप में डेढ़ लाख रुपये देने होंगे। शक होने पर उन्होंने अपने चाचा के नंबर पर बात की तो ठगों ने चाचा बनकर बात किया। ठगों ने बताया कि इंग्लैंड में रुपये भेजने की लिमिट समाप्त हो गई थी, इसलिए रुपये पार्सल में भेजे हैं। बात होने के बाद उन्होंने रुपये ट्रांसफर कर दिए लेकिन युवक ने उन्हें दोबारा फोन कर उनसे 1.70 लाख रुपये खाते में डलवा लिए। एसीपी कोतवाली सुजीत राय का कहना है कि मामले में रिपोर्ट दर्ज कर साइबर सेल की मदद से जांच की जा रही है।
फेसबुक से किया फालो
अध्यापिका का कहना है कि उनके फेसबुक पर जेनी टेशिनुला से दोस्ती हुई थी। जेनी टेशिनुला ने उनके चाचा को अपना परिचित बताया था। इसके बाद नंबरों का आदान प्रदान हो गया था। इसके अलावा उन्होंने किसी को चाचा की जानकारी नहीं दी थी।
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प्रताप विहार निवासी महिला निजी स्कूल में अध्यापिका हैं। उन्होंने बताया कि उनके चाचा इंग्लैंड में डाॅक्टर हैं। वह अक्सर पार्सल भेजते हैं। फरवरी माह में चाचा के नंबर से उन्हें पार्सल भेजने का मेसेज आया। जिसमें लैपटाॅप व अन्य सामान आना था। कुछ दिन बाद उनके नंबर पर एक युवक ने फोन किया। उसने स्वयं को कुरियर कंपनी से बताते हुए पार्सल के एवज में 30 हजार रुपये की मांग की। कुछ देर बाद दोबारा फोन कर युवक ने बताया कि पार्सल में पाउंड करंसी है। करंसी मंगवाना अवैध है। इनकम टैक्स के रूप में डेढ़ लाख रुपये देने होंगे। शक होने पर उन्होंने अपने चाचा के नंबर पर बात की तो ठगों ने चाचा बनकर बात किया। ठगों ने बताया कि इंग्लैंड में रुपये भेजने की लिमिट समाप्त हो गई थी, इसलिए रुपये पार्सल में भेजे हैं। बात होने के बाद उन्होंने रुपये ट्रांसफर कर दिए लेकिन युवक ने उन्हें दोबारा फोन कर उनसे 1.70 लाख रुपये खाते में डलवा लिए। एसीपी कोतवाली सुजीत राय का कहना है कि मामले में रिपोर्ट दर्ज कर साइबर सेल की मदद से जांच की जा रही है।
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फेसबुक से किया फालो
अध्यापिका का कहना है कि उनके फेसबुक पर जेनी टेशिनुला से दोस्ती हुई थी। जेनी टेशिनुला ने उनके चाचा को अपना परिचित बताया था। इसके बाद नंबरों का आदान प्रदान हो गया था। इसके अलावा उन्होंने किसी को चाचा की जानकारी नहीं दी थी।
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