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Ghaziabad News: लोनी की फर्म में डेढ़ करोड़ की कर चोरी का मामला, 45.74 लाख जमा

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 23 Oct 2026 01:08 AM IST
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Case of Rs 1.5 crore tax evasion at a Loni-based firm; Rs 45.74 lakh deposited
गाजियाबाद। राज्य कर विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा (एसआईबी) की रेंज-बी इकाई ने लोनी स्थित फर्म आरएस सर्विसेज में करीब डेढ़ करोड़ रुपये के कर अपवंचन का मामला पकड़ा है। फर्म पर दिल्ली की पांच निरस्त और अस्तित्वहीन फर्मों से 1.11 करोड़ रुपये की बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) लेने का आरोप है। जांच के दौरान टीम ने फर्म से 45.74 लाख रुपये जमा कराए हैं। अपर आयुक्त ग्रेड-टू, जोन प्रथम रामकेश्वर ने बताया कि बुधवार को जी-2741, रामपार्क एक्सटेंशन, हकीकतपुर उर्फ खुदावास, लोनी स्थित फर्म की जांच की गई। फर्म ने कॉन्ट्रैक्ट, स्टाफ सर्विसिंग, टैक्स कंसल्टेंसी और कूरियर सेवाओं के लिए जीएसटी पंजीकरण ले रखा है। फर्म 22 अप्रैल 2022 से पंजीकृत है।
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जांच में सामने आया कि फर्म ने वित्तीय वर्ष 2025-26 और 2026-27 के दौरान दिल्ली की पांच ऐसी फर्मों से 1.11 करोड़ रुपये की आईटीसी ली, जो विभागीय रिकॉर्ड में निरस्त और अस्तित्वहीन हैं। इन फर्मों के रिकॉर्ड में कोई इनवर्ड सप्लाई प्रदर्शित नहीं हो रही थी, इसके बावजूद इनके माध्यम से गाजियाबाद की फर्म को बोगस आईटीसी पास ऑन की गई।
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रिटर्न में 42.65 लाख की अतिरिक्त आईटीसी भी मिली
अपर आयुक्त ने बताया कि दिल्ली की उक्त फर्मों से प्राप्त आईटीसी के अलावा रिटर्न में 42.65 लाख रुपये की अतिरिक्त आईटीसी क्लेम किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। इस तरह प्रथमदृष्टया करीब 1.50 करोड़ रुपये के कर अपवंचन का मामला बन रहा है।
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जांच के दौरान फर्म के मालिक जय प्रकाश गुप्ता व्यापार स्थल पर मौजूद मिले। मौके पर कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) संचालित मिला। फर्म मालिक ने बोगस फर्मों से आईटीसी लेने की जानकारी होने से इन्कार किया। उनका कहना था कि फर्म के रिटर्न चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) दाखिल करते हैं और फर्म का आईडी-पासवर्ड भी उन्हीं के पास रहता है।

जांच टीम में राज्य कर अधिकारी सतीश तिवारी और हरिशंकर शिवहरे शामिल रहे। विभाग का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है और फर्जी आईटीसी नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं को भी खंगाला जा रहा है।
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