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अपहरण के बाद कत्ल: फिरौती के लिए नौकर ने मासूम को मार डाला, बिलखता पिता बोला- मन्नतों के बाद मिला था चिराग
Tue, 20 Jun 2023 02:21 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, बुलंदशहर
अमर उजाला नेटवर्क, बुलंदशहर
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 20 Jun 2023 02:21 PM IST
सार
बुलंदशहर से सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां आठ साल के मासूम की अपहरण के बाद नौकर ने ही हत्या कर दी। आरोपी ने हत्या के बाद फिरौती मांगी थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
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मासूम चिराग की हत्या
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बुलंदशहर के खुर्जा के अरनिया थाना इलाके के जहानपुर से 15 जून को अपहृत आठ वर्षीय चिराग की आरोपी नौकर ने शोर मचाने पर गला दबाकर हत्या कर दी थी। रविवार देर रात पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में गिरफ्तार आरोपी ने यह जानकारी दी। वारदात में उसकी पत्नी भी शामिल रही।
आरोपी की पत्नी की निशानदेही पर पुलिस ने अलीगढ़ के चंडौस थाना क्षेत्र के गांव कसेरू-टीकरी के जंगल से चिराग का शव सड़ी-गली अवस्था में बरामद कर लिया। 15 जून को अरनिया थाना क्षेत्र के गांव जहानपुर निवासी राजेश चौहान ने पुलिस को तहरीर दी थी।
बताया था कि दोपहर के समय वह अपने खेत पर नौकर अरुण चंद उर्फ आलोक व आठ वर्षीय पुत्र चिराग उर्फ अंचित के साथ मौजूद था। राजेश ने नौकर को खेत से बाइक लेकर पेट्रोल पंप पर तेल डलवाने के लिए भेजा था। साथ ही चिराग को भी घर छोड़ने के लिए कहा था। तब से चिराग और नौकर दोनों लापता थे।
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पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी की फुटेज देखी तो आरोपी बच्चे को ले जाते हुए दिख गया। रविवार देर रात अरनिया और खुर्जा देहात पुलिस संयुक्त रूप से दशहरा फ्लाईओवर पर चेकिंग कर रही थीं। इसी दौरान बाइक सवार युवक पुलिस को देखकर बाइक मोड़कर भागने की कोशिश करने लगा।
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आरोपी की पत्नी की निशानदेही पर पुलिस ने अलीगढ़ के चंडौस थाना क्षेत्र के गांव कसेरू-टीकरी के जंगल से चिराग का शव सड़ी-गली अवस्था में बरामद कर लिया। 15 जून को अरनिया थाना क्षेत्र के गांव जहानपुर निवासी राजेश चौहान ने पुलिस को तहरीर दी थी।
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बताया था कि दोपहर के समय वह अपने खेत पर नौकर अरुण चंद उर्फ आलोक व आठ वर्षीय पुत्र चिराग उर्फ अंचित के साथ मौजूद था। राजेश ने नौकर को खेत से बाइक लेकर पेट्रोल पंप पर तेल डलवाने के लिए भेजा था। साथ ही चिराग को भी घर छोड़ने के लिए कहा था। तब से चिराग और नौकर दोनों लापता थे।
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पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी की फुटेज देखी तो आरोपी बच्चे को ले जाते हुए दिख गया। रविवार देर रात अरनिया और खुर्जा देहात पुलिस संयुक्त रूप से दशहरा फ्लाईओवर पर चेकिंग कर रही थीं। इसी दौरान बाइक सवार युवक पुलिस को देखकर बाइक मोड़कर भागने की कोशिश करने लगा।
पुलिस टीम ने उसका पीछा किया तो आरोपी ने टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी फायरिंग में आरोपी के पैर में गोली लगी और वह सड़क पर गिर गया। आरोपी की शिनाख्त बच्चे के अपहरणकर्ता अरुण चंद उर्फ आलोक निवासी गांव सियाखास थाना जवां के रूप में हुई।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पहले पेट्रोल पंप पर पहुंचा लेकिन तेल नहीं डलवाया। बच्चे को बाइक पर बैठाकर अपने गांव की ओर चल दिया। इसी बीच चिराग ने शोर मचाना शुरू कर दिया। जिस पर उसकी गला दबाकर हत्या कर दी और शव को चंडौस थाना क्षेत्र के गांव कसेरू-टीकरी के जंगल में फेंक दिया। वारदात में उसकी पत्नी रजनी ने भी साथ दिया।
हत्या के बाद 15 लाख की मांगी फिरौती
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि चिराग की हत्या के बाद वह अपने गांव सियाखास पहुंच गया था। वहां उसने पत्नी रजनी को बच्चे की हत्या की जानकारी दी। इसके बाद दोनों ने बच्चे के जीवित होने की झूठी कहानी के साथ 15 लाख रुपये की फिरौती मांगने की योजना बनाई।
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि चिराग की हत्या के बाद वह अपने गांव सियाखास पहुंच गया था। वहां उसने पत्नी रजनी को बच्चे की हत्या की जानकारी दी। इसके बाद दोनों ने बच्चे के जीवित होने की झूठी कहानी के साथ 15 लाख रुपये की फिरौती मांगने की योजना बनाई।
आरोपी अपने साथ राजेश का फोन भी ले गया था। उसने 16 जून को राजेश के फोन से उसके भांजे को मिस कॉल की। इस पर भांजे ने कॉल किया तो आरोपी अरुण ने उससे अगले दिन 17 जून को शाम चार बजे 15 लाख रुपये फिरौती की मांग की।
चार माह के मासूम की हत्या में मिली थी आजीवन कारावास की सजा, जमानत पर था
अरुणचंद ने सात साल पहले भी छतारी थाना क्षेत्र के गांव बरखेड़ा हसनगढ़ी में चार माह के बच्चे की अपहरण के बाद हत्या कर दी थी। मामले में पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था, जिसको न्यायालय से आजीवन कारावास की सजा हुई थी। फरवरी माह में ही वह जमानत पर बाहर आया था। एसएसपी ने बताया कि आरोपी ने 16 जून 2016 को वारदात की थी।
अरुणचंद ने सात साल पहले भी छतारी थाना क्षेत्र के गांव बरखेड़ा हसनगढ़ी में चार माह के बच्चे की अपहरण के बाद हत्या कर दी थी। मामले में पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था, जिसको न्यायालय से आजीवन कारावास की सजा हुई थी। फरवरी माह में ही वह जमानत पर बाहर आया था। एसएसपी ने बताया कि आरोपी ने 16 जून 2016 को वारदात की थी।
पीड़ित रेशमपाल और अरुण की दोस्ती अलीगढ़ में हुई थी। आर्थिक तंगी बताकर आरोपी अरुण 15 जून 2016 को छतारी स्थित रेशमपाल के घर पर आ गया था। 16 जून को रेशमपाल और उसकी पत्नी अपने चार माह के बेटे अमन को छोड़कर खेत चले गए थे।
इसी दौरान अरुण ने अमन का अपहरण कर लिया और एक ग्रामीण को फोन किया और पांच लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। इसमें पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। बच्चे का शव अलीगढ़ से बरामद किया गया था।
बिलखता रहा पिता बोला- बड़ी मन्नतों के बाद मिला था चिराग
चिराग की हत्या के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। रोते बिलखते चिराग के पिता राजेश चौहान ने कहा कि बड़ी मन्नतों के बाद चिराग का जन्म हुआ था। शादी के बाद सबसे बड़ी बेटी भावना का जन्म हुआ। उसके बाद छोटी बेटी का जन्म हुआ। ऐसे में घर का वंश आगे बढ़ाने के लिए उसने कई मंदिरों में मन्नत मांगी थी। उसकी पत्नी ने व्रत भी रखे। काफी मन्नतों के बाद आठ साल पहले चिराग का जन्म हुआ था।