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Bulandshahr Accident: 11 परिवारों की आर्थिक स्थिति खराब... अब रोजी-रोटी का संकट; अब कमाने वाला कोई नहीं बचा
Mon, 19 Aug 2024 11:41 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, बुलंदशहर
अमर उजाला नेटवर्क, बुलंदशहर
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 19 Aug 2024 11:41 AM IST
सार
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में रविवार सुबह दर्दनाक हादसा हुआ। मेरठ-बदायूं स्टेट हाईवे पर गांव सलेमपुर के पास मजदूरों से भरी पिकअप गाड़ी को डग्गामार बस ने टक्कर मार दी। हादसे में पिकअप सवार 11 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 29 गंभीर रूप से घायल हो गए।
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Bulandshahr Accident
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बुलंदशहर में बस की टक्कर से जान गंवाने वाले पिकअप सवार 11 मजदूरों की मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। ज्यादातर के परिवार में अब कोई कमाने वाला नहीं बचा है। अधिकतर मजदूरों के पास खेती के लिए पर्याप्त जमीन भी नहीं है।
हादसे में जान गंवाने वाले दीनानाथ के पुत्र धर्मेंद्र ने बताया कि घर चलाने के लिए उसके पिता मजदूरी करते थे। उनके पास केवल दो बीघा जमीन है। दो बहनों समेत पांच लोगों का परिवार केवल पिता की मजदूरी से चल रहा था।
धर्मेंद्र ने बताया कि वह खुद भी गाजियाबाद की कंपनी में नौकरी करता है। मौके के शिकार हुए गिरिराज और बाबू सिंह अविवाहित थे, उनके भाई सतीश ने बताया कि घर में पांच भाई, एक बहन और माता-पिता हैं। घर की जिम्मेदारी पांचों भाइयों पर थी। मां-बाप उम्रदराज होने के कारण चल-फिर नहीं सकते। उनके पिता के पास कुल पांच बीघा कृषि योग्य जमीन है।
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मृतक सुगड़पाल के भाई हरकेश ने बताया कि उसके भाई की आर्थिक स्थिति काफी दयनीय है। मजदूरी कर वह अपने परिवार का लालन-पालन कर रहा था। उसकी मौत के बाद पत्नी व बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक शिशुपाल के परिजनों ने बताया कि परिवार के सामने रोजी-रोटी कमाने का संकट खड़ा हो गया है। शिशुपाल के बच्चे छोटे हैं।
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हादसे में जान गंवाने वाले दीनानाथ के पुत्र धर्मेंद्र ने बताया कि घर चलाने के लिए उसके पिता मजदूरी करते थे। उनके पास केवल दो बीघा जमीन है। दो बहनों समेत पांच लोगों का परिवार केवल पिता की मजदूरी से चल रहा था।
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धर्मेंद्र ने बताया कि वह खुद भी गाजियाबाद की कंपनी में नौकरी करता है। मौके के शिकार हुए गिरिराज और बाबू सिंह अविवाहित थे, उनके भाई सतीश ने बताया कि घर में पांच भाई, एक बहन और माता-पिता हैं। घर की जिम्मेदारी पांचों भाइयों पर थी। मां-बाप उम्रदराज होने के कारण चल-फिर नहीं सकते। उनके पिता के पास कुल पांच बीघा कृषि योग्य जमीन है।
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मृतक सुगड़पाल के भाई हरकेश ने बताया कि उसके भाई की आर्थिक स्थिति काफी दयनीय है। मजदूरी कर वह अपने परिवार का लालन-पालन कर रहा था। उसकी मौत के बाद पत्नी व बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक शिशुपाल के परिजनों ने बताया कि परिवार के सामने रोजी-रोटी कमाने का संकट खड़ा हो गया है। शिशुपाल के बच्चे छोटे हैं।
ऊंचागांव निवासी ओमकार की मौत के बाद उसके भाई, मां समेत अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया जा रहा है कि ओमकार के बड़े भाई कुंवरपाल की शादी हो चुकी है, जबकि ओमकार अभी अविवाहित था। ओमकार करीब दो माह पहले घर से गाजियाबाद नौकरी के लिए गया था।
दर्दनाक हादसे में 11 मजदूरों की मौत
मेरठ-बदायूं स्टेट हाईवे पर गांव सलेमपुर के पास रविवार सुबह करीब सवा दस बजे मजदूरों से भरी पिकअप गाड़ी को डग्गामार बस ने जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में पिकअप सवार 11 मजदूरों की मौत हो गई जबकि 29 गंभीर रूप से घायल हो गए। तेज रफ्तार बस के किसी वाहन को ओवरटेक करते समय पिकअप से आगे की तरफ टकरा जाने से यह हादसा हुआ। बस की टक्कर से अनियंत्रित होकर पिकअप पेड़ से जा टकराई, जबकि बस सड़क पर पलटते हुए पिकअप से फिर से टकरा गई।
मेरठ-बदायूं स्टेट हाईवे पर गांव सलेमपुर के पास रविवार सुबह करीब सवा दस बजे मजदूरों से भरी पिकअप गाड़ी को डग्गामार बस ने जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में पिकअप सवार 11 मजदूरों की मौत हो गई जबकि 29 गंभीर रूप से घायल हो गए। तेज रफ्तार बस के किसी वाहन को ओवरटेक करते समय पिकअप से आगे की तरफ टकरा जाने से यह हादसा हुआ। बस की टक्कर से अनियंत्रित होकर पिकअप पेड़ से जा टकराई, जबकि बस सड़क पर पलटते हुए पिकअप से फिर से टकरा गई।
गाजियाबाद के बुलंदशहर रोड बी-10 स्थित ब्रिटैनिया डेल्टा फूड फैक्टरी में काम करने वाले मजदूर रक्षाबंधन मनाने के लिए पिकअप से घर जा रहे थे। मजदूर अलीगढ़ के गांव रायपुर खास अहीर नगला के हैं। सलेमपुर के ठीक सामने बस की टक्कर लगते ही मजदूर उछलकर सड़क पर जा गिरे। बस ड्राइवर स्टेयरिंग में फंसकर गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गया। क्रेन की मदद से बस को उठाकर उसे बाहर निकाला जा सका। बस में सवार कई यात्रियों को गंभीर चोटें आई हैं।
घायलों के खून से सड़क का एक हिस्सा लाल हो गया। उनकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मदद के लिए आए। लोगों ने निजी वाहनों से घायलों को अस्पताल पहुंचाया। घायलों में 13 को हायर सेंटर रेफर किया गया है। नौ का जिला अस्पताल और अन्य का उपचार निजी अस्पतालों में चल रहा है। पिकअप अलीगढ़ के गांव अहेरिया नगला के अच्छे लाल की है। वह ही इसको चला रहा था। घायलों ने बताया कि उनसे 200 रुपये प्रति सवारी लिए गए थे। अहेरिया नगला के 27 लोग थे। कई सवारियां रास्ते से ली थीं। हादसे में अच्छे लाल भी घायल हुआ है।
हादसे पर फूटा लोगों का गुस्सा
हादसे के बाद मौके पर काफी लोग जमा हो गए। उन्होंने गुस्सा जाहिर करते हुए जाम लगा दिया। उनका कहना था कि डग्गामार वाहनों पर किसी तरह का कोई अंकुश नहीं है। इनकी वजह से आए दिन हादसे हो रहे हैं। लोगों का कहना था कि हादसे के बाद कॉल करने पर भी पुलिस देरी से आई। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें डग्गामार वाहनों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस पर लोग शांत हुए।
हादसे की जांच होगी
हादसे के बाद मौके पर काफी लोग जमा हो गए। उन्होंने गुस्सा जाहिर करते हुए जाम लगा दिया। उनका कहना था कि डग्गामार वाहनों पर किसी तरह का कोई अंकुश नहीं है। इनकी वजह से आए दिन हादसे हो रहे हैं। लोगों का कहना था कि हादसे के बाद कॉल करने पर भी पुलिस देरी से आई। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें डग्गामार वाहनों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस पर लोग शांत हुए।
हादसे की जांच होगी
सलेमपुर के सामने हुए हादसे की जांच कराई जाएगी। पहली प्राथमिकता घायलों को बेहतर उपचार दिलाने की है। इसके लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया है - सीपी सिंह, डीएम
मृतकों में नौ एक ही गांव के
11 मृतकों में से नौ अलीगढ़ के गांव अहेरिया नगला के हैं। इसमें नगला अहेरिया के मृतकों में मुकुट सिंह, दीनानाथ, ब्रजेश, शिशुपाल, बाबू सिंह, गिरिजा सिंह, सुगड़पाल और जेपी पुत्र वीरेश यादव, सुरेंद्र पुत्र सरजीत निवासी पाली मुकीमपुर अतरौली अलीगढ़ है। जबकि महेश निवासी निबाड़ी थाना रामघाट बुलंदशहर और ओमकार निवासी ऊंचागांव, रामघाट बुलंदशहर हैं।
11 मृतकों में से नौ अलीगढ़ के गांव अहेरिया नगला के हैं। इसमें नगला अहेरिया के मृतकों में मुकुट सिंह, दीनानाथ, ब्रजेश, शिशुपाल, बाबू सिंह, गिरिजा सिंह, सुगड़पाल और जेपी पुत्र वीरेश यादव, सुरेंद्र पुत्र सरजीत निवासी पाली मुकीमपुर अतरौली अलीगढ़ है। जबकि महेश निवासी निबाड़ी थाना रामघाट बुलंदशहर और ओमकार निवासी ऊंचागांव, रामघाट बुलंदशहर हैं।