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तीसरी लहर से पहले 1503 बच्चे रेड जोन में
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तीसरी लहर से पहले 1503 बच्चे रेड जोन में
सिकंदराबाद। कोरोना की तीसरी लहर के मद्देनजर तैयारी में जुटे बाल विकास विभाग ने वजन अभियान के दौरान 1503 बच्चों को अतिकुपोषित, कुपोषित की श्रेणी में शामिल किया है। सभी बच्चों के रेड जोन में होने के कारण विभाग ऐसे सभी बच्चों को कोरोना की तीसरी लहर से बचाने के प्रयास में जुटा हुआ है।
सुपर वाइजर मंजू पांडे ने बताया कि तहसील क्षेत्र में कुपोषित बच्चों का पता लगाने के लिए संभव अभियान के तहत जीरो से पांच वर्ष तक के बच्चों का वजन किया गया था। इस दौरान तहसील क्षेत्र की 96 ग्राम पंचायतों में 358 आंगनबाड़ी केंद्रों पर 27412 बच्चों का वजन किया गया। आयु और वजन के आधार पर 417 बच्चे अतिकुपोषित, 1086 बच्चे कुपोषित पाए गए। कोरोना की तीसरी लहर के दौरान उक्त सभी बच्चों को संक्रमण से बचाने के लिए उन्हें अतिकुपोषित, कुपोषित की श्रेणी से निकालकर सामान्य श्रेणी में लाने के लिए तैयारी शुरू कर दी गई है।
आंगनबाड़ी पौष्टिक आहार की देंगी जानकारी
कुपोषित बच्चों को सामान्य बच्चों की श्रेणी में लाने के लिए आंगनबाड़ी उनके घर जाकर परिवार के लोगों को पौष्टिक आहार की जानकारी देंगी। समय-समय पर बच्चों को दिए जाने वाले आहार के बारे में जानकारी भी करेगी। कुपोषण का शिकार बच्चों को सामान्य श्रेणी में लाने के लिए चिकित्सकों से भी परामर्श लिया जाएगा। आंगनबाड़ी कार्यकत्री ऐसे सभी बच्चों को उनके परिवार के साथ लेकर चिकित्सकों के पास उपचार के लिए लेकर पहुंचेगी। समय-समय पर बच्चों की स्वास्थ्य जांच भी कराएगी।
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भेजा जाएगा पुर्नवास पोषण केंद्र
बताया कि अति गंभीर बच्चों को पुर्नवास केंद्र भेजा जाएगा। जहां उनका नियमित रूप से उपचार कराया जाएगा। जब तक कुपोषित बच्चे सामान्य श्रेणी में शामिल नहीं हो जाते। उनकी बराबर मॉनिटरिंग की जाएगी। ऐसी सभी बच्चे पूरी तरह से निगरानी में रहेंगे। उनके स्वास्थ्य और आहार संबंधी पूरी जानकारी विकास के पास उपलब्ध रहेगी।
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सिकंदराबाद। कोरोना की तीसरी लहर के मद्देनजर तैयारी में जुटे बाल विकास विभाग ने वजन अभियान के दौरान 1503 बच्चों को अतिकुपोषित, कुपोषित की श्रेणी में शामिल किया है। सभी बच्चों के रेड जोन में होने के कारण विभाग ऐसे सभी बच्चों को कोरोना की तीसरी लहर से बचाने के प्रयास में जुटा हुआ है।
सुपर वाइजर मंजू पांडे ने बताया कि तहसील क्षेत्र में कुपोषित बच्चों का पता लगाने के लिए संभव अभियान के तहत जीरो से पांच वर्ष तक के बच्चों का वजन किया गया था। इस दौरान तहसील क्षेत्र की 96 ग्राम पंचायतों में 358 आंगनबाड़ी केंद्रों पर 27412 बच्चों का वजन किया गया। आयु और वजन के आधार पर 417 बच्चे अतिकुपोषित, 1086 बच्चे कुपोषित पाए गए। कोरोना की तीसरी लहर के दौरान उक्त सभी बच्चों को संक्रमण से बचाने के लिए उन्हें अतिकुपोषित, कुपोषित की श्रेणी से निकालकर सामान्य श्रेणी में लाने के लिए तैयारी शुरू कर दी गई है।
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आंगनबाड़ी पौष्टिक आहार की देंगी जानकारी
कुपोषित बच्चों को सामान्य बच्चों की श्रेणी में लाने के लिए आंगनबाड़ी उनके घर जाकर परिवार के लोगों को पौष्टिक आहार की जानकारी देंगी। समय-समय पर बच्चों को दिए जाने वाले आहार के बारे में जानकारी भी करेगी। कुपोषण का शिकार बच्चों को सामान्य श्रेणी में लाने के लिए चिकित्सकों से भी परामर्श लिया जाएगा। आंगनबाड़ी कार्यकत्री ऐसे सभी बच्चों को उनके परिवार के साथ लेकर चिकित्सकों के पास उपचार के लिए लेकर पहुंचेगी। समय-समय पर बच्चों की स्वास्थ्य जांच भी कराएगी।
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भेजा जाएगा पुर्नवास पोषण केंद्र
बताया कि अति गंभीर बच्चों को पुर्नवास केंद्र भेजा जाएगा। जहां उनका नियमित रूप से उपचार कराया जाएगा। जब तक कुपोषित बच्चे सामान्य श्रेणी में शामिल नहीं हो जाते। उनकी बराबर मॉनिटरिंग की जाएगी। ऐसी सभी बच्चे पूरी तरह से निगरानी में रहेंगे। उनके स्वास्थ्य और आहार संबंधी पूरी जानकारी विकास के पास उपलब्ध रहेगी।