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अतिक्रमण से बिगड़ी बजरिया की सूरत, कारोबार प्रभावित
ब्यूरो, अमर उजाला /गाजियाबाद
Updated Thu, 02 Mar 2017 11:09 PM IST
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बजरिया में अतिक्रमण के कारण लगा जाम
- फोटो : अमर उजाला
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अंग्रेजी शासनकाल में बसा बजरिया क्षेत्र गाजियाबाद के सबसे पुराने बाजारों में से एक है। यहां शहर का सबसे बड़ा गुरुद्वारा और जैन मंदिर भी मौजूद है। रिफ्यूजी एरिया के तौर पर प्रसिद्ध इस क्षेत्र में एक समय पर हर तरह का कारोबार था लेकिन अतिक्रमण ने इस बाजार की सूरत भी बिगाड़ दी है। अब यहां ज्यादातर होटल ही बचे हैं। अतिक्रमण और जाम यहां के कारोबार पर भारी असर पड़ रहा है।
करीब 300 दुकानों वाले बजरिया में अतिक्रमण और जाम से न केवल स्थानीय लोग परेशान हैं बल्कि अधिकांश दुकानदार भी नाराज हैं। चंद दुकानदारों की वजह से पूरा बाजार खामियाजा भुगत रहा है। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि कुछ लोगों ने नालों को पाटकर आगे शटर लगा लिए हैं, जिसके बाहर दुकानदार सामान रख देते हैं।
यानी साइड पटरियां खत्म हो गईं हैं। अब दुकानों पर आने वाले ग्राहकों के वाहन सड़क पर खड़े हो जाते हैं और जाम का कारण बन जाते हैं। इसकी वजह से धीरे-धीरे दुकानदार अपना कारोबार दूसरे स्थानों पर शिफ्ट करने लगे हैं।
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नगर निगम के खिलाफ गुस्सा
स्थानीय लोगों में अतिक्रमण को लेकर दुकानदारों के खिलाफ गुस्सा है ही, नगर निगम के अफसरों के प्रति भी जबरदस्त नाराजगी है। उनका कहना है कि कई वर्षों से शहर में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान नहीं चला है। इसकी वजह से अतिक्रमण करने वालों के हौंसलें बुलंद हैं। हालात यह है कि दोपहर के समय बजरिया में भीषण जाम लग जाता है।
कोट्स
नगर निगम अधिकारियों की शह पर लोगों ने बजरिया में नाले कब्जा लिए हैं। वक्फ बोर्ड की जमीन पर काबिज लोगों ने 20-20 फीट अतिक्रमण कर लिया है। सरकारी एजेंसी अतिक्रमण हटाने में फेल हो रहे हैं। शिकायत पर भी नगर निगम अधिकारी कार्रवाई नहीं करते। - एसपी सिंह ओबराय, कारोबारी
अतिक्रमण के लिए नगर निगम के साथ-साथ खुद दुकानदार भी जिम्मेदार हैं। जहां कस्टमर के वाहन खड़े होने चाहिए, वहां तक खुद ही सामान रख देते हैं। इसकी वजह से जाम लगता है और असर कारोबार पर भी पड़ता है।
अब ग्राहक यहां कम आने लगे हैं। निगम अफसरों से भी कहा था कि व्यापार मंडल अतिक्रमण हटवाने में साथ रहेगा, लेकिन कार्रवाई नहीं की जा रही। - जीत सिंह राणा, अध्यक्ष, बजरिया व्यापार मंडल
अतिक्रमण हटाने के लिए जिला प्रशासन, जीडीए व अन्य विभागों के साथ मिलकर प्लानिंग की जाएगी। आचार संहिता खत्म होने के बाद जिला प्रशासन को पत्र भेजकर ज्वाइंट मीटिंग बुलाए जाने की डिमांड करेंगे। पुलिस की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया जाएगा। - अब्दुल समद, नगर आयुक्त
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करीब 300 दुकानों वाले बजरिया में अतिक्रमण और जाम से न केवल स्थानीय लोग परेशान हैं बल्कि अधिकांश दुकानदार भी नाराज हैं। चंद दुकानदारों की वजह से पूरा बाजार खामियाजा भुगत रहा है। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि कुछ लोगों ने नालों को पाटकर आगे शटर लगा लिए हैं, जिसके बाहर दुकानदार सामान रख देते हैं।
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यानी साइड पटरियां खत्म हो गईं हैं। अब दुकानों पर आने वाले ग्राहकों के वाहन सड़क पर खड़े हो जाते हैं और जाम का कारण बन जाते हैं। इसकी वजह से धीरे-धीरे दुकानदार अपना कारोबार दूसरे स्थानों पर शिफ्ट करने लगे हैं।
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नगर निगम के खिलाफ गुस्सा
स्थानीय लोगों में अतिक्रमण को लेकर दुकानदारों के खिलाफ गुस्सा है ही, नगर निगम के अफसरों के प्रति भी जबरदस्त नाराजगी है। उनका कहना है कि कई वर्षों से शहर में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान नहीं चला है। इसकी वजह से अतिक्रमण करने वालों के हौंसलें बुलंद हैं। हालात यह है कि दोपहर के समय बजरिया में भीषण जाम लग जाता है।
कोट्स
नगर निगम अधिकारियों की शह पर लोगों ने बजरिया में नाले कब्जा लिए हैं। वक्फ बोर्ड की जमीन पर काबिज लोगों ने 20-20 फीट अतिक्रमण कर लिया है। सरकारी एजेंसी अतिक्रमण हटाने में फेल हो रहे हैं। शिकायत पर भी नगर निगम अधिकारी कार्रवाई नहीं करते। - एसपी सिंह ओबराय, कारोबारी
अतिक्रमण के लिए नगर निगम के साथ-साथ खुद दुकानदार भी जिम्मेदार हैं। जहां कस्टमर के वाहन खड़े होने चाहिए, वहां तक खुद ही सामान रख देते हैं। इसकी वजह से जाम लगता है और असर कारोबार पर भी पड़ता है।
अब ग्राहक यहां कम आने लगे हैं। निगम अफसरों से भी कहा था कि व्यापार मंडल अतिक्रमण हटवाने में साथ रहेगा, लेकिन कार्रवाई नहीं की जा रही। - जीत सिंह राणा, अध्यक्ष, बजरिया व्यापार मंडल
अतिक्रमण हटाने के लिए जिला प्रशासन, जीडीए व अन्य विभागों के साथ मिलकर प्लानिंग की जाएगी। आचार संहिता खत्म होने के बाद जिला प्रशासन को पत्र भेजकर ज्वाइंट मीटिंग बुलाए जाने की डिमांड करेंगे। पुलिस की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया जाएगा। - अब्दुल समद, नगर आयुक्त