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Ghaziabad News: केडब्ल्यू सृष्टि के पानी में मिला बैक्टीरिया, सभी 23 नमूने फेल
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गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन की बड़ी सोसायटियों में से एक केडब्ल्यू सृष्टि का पानी पीने लायक नहीं है। पानी में बैक्टीरिया है। इस पानी को पीने से बीमार होने का खतरा है। यह रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग ने दी है। इसके साथ ही बिल्डर को हिदायत दी गई है कि सात दिन के भीतर सोसायटी में डोजियर पंप लगवाकर पानी की गुणवत्ता ठीक की जाए। डोजियर से पानी में क्लोरीन मिलाई जाती है। क्लोरीन से बैक्टीरिया खत्म हो जाता है।
सोसायटी में दूषित पानी की आपूर्ति की शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पहले एक टावर से पांच नमूने लिए थे। इनकी जांच में पानी पीने लायक नहीं मिला। इस पर सभी 11 टावर से कुल 23 नमूने लिए गए। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि सोमवार को इनकी रिपोर्ट आ गई।
रिपोर्ट में पानी दूषित मिला है। आपूर्ति बोरवेल के माध्यम से की जाती है। इस पानी में बैक्टीरिया मिला है। सोसायटी में डोजियर पंप नहीं लगा है। इस वजह से पानी में क्लोरीन नहीं मिलाई जा रही है। राजनगर एक्सटेंशन जीडीए की योजना है। इसलिए, जीडीए को पत्र लिखा गया है। साथ ही स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के महानिदेशक को रिपोर्ट भेजी गई है।
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1500 फ्लैट हैं सोसायटी में
सोसायटी निवासी तपेश शर्मा ने बताया कि 11 टावरों में 1500 फ्लैट हैं। इनमें पांच हजार से ज्यादा लोग रहते हैं। सोसायटी में पीने के पानी की सप्लाई के लिए 14 वाटर टैंक लगे हैं। सोसायटी के लोगों की शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग ने पानी की जांच कराई है। 10 साल से बिल्डर सोसायटी के रख-रखाव की जिम्मेदारी खुद संभाले हुए हैं। इसे आरडब्ल्यूए को नहीं सौंपा जा रहा है।
पानी का टीडीएस 600 से अधिक
जिला सर्विलांस अधिकारी ने बताया कि पानी का टोटल डिसाल्वड सॉलिड (टीडीएस) 600 से अधिक पाया गया। पानी की सप्लाई व्यवस्था सुधारने के भी निर्देश दिए गए हैं। यदि एक सप्ताह में बिल्डर की ओर से बताए गए सुधार नहीं किया जाता है तो प्रशासन को बिल्डर के खिलाफ कार्रवाई के लिए संस्तुति की जाएगी। जिला एमएमजी अस्पताल के फिजिशियन डॉ. आलोक रंजन का कहना है कि 50 से 100 के बीच (टीडीएस) सामान्य होता है। पानी में टीडीएस की मात्रा अधिक होने पर स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ता है।
दूषित पानी से लोग हो चुके हैं बीमार
मई 2024 इंदिरापुरम की साया गोल्ड एवेन्यू सोसायटी में दूषित पानी पीने से 762 लोग बीमार पड़े थे। यहां 15 नमूनों में से आठ फेल हुए थे। पानी में सीवर का बैक्टीरिया मिला था।
जुलाई 2021 में महागुनपुरम सोसायटी के गोल्फ लिंक में डेढ़ सौ बच्चे व महिलाएं बीमार हुए थे। यहां से लिए पानी के नमूने फेल हो गए थे।
जुलाई 2022 में स्वर्णजयंतीपुरम में गंदा पानी पीने से फैले डायरिया एक नवजात समेत चार की मौत 20 से अधिक हुए थे बीमार।
पांच साल का हाल
वर्ष सैंपल पास फेल
2024 1341 1050 291
2023 687 515 172
2022 1045 743 302
2021 394 280 114
-- -- -- -- -- --
इस साल की स्थिति
माह सैंपल फेल
अगस्त 122 09
जुलाई 166 17
जून 113 25
मई 373 162
अप्रैल 162 21
मार्च 106 18
फरवरी 166 28
जनवरी 110 17
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सोसायटी में दूषित पानी की आपूर्ति की शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पहले एक टावर से पांच नमूने लिए थे। इनकी जांच में पानी पीने लायक नहीं मिला। इस पर सभी 11 टावर से कुल 23 नमूने लिए गए। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि सोमवार को इनकी रिपोर्ट आ गई।
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रिपोर्ट में पानी दूषित मिला है। आपूर्ति बोरवेल के माध्यम से की जाती है। इस पानी में बैक्टीरिया मिला है। सोसायटी में डोजियर पंप नहीं लगा है। इस वजह से पानी में क्लोरीन नहीं मिलाई जा रही है। राजनगर एक्सटेंशन जीडीए की योजना है। इसलिए, जीडीए को पत्र लिखा गया है। साथ ही स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के महानिदेशक को रिपोर्ट भेजी गई है।
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1500 फ्लैट हैं सोसायटी में
सोसायटी निवासी तपेश शर्मा ने बताया कि 11 टावरों में 1500 फ्लैट हैं। इनमें पांच हजार से ज्यादा लोग रहते हैं। सोसायटी में पीने के पानी की सप्लाई के लिए 14 वाटर टैंक लगे हैं। सोसायटी के लोगों की शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग ने पानी की जांच कराई है। 10 साल से बिल्डर सोसायटी के रख-रखाव की जिम्मेदारी खुद संभाले हुए हैं। इसे आरडब्ल्यूए को नहीं सौंपा जा रहा है।
पानी का टीडीएस 600 से अधिक
जिला सर्विलांस अधिकारी ने बताया कि पानी का टोटल डिसाल्वड सॉलिड (टीडीएस) 600 से अधिक पाया गया। पानी की सप्लाई व्यवस्था सुधारने के भी निर्देश दिए गए हैं। यदि एक सप्ताह में बिल्डर की ओर से बताए गए सुधार नहीं किया जाता है तो प्रशासन को बिल्डर के खिलाफ कार्रवाई के लिए संस्तुति की जाएगी। जिला एमएमजी अस्पताल के फिजिशियन डॉ. आलोक रंजन का कहना है कि 50 से 100 के बीच (टीडीएस) सामान्य होता है। पानी में टीडीएस की मात्रा अधिक होने पर स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ता है।
दूषित पानी से लोग हो चुके हैं बीमार
मई 2024 इंदिरापुरम की साया गोल्ड एवेन्यू सोसायटी में दूषित पानी पीने से 762 लोग बीमार पड़े थे। यहां 15 नमूनों में से आठ फेल हुए थे। पानी में सीवर का बैक्टीरिया मिला था।
जुलाई 2021 में महागुनपुरम सोसायटी के गोल्फ लिंक में डेढ़ सौ बच्चे व महिलाएं बीमार हुए थे। यहां से लिए पानी के नमूने फेल हो गए थे।
जुलाई 2022 में स्वर्णजयंतीपुरम में गंदा पानी पीने से फैले डायरिया एक नवजात समेत चार की मौत 20 से अधिक हुए थे बीमार।
पांच साल का हाल
वर्ष सैंपल पास फेल
2024 1341 1050 291
2023 687 515 172
2022 1045 743 302
2021 394 280 114
इस साल की स्थिति
माह सैंपल फेल
अगस्त 122 09
जुलाई 166 17
जून 113 25
मई 373 162
अप्रैल 162 21
मार्च 106 18
फरवरी 166 28
जनवरी 110 17