{"_id":"6adfb503657acaf06f0a67e3","slug":"back-pain-issues-exacerbated-by-morning-chill-20-increase-in-patients-at-mmg-hospital-ghaziabad-news-c-30-gbd1036-1009296-2026-10-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghaziabad News: सुबह की सर्दी से बढ़ी कमर दर्द की परेशानी, एमएमजी में मरीज 20 फीसदी बढ़े","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghaziabad News: सुबह की सर्दी से बढ़ी कमर दर्द की परेशानी, एमएमजी में मरीज 20 फीसदी बढ़े
विज्ञापन
विज्ञापन
गाजियाबाद। मौसम में बदलाव और सुबह के समय बढ़ती सर्दी के बीच कमर दर्द से परेशान मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। एमएमजी अस्पताल में पिछले सात दिन में कमर दर्द की शिकायत लेकर पहुंचने वाले मरीजों की संख्या में करीब 20 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अस्पताल में रोजाना 120 से 130 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें पहले से कमर दर्द, मांसपेशियों में खिंचाव और रीढ़ संबंधी समस्याओं से परेशान लोग भी शामिल हैं।
एमएमजी अस्पताल के वरिष्ठ अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. शेखर यादव का कहना है कि मौसम में बदलाव के दौरान शरीर को नई परिस्थितियों के अनुरूप ढलने में समय लग सकता है। ठंड में कई लोग सुबह टहलना और व्यायाम करना कम कर देते हैं। इससे मांसपेशियों की सक्रियता घट सकती है। पहले से कमर दर्द या रीढ़ की समस्या से जूझ रहे लोगों को अकड़न और दर्द अधिक महसूस हो सकता है। हालांकि, कमर दर्द को केवल मौसम से जोड़ना सही नहीं है। गलत तरीके से बैठना, भारी सामान उठाना और शारीरिक गतिविधियों की कमी भी इसके प्रमुख कारण हैं।
नियमित शारीरिक गतिविधियां जरूरी
फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. सैय्यद जोहर अली नकवी ने बताया कि कमर दर्द से बचने के लिए नियमित शारीरिक गतिविधियां जरूरी हैं। लंबे समय तक एक ही मुद्रा में बैठने से कमर की मांसपेशियों पर दबाव पड़ता है। ऐसे में काम के दौरान बीच-बीच में उठकर चलना चाहिए। मरीजों को उनकी स्थिति के अनुसार स्ट्रेचिंग और फिजियोथेरेपी से लाभ मिल सकता है। दर्द लगातार बना रहने पर खुद से व्यायाम करने के बजाय विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए।
विज्ञापन
कमर दर्द के प्रमुख कारण
मांसपेशियों में खिंचाव और अकड़न, लंबे समय तक बैठकर काम करना, गलत मुद्रा में बैठना या सोना, अचानक भारी सामान उठाना और नियमित व्यायाम की कमी कमर दर्द की प्रमुख वजहें हो सकती हैं। सर्दी के दौरान सक्रियता कम होने से पहले से मौजूद समस्या अधिक महसूस हो सकती है।
बचाव के लिए क्या करें
सुबह बाहर निकलते समय पूरे शरीर को कवर करने वाले कपड़ों से ढककर रखें। नियमित रूप से हल्की सैर और अपनी क्षमता के अनुसार व्यायाम करें। बैठते समय कमर को उचित सहारा दें और लंबे समय तक एक ही मुद्रा में न रहें। भारी सामान उठाते समय कमर को अचानक झुकाने और मरोड़ने से बचें। दर्द लगातार रहने, पैर में कमजोरी या सुन्नपन होने पर चिकित्सक से परामर्श लें। मरीजों को केवल ठंड को कारण मानने के बजाय अपनी दिनचर्या, शारीरिक गतिविधियों और पहले से मौजूद समस्याओं पर भी ध्यान देना चाहिए।
एमएमजी अस्पताल के वरिष्ठ अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. शेखर यादव का कहना है कि मौसम में बदलाव के दौरान शरीर को नई परिस्थितियों के अनुरूप ढलने में समय लग सकता है। ठंड में कई लोग सुबह टहलना और व्यायाम करना कम कर देते हैं। इससे मांसपेशियों की सक्रियता घट सकती है। पहले से कमर दर्द या रीढ़ की समस्या से जूझ रहे लोगों को अकड़न और दर्द अधिक महसूस हो सकता है। हालांकि, कमर दर्द को केवल मौसम से जोड़ना सही नहीं है। गलत तरीके से बैठना, भारी सामान उठाना और शारीरिक गतिविधियों की कमी भी इसके प्रमुख कारण हैं।
विज्ञापन
नियमित शारीरिक गतिविधियां जरूरी
फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. सैय्यद जोहर अली नकवी ने बताया कि कमर दर्द से बचने के लिए नियमित शारीरिक गतिविधियां जरूरी हैं। लंबे समय तक एक ही मुद्रा में बैठने से कमर की मांसपेशियों पर दबाव पड़ता है। ऐसे में काम के दौरान बीच-बीच में उठकर चलना चाहिए। मरीजों को उनकी स्थिति के अनुसार स्ट्रेचिंग और फिजियोथेरेपी से लाभ मिल सकता है। दर्द लगातार बना रहने पर खुद से व्यायाम करने के बजाय विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए।
विज्ञापन
कमर दर्द के प्रमुख कारण
मांसपेशियों में खिंचाव और अकड़न, लंबे समय तक बैठकर काम करना, गलत मुद्रा में बैठना या सोना, अचानक भारी सामान उठाना और नियमित व्यायाम की कमी कमर दर्द की प्रमुख वजहें हो सकती हैं। सर्दी के दौरान सक्रियता कम होने से पहले से मौजूद समस्या अधिक महसूस हो सकती है।
बचाव के लिए क्या करें
सुबह बाहर निकलते समय पूरे शरीर को कवर करने वाले कपड़ों से ढककर रखें। नियमित रूप से हल्की सैर और अपनी क्षमता के अनुसार व्यायाम करें। बैठते समय कमर को उचित सहारा दें और लंबे समय तक एक ही मुद्रा में न रहें। भारी सामान उठाते समय कमर को अचानक झुकाने और मरोड़ने से बचें। दर्द लगातार रहने, पैर में कमजोरी या सुन्नपन होने पर चिकित्सक से परामर्श लें। मरीजों को केवल ठंड को कारण मानने के बजाय अपनी दिनचर्या, शारीरिक गतिविधियों और पहले से मौजूद समस्याओं पर भी ध्यान देना चाहिए।