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Ghaziabad News: दो दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर बुजुर्ग दंपती को डराया धमकाया
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गाजियाबाद। अवैध लेन-देन के मामले में संलिप्त होने का डर दिखाकर साइबर ठगों ने बुजुर्ग दंपती को डरा धमकाकर ब्लैकमेल किया। उस दौरान वह वीडियो कॉल पर सो रहे थे और शातिरों की अनुमति के बिना खाना भी नहीं खा पा रहे थे। रकम देने के लिए बुजुर्ग ने अपनी एफडी व म्यूचल फंड की रकम निकाली। हालांकि शातिरों को ट्रांसफर नहीं किए। उनका कहना है कि ऐसे में उन्हें 3.51 लाख रुपये का नुकसान हो गया। फ्रॉड का पता लगने पर उन्होंने क्रॉसिंग रिपब्लिक थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
क्रॉसिंग रिपब्लिक निवासी चंद्रशेखर प्रसाद सिंह पत्नी के साथ रहते हैं। पुलिस को दी शिकायत में उन्होंने बताया कि दो सितंबर को उनके पास एक अनजान नंबर से कॉल आई। कॉलर ने खुद को दिल्ली पुलिस का एक अधिकारी बताया। इसके बाद उसने कहा कि उनका नाम अवैध रुपये के लेन-देन में शामिल है। गिरफ्तारी और घर से उठाने का डर दिखाकर उन्होंने उनसे उनके पहचान के साथ बैंक खाते व मोबाइल की सभी जानकारी ले ली। इसके बाद शातिर ने डरा धमकाकर ब्लैकमेल करना शुरू किया। इसके बाद उन्होंने कॉल ट्रांसफर कर वीडियो कॉल पर लिया।
उन्होंने धमकी दी कि तुम्हें घर से उठवा लेंगे और बच्चों को विदेश से उठवा लेंगे। इस दौरान वे काफी डर गए और उनकी अनुमति के बिना वह वीडियो कॉल के सामने से उठ भी नहीं पा रहे थे न ही खाना खा पा रहे थे। वे वीडियो कॉल के दौरान ही पूरी रात सोए। तीन सितंबर को जब वह सुबह पांच बजे उठे तो उन्हें फिर से ब्लैकमेल करना शुरू किया। वे रकम की मांग करने लगे। डर से उन्होंने अपनी एफडी और म्युचल फंड की रकम निकाल ली लेकिन इसी बीच उन्हें शक हुआ। ऐसे में उन्होंने उन्हें रकम ट्रांसफर नहीं की। लेकिन एफडी और म्युचल फंड की रकम निकालने से उन्हें 3.51 लाख रुपये का नुकसान हो गया।
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एसीपी वेव सिटी पूनम मिश्रा ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच की जा रही है। शातिरों को ट्रेस करने के लिए टीम लगी है।
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क्रॉसिंग रिपब्लिक निवासी चंद्रशेखर प्रसाद सिंह पत्नी के साथ रहते हैं। पुलिस को दी शिकायत में उन्होंने बताया कि दो सितंबर को उनके पास एक अनजान नंबर से कॉल आई। कॉलर ने खुद को दिल्ली पुलिस का एक अधिकारी बताया। इसके बाद उसने कहा कि उनका नाम अवैध रुपये के लेन-देन में शामिल है। गिरफ्तारी और घर से उठाने का डर दिखाकर उन्होंने उनसे उनके पहचान के साथ बैंक खाते व मोबाइल की सभी जानकारी ले ली। इसके बाद शातिर ने डरा धमकाकर ब्लैकमेल करना शुरू किया। इसके बाद उन्होंने कॉल ट्रांसफर कर वीडियो कॉल पर लिया।
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उन्होंने धमकी दी कि तुम्हें घर से उठवा लेंगे और बच्चों को विदेश से उठवा लेंगे। इस दौरान वे काफी डर गए और उनकी अनुमति के बिना वह वीडियो कॉल के सामने से उठ भी नहीं पा रहे थे न ही खाना खा पा रहे थे। वे वीडियो कॉल के दौरान ही पूरी रात सोए। तीन सितंबर को जब वह सुबह पांच बजे उठे तो उन्हें फिर से ब्लैकमेल करना शुरू किया। वे रकम की मांग करने लगे। डर से उन्होंने अपनी एफडी और म्युचल फंड की रकम निकाल ली लेकिन इसी बीच उन्हें शक हुआ। ऐसे में उन्होंने उन्हें रकम ट्रांसफर नहीं की। लेकिन एफडी और म्युचल फंड की रकम निकालने से उन्हें 3.51 लाख रुपये का नुकसान हो गया।
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एसीपी वेव सिटी पूनम मिश्रा ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच की जा रही है। शातिरों को ट्रेस करने के लिए टीम लगी है।