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Ghaziabad News: फाइनेंस कंपनी में बंधक मकान को फर्जी दस्तावेज से बेचने का आरोप
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लोनी। ट्रॉनिका सिटी थानाक्षेत्र के सादाबाद डुगरावली निवासी कौशल देवी ने दंपति और निजी फाइनेंस कंपनी पर धोखाधड़ी कर 13 लाख रुपये हड़पने और फर्जी दस्तावेज से बंधक मकान बेचने का आरोप लगाया है। मामला वर्ष 2025 का है। पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर एक अप्रैल को प्राथमिकी दर्ज कर ली गई। मामले में पुलिस ने लोनी के अगरौला निवासी पंकज और उसकी पत्नी मीना व दिल्ली करोल बाग स्थित वास्तु हाउसिंग फाइनेंस कॉर्पोरेट लिमिटेड कंपनी को नामजद किया है।
पीड़िता कौशल देवी ने दी शिकायत में बताया कि वर्ष 2025 में वह एक मकान खरीदने की तलाश में थीं और यह बात जब पंकज व मीना को पता चली तो दोनों ने उनसे संपर्क किया। साथ रुपयों की जरूरत बताते हुए अपने पावी सादकपुर स्थित आवासीय मकान को उन्हें बेचने की बात कही। पावी का मकान पसंद आने पर 13 लाख रुपये में सौदा तय हुआ और 50 हजार रुपये बतौर बयाना दे दिए। तीन जून 2025 को मकान की रजिस्ट्री हो गई और तभी बकाया राशि का भुगतान भी कर दिया। इसके बाद 20 अगस्त को कुछ लोग उनके घर पहुंचे और मकान पर लोन होने व किस्तें न भरने की बात कही। साथ ही मकान खाली करने का दबाव बनाने लगे। जब उन्होंने पंकज व मीना से इस बारे में पूछा तो आरोपियों ने मोबाइल फोन पर बातचीत में उन्हें धमकी दी। साथ ही पंकज ने फोन पर बताया कि फाइनेंस कंपनी के लोगों से साठगांठ कर उन्होंने अपनी पत्नी मीना के नाम पहले मकान का दाननामा कराया और उसके बाद उसे बेच दिया। जब उन्होंने इसका विरोध किया तब आरोपियों ने परिवार समेत जान से मारने की धमकी दे दी। उन्होंने पुलिस से शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उसके बाद कमिश्नर कार्यालय से न्याय की गुहार लगाई। एसीपी अंकुर विहार ज्ञान प्रकाश राय ने बताया कि महिला की तरफ से दिए साक्ष्यों की जांच की जा रही है। आरोपियों को नोटिस भेजकर बयान दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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पीड़िता कौशल देवी ने दी शिकायत में बताया कि वर्ष 2025 में वह एक मकान खरीदने की तलाश में थीं और यह बात जब पंकज व मीना को पता चली तो दोनों ने उनसे संपर्क किया। साथ रुपयों की जरूरत बताते हुए अपने पावी सादकपुर स्थित आवासीय मकान को उन्हें बेचने की बात कही। पावी का मकान पसंद आने पर 13 लाख रुपये में सौदा तय हुआ और 50 हजार रुपये बतौर बयाना दे दिए। तीन जून 2025 को मकान की रजिस्ट्री हो गई और तभी बकाया राशि का भुगतान भी कर दिया। इसके बाद 20 अगस्त को कुछ लोग उनके घर पहुंचे और मकान पर लोन होने व किस्तें न भरने की बात कही। साथ ही मकान खाली करने का दबाव बनाने लगे। जब उन्होंने पंकज व मीना से इस बारे में पूछा तो आरोपियों ने मोबाइल फोन पर बातचीत में उन्हें धमकी दी। साथ ही पंकज ने फोन पर बताया कि फाइनेंस कंपनी के लोगों से साठगांठ कर उन्होंने अपनी पत्नी मीना के नाम पहले मकान का दाननामा कराया और उसके बाद उसे बेच दिया। जब उन्होंने इसका विरोध किया तब आरोपियों ने परिवार समेत जान से मारने की धमकी दे दी। उन्होंने पुलिस से शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उसके बाद कमिश्नर कार्यालय से न्याय की गुहार लगाई। एसीपी अंकुर विहार ज्ञान प्रकाश राय ने बताया कि महिला की तरफ से दिए साक्ष्यों की जांच की जा रही है। आरोपियों को नोटिस भेजकर बयान दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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